कोलकाता: डॉक्टरों के हड़ताल मामले में राज्यपाल का दखल, ममता बनर्जी को बात करने के लिए बुलाया
दिलचस्प ये देखना रहेगा कि ममता राज्यपाल के बुलावे पर जाती हैं या नहीं. बंगाल में बीजेपी और ममता में टकराव चल रहा है. राजभवन से बुलावा भी इसी टकराव का एक हिस्सा हो सकता है.

कोलकाता: बंगाल के विवाद में राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने दखल दिया है. राजभवन के सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने ममता बनर्जी को डॉक्टर हड़ताल विवाद पर बात करने के लिए बुलाया है. दिलचस्प ये देखना रहेगा कि ममता राज्यपाल के बुलावे पर जाती हैं या नहीं. बंगाल में बीजेपी और ममता में टकराव चल रहा है. राजभवन से बुलावा भी इसी टकराव का एक हिस्सा हो सकता है.
वहीं इसी मामले पर केंद्रीय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने ममता को चिट्ठी लिखकर डॉक्टरों की सुरक्षा करने को कहा है. बता दें कि ममता बनर्जी डॉक्टर की हड़ताल के पीछे भी बीजेपी की साजिश बता रही हैं. और बीजेपी कह रही है कि ममता के राज में कोई सुरक्षित नहीं है.
कानून व्यवस्था और सुरक्षा की मांग को लेकर कोलकाता के नील रतन सरकार अस्पताल में मंगलवार से हड़ताल शुरू हुई. कोलकाता में प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सिर्फ एक ही मांग है - हमें इंसाफ चाहिए,हमें सुरक्षा चाहिए. आंदोलनकारी चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की और चार दिनों से चल रहे अपने आंदोलन को वापस लेने के लिए राज्य सरकार के सामने छह शर्तें रखी हैं.
इस बीच कलकत्ता हाई कोर्ट ने डॉक्टरों की हड़ताल से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बंगाल सरकार को सात दिन का समय दिया है. कोर्ट ने सरकार से पूछा कि गतिरोध खत्म करने के लिए क्या कदम उठाए गए. कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य को इस पर विराम लगाना होगा और इसका हल ढूंढना होगा.
पूरा मामला सोमवार से शुरू हुआ जब एनआरएस मेडिकल कॉलेज में एक बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई. मरीज की मौत के बाद परिजन भड़क गए और एनआरएस मेडिकल कॉलेज के दो जूनियर डॉक्टरों पर हमला कर दिया. इसके बाद जूनियर डॉक्टर्स और परिजनों के बीच जमकर बवाल हुआ और सुरक्षा की मांग को लेकर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए.
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Source: IOCL























