कश्मीर में अब 50 हजार लैंडलाइन फोन कर रहे हैं काम, सोमवार को खुलेंगे 190 स्कूल और सरकारी दफ्तर
जम्मू क्षेत्र में लैंडलाइन और मोबाइल फोन सेवाएं चालू कर दी गई है. साथ ही कम से कम पांच जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल की गई है. कश्मीर के कुछ इलाकों में सिर्फ लैंडलाइन सेवा बहाल की गई है.

श्रीनगर: कश्मीर घाटी में कड़ी सुरक्षा के बीच लोगों की आवाजाही पर पाबंदियों में शनिवार को ढील दी गई और शहर के कुछ इलाकों में लैंडलाइन फोन सेवा बहाल कर दी गई. अधिकारियों ने बताया कि घाटी में अब 50,000 लैंडलाइन फोन काम कर रहे हैं. अन्य इलाकों में व्यवस्थित तरीके से सेवा बहाल की जाएगी.
खुलेंगे स्कूल सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने बताया कि घाटी में प्राथमिक स्कूल सोमवार को फिर से खुलेंगे और उसी दिन से सरकारी कार्यालय भी पूरी तरह काम करना शुरू कर देंगे. श्रीनगर के जिलाधिकारी शाहिद चौधरी ने कहा कि सोमवार को 190 स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो जाएंगी और पिछले 10 दिनों में हुए नुकसान की भरपायी के लिए अतिरिक्त क्लास चलाने की योजना है. जम्मू कश्मीर पुलिस ने शाम को कहा कि राज्य में स्थिति शांतिपूर्ण है. पुलिस ने बताया, ‘‘अब तक कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है. घाटी सहित समूचे राज्य में यातायात सामान्य है.’’
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बल अब भी तैनात हैं और सड़कों पर बैरिकेड लगे हुए हैं. हालांकि, पहचान पत्र दिखाने के बाद ही लोगों को आवाजाही की अनुमति दी गई है. अधिकारियों ने बताया कि सिविल लाइंस इलाके में कुछ दुकानें शनिवार सुबह खुली. निजी वाहनों की आवाजाही भी बढ़ रही है.

उन्होंने बताया कि कश्मीर के सिविल लाइंस, छावनी, हवाई अड्डा, राजबाग और जवाहर नगर जैसे कुछ इलाकों में लैंडलाइन सेवा बहाल कर दी गयी लेकिन वाणिज्यिक केंद्र लाल चौक और प्रेस एनक्लेव सहित अधिकतर हिस्से में अभी सेवा बहाल नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि जल्द ही 20 और एक्सचेंज काम करने लगेंगे. एक्सचेंज चालू होने से मध्य कश्मीर के बडगाम, सोनमर्ग और मनिगाम में लैंडलाइन सेवा काम करने लगी है.
उत्तरी कश्मीर में गुरेज, तंगमार्ग, उरी, केरन, करनाह और तंगधार इलाके में सेवा बहाल कर दी गयी है. दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड और पहलगाम इलाके में लैंडलाइन सेवा चालू कर दी गयी है. हालांकि, पेट्रोल पंप समेत ज्यादातर व्यावसायिक प्रतिष्ठान अब भी बंद हैं.
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कंसल ने कहा कि 35 पुलिस थाना इलाकों में पाबंदियों में ढील दी गई है. कंसल ने कहा, ‘‘पाबंदियों में ढील दी जा रही है. घाटी में 35 पुलिस थाना इलाकों में छूट दी गई है और अभी तक किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है. सार्वजनिक वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं और हमारे पास आम लोगों के आवागमन की उत्साहजनक सूचना हैं.’’
जम्मू में फोन सेवा बहाल कंसल ने कहा कि जम्मू क्षेत्र में लैंडलाइन और मोबाइल फोन सेवाएं चालू कर दी गई है और कम से कम पांच जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गई हैं. प्रदेश पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह ने शनिवार को बताया कि जम्मू क्षेत्र के पांच जिलों में कम स्पीड (2जी) की मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल की गयी है और कश्मीर घाटी में 35 थाने के अंतर्गत आने वाले इलाके में पाबंदियों में ढील दी गयी है .
जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को केंद्र द्वारा निरस्त किया गया है और जम्मू-कश्मीर को दो भागों में बांटकर दोनों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने का फैसला लिया गया है. इन फैसलों के विरोध में प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए पांच अगस्त को कश्मीर में कर्फ्यू लगाया गया था.






















