ED की बड़ी कार्रवाई: I-PAC दफ्तरों और अधिकारियों के ठिकानों पर देशभर में छापेमारी
ED Raid On IPAC: जांच वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेनदेन से जुड़ी हुई है. ED को शक है कि कुछ फंड्स का इस्तेमाल नियमों के विपरीत किया गया और उन्हें अवैध रूप से इधर-उधर ट्रांसफर किया गया.

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक कथित मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए हैदराबाद समेत देश के कई शहरों में I-PAC से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है. इस कार्रवाई से राजनीतिक और कॉर्पोरेट हलकों में हलचल मच गई है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के दफ्तरों और वरिष्ठ अधिकारियों के आवासों पर एक साथ छापेमारी की है. यह कार्रवाई हैदराबाद, बेंगलुरु और मुंबई सहित करीब 10 अलग-अलग स्थानों पर की जा रही है.
ईडी को संदिग्ध लेन देन का शक
सूत्रों के अनुसार, यह जांच वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेनदेन से जुड़ी हुई है. ED को शक है कि कुछ फंड्स का इस्तेमाल नियमों के विपरीत किया गया और उन्हें अवैध रूप से इधर-उधर ट्रांसफर किया गया. इसी सिलसिले में एजेंसी ने यह सर्च ऑपरेशन शुरू किया है.
हैदराबाद में भी I-PAC से जुड़े दफ्तरों और अधिकारियों के ठिकानों पर ED की टीमों ने पहुंचकर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों द्वारा कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और वित्तीय रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है, ताकि लेनदेन के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके. बताया जा रहा है कि यह मामला संभावित रूप से चुनावी फंडिंग, कंसल्टेंसी सेवाओं और कॉर्पोरेट फाइनेंसिंग से भी जुड़ा हो सकता है. हालांकि, ED ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मामले की पूरी जानकारी साझा नहीं की है.
विधानसभा चुनावों बीच ईडी की कार्रवाई ने चौंकाया
ED की यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब देश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं. I-PAC एक प्रमुख राजनीतिक रणनीतिक और डेटा एनालिटिक्स संगठन है, जो विभिन्न राजनीतिक दलों को चुनावी रणनीति और कैंपेन मैनेजमेंट में सहायता करता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस जांच के परिणाम आने वाले समय में राजनीतिक परिदृश्य पर असर डाल सकते हैं. वहीं, ED का कहना है कि जांच पूरी तरह कानून के दायरे में की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल, सभी स्थानों पर सर्च ऑपरेशन जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
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Source: IOCL
























