जानिए पेट्रोल-डीजल दिन पर दिन क्यों महंगा हो रहा है? सरकार ने दिया ये जवाब
कुछ महीने पहले कच्चे तेल की कीमतें 35 से 38 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब बढ़कर 54 से 55 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं.पिछले दिन डीजल की कीमत में 24 से 27 पैसे की बढ़ोतरी की गई है तो वहीं, पेट्रोल की कीमत में 23 से 25 पैसे तक इजाफा किया गया है.

नई दिल्ली: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुछ दिनों के अंतराल पर बढोत्तरी देखने को मिल रही है. कल पेट्रोल और डीजल के दाम तीन दिनों बाद फिर बढ़ गए. पिछले दिन डीजल की कीमत में 24 से 27 पैसे की बढ़ोतरी की गई है तो वहीं, पेट्रोल की कीमत में 23 से 25 पैसे तक इजाफा किया गया है. जानिए सरकार ने पेट्रोल-डीजल महंगा होने पर क्या वजह बताई है.
तेल का कम उत्पादन हो रहा है- सरकार
देश में ईंधन की बढ़ती कीमतों के बारे में पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया है कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान तेल उत्पादक देशों की तरफ से कम उत्पादन करने के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ी हैं. कम उत्पादन से तेल की मांग और आपूर्ति में असंतुलन हो गया है.
कच्चे तेल की कीमतें 54 से 55 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हुईं
ध्रमेंद्र प्रधान ने कहा, ‘‘तेल उत्पादक देशों ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान उत्पादन बंद कर दिया या इसे कम कर दिया. मांग और आपूर्ति में इस असंतुलन के कारण ईंधन की कीमतों पर दबाव देखा गया.’’ उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले कच्चे तेल की कीमतें 35 से 38 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब बढ़कर 54 से 55 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं.
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के बढ़ने के कारण भारत में भी ईंधन की कीमतें बढ़ गईं. प्रधान ने कहा, ‘‘हमारी मुख्य चुनौती यह है कि हमें अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत कच्चे तेल का आयात करना पड़ता है और हमारी खपत भी बढ़ रही है.’’
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Source: IOCL
























