कौन बनेगा महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री? क्या सीएम बनेंगे डिप्टी सीएम या डिप्टी सीएम होंगे सीएम? बड़ा पेचीदा है सवाल
अब जिस तरह के महाराष्ट्र के परिणाम सामने आ रहे हैं, उसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति को करीब से समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार अभिलाष अवस्थी ने एबीपी लाइव से बात करते हुए कहा कि इस सूरत में संभावनाएं दो बन सकती हैं.

महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की परफॉर्मेंस शानदार रही. नारों और वादों के साथ सियासी मैदान में उतरे महायुति की लहर में महाविकास अघाड़ी का किला ढहता हुआ नजर आया. 288 सदस्यीय विधानसभा में करीब 220 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रहे महायुति की इस शानदार विजय ने विपक्ष के सियासी गणित को बिगाड़ कर रख दिया है.
ऐसे में एक महत्वपूर्ण सवाल ये है कि महाराष्ट्र में अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा? क्या उद्धव ठाकरे की पार्टी से बागी होकर नई पार्टी बनाने वाले एकनाथ शिंदे पर बीजेपी फिर से मौका देकर उन्हें राज्य की सत्ता सौंपेगी. या फिर पार्टी की बागडोर बीजेपी अब अपने हाथों में रखेगी?
दरअसल, इस बारे में राजनीतिक पंडितों की मानें तो किसी भी सूरत में इस बार भारतीय जनता पार्टी की तरफ से एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र की कमान नहीं सौंपी जाएगी. इसके पीछे का बड़ा तर्क ये है कि बीजेपी अगर एकनाथ शिंदे की पार्टी को किनारा भी कर दे, तब भी राज्य में बीजेपी की सरकार बन सकती है.
हालांकि, ये अलग बात है कि एकनाथ शिंदे लगातार केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात करते रहे, नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश करते रहे, इस उम्मीद में कि एक बार फिर से उन्हें राज्य के सीएम की बागडौर सौंप दिया जाए.
लेकिन, अब जिस तरह के महाराष्ट्र के परिणाम सामने आ रहे हैं, उसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति को करीब से समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार अभिलाष अवस्थी ने एबीपी लाइव से बात करते हुए कहा कि इस सूरत में संभावनाएं दो बन सकती हैं.
पहली संभावना तो ये बन सकती है कि बीजेपी महाराष्ट्र में देवेन्द्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बन सकती है और उनके डिप्टी या फिर कोई दूसरा मंत्री पद एकनाथ शिंदे को दिया जा सकता है. दूसरी संभावना ये भी बन सकती है कि बीजेपी राज्य में देवेन्द्र फडणवीस को भी सीएम न बनाकर किसी तीसरे चेहरे को सामने ला सकती है.
अभिलाष अवस्थी का आगे कहना है कि जब एकनाथ शिंदे जब उद्धव ठाकरे को छोड़कर आए थे, उस वक्त ही उन्होंने ये तय कर लिया था कि उनको उद्धव की सरकार गिरानी थी, और वो गिर गई. एकनाथ शिंदे को तो मुख्यमंत्री बनना ही नहीं था.
लेकिन, महाराष्ट्र का सीएम तो एकनाथ शिंदे को अमित शाह ने ही बनाया था. अमित शाह किसी भी सूरत में नहीं चाहते थे कि भारतीय जनता पार्टी में दूसरी लाइन रहे. अभिलाष अवस्थी का आगे कहना है कि बीजेपी ने शाह ने दूसरी लाइन खत्म करते चले गए, वो चाहे बात मध्य प्रदेश की हो, जहां पर शिवराज चौहान को किनारे कर दिया. राजस्थान में वसुंधरा को किनारे कर दिया.
उन्होंने इसका उदाहरण देते हुए कहा कि सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही योगी आदित्यनाथ को किनारे नहीं लगाया जा सका है. ऐसे में इस समय ये व्यंग्यात्मक तरीके से कहा जाए तो महाराष्ट्र में जिस तरह से बीजेपी को सीटें मिलती दिख रही है, ऐसे में इस समय अमित शाह के मन में क्या चल रहा होगा कि देवेन्द्र फडणवीस को सीएम बनने दें या फिर कोई और बने, ये एक बड़ा सवाल है.
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