सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने के बाद सरकार पर भड़कीं महुआ मोइत्रा, बोलीं- 'लॉलीपॉप डील...'
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि सरकार के आश्वासन से भले वांगचुक संतुष्ट हों, लेकिन देश के युवाओं के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए.

नीट पेपर लीक मामले को लेकर 26 दिन से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है. हालांकि, इस फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं. तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि सरकार के आश्वासन से बात खत्म नहीं होती और देश के युवाओं के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही सबसे बड़ा जवाब होगा.
जानें क्या कहा महुआ मोइत्रा ने
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "मोदी सरकार की 'बांटो और राज करो' की नीति साफ दिखाई दे रही है. पहले सोनम वांगचुक के साथ समझौता कर उनके आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की गई. इसके बाद विपक्ष को बातचीत का लोलीपॉप देने की कोशिश की जाएगी और फिर आंदोलनकारियों को हिंसक तथा अराजक बताकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. लेकिन यह रणनीति सफल नहीं होगी. धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा."
Modiji’s divide & rule: 1. Broker compromise with @Wangchuk66 & nullify him, 2. Try & broker some “discussion” lollipop deal with Opposition 3. Paint protestors as violent anarchist & clamp down. IT WILL NOT WORK. Pradhan must resign.
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) July 24, 2026
उन्होंने आगे लिखा, "प्रिय सोनम वांगचुक, यह जानकर खुशी हुई कि आपने अपना अनशन समाप्त कर दिया है. अब आप आराम करें और अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें. साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि सरकार आपके नाम और आपकी आवाज का इस्तेमाल आंदोलन को कमजोर करने या तोड़ने के लिए न करे."
Dear @Wangchuk66 very glad you have ended fast. Please rest & take care of your health. Also please ensure govt does not use your voice as a tool now to try & break agitation. Thank you.
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) July 24, 2026
महुआ मोइत्रा ने अपने एक अन्य पोस्ट में कहा, "आपके प्रयासों के लिए धन्यवाद. जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के आश्वासन आपको संतुष्ट कर सकते हैं, लेकिन इस देश के युवाओं के लिए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी स्वीकार्य नहीं होगा."
Thank you for your efforts. Shri JP Nadda and Dr. Jitendra Singh’s platitudes may pacify you but nothing short of Pradhan’s resignation will suffice for the youth of this country. https://t.co/BexFTIkRSr
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) July 24, 2026
सरकार के आश्वासन के बाद खत्म हुआ 26 दिन का अनशन
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर शुरू किया गया अपना 26 दिन पुराना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया. यह फैसला केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह के गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात करने और सरकार की ओर से आश्वासन देने के बाद लिया गया.
सरकार ने क्या-क्या दिया भरोसा?
जे.पी. नड्डा ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो और लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के नेताओं की मौजूदगी में कहा कि सरकार जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई 2026 को संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों पर सकारात्मक रुख अपना रही है. उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही संसद में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार पर चर्चा कराने का आश्वासन दे चुकी है. नड्डा ने यह भी कहा कि नीट पेपर लीक से जुड़े आत्महत्या के मामलों में पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी सरकार सकारात्मक रूप से विचार कर रही है.
प्रधानमंत्री मोदी ने जल्द स्वस्थ होने की कामना की
अनशन समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह सोनम वांगचुक से आग्रह करते हैं कि वे डॉक्टरों की सलाह का पालन करें और जल्द स्वस्थ होकर पहले की तरह सामान्य जीवन में लौटें. प्रधानमंत्री ने उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी की.
वांगचुक बोले- लंबी बातचीत और हालात को देखते हुए लिया फैसला
सोनम वांगचुक ने 'एक्स' पर जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त किया.
उन्होंने कहा कि कई दौर की गंभीर बातचीत, विभिन्न शर्तों पर सहमति और देश में संभावित हिंसा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया.























