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जानिए पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस क्या है और मुश्किल समय में यह कैसे मदद करता है

पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस व्यक्ति दुर्घटना से होने वाली आर्थिक परेशानियों से बचाने में मददगार है. साथ ही यह व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक रूप से उबरने में सहायता करता है.

नई दिल्ली: जीवन के मुश्किल वक्त में सुरक्षित रहने लिये हर व्यक्ति कई तरह की कोशिश करता रहता है. इसके लिये लोग कई तरह की पॉलिसी लेते हैं. इन्हीं में से एक है पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस (Personal Accident insurance) यानी व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा. यह पॉलिसी का एक प्रकार है, जो आकस्मिक विकलांगता या मृत्यु के से होने वाल आर्थिक नुकसान से उबरने में मदद देता है. इसमें दुर्घटना के कारण शरीर का कोई अंग नहीं रहने पर एकमुश्त राशि मिलती है.

पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस अलग-अलग दुर्घटनाओं को कवर करता है. इसमें गैस सिलेंडर ब्लास्ट से लेकर बिजली के झटके तक, बाथरूम में फिसलने, जिम में वर्कआउट करते हुए लगने वाली चोट और पानी में डूबने से लेकर आग लगने से होने वाली हानि तक सभी दुर्घटनाएं व्यक्तिगत दुर्घटना के अंतर्गत आती हैं.

पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस का प्रीमियम  इसका प्रीमियम कवर, राशि और व्यक्ति की नौकरी श्रेणी पर निर्भर करता है. हाई रिस्क श्रेणी की नौकरी में प्रीमियम राशि सुरक्षित समझी जानी वाली नौकरियों वाले लोगों की तुलना में अधिक होगी. यह आप पर निर्भर है कि आप कितना कवर लेना चाहते हैं. सामन्यतया आपको वार्षिक वेतन का 15-20 गुना कवर लेना चाहिए.

इस पॉलिसी में विकलांगता को अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जाता है.

पूर्ण रूप से विकलांग होना इसमें व्यक्ति को गंभीर चोट आने पर शरीर के किसी एक महत्वपूर्ण अंग की लंबे समय के लिए व पूर्ण हानि हो जाती है. इसमें दोनों हाथों को खो देना, दोनों टांगों को खो देना, पूर्ण अंधापन, आवाज का चला जाना, मानसिक स्थिति को खो देना जैसी स्थितियां शामिल होती हैं. ऐसी स्थिति में सामन्यता बीमा राशि का 100 % भुगतान किया जाता है.

आंशिक रूप से विकलांग होना इसमें एक हाथ या एक टांग को खो देना, सुनने की शक्ति चले जाना, एक आंख की रोशनी चली जाना, हाथ या पैर की उंगली का नुकसान जैसी शरीर के किसी एक अंग या हिस्से की स्थायी हानि होना शामिल होत है. इसके चतहत बीमित राशि का कुछ फीसदी का भुगतान किया जाता है.

अस्थायी रूप से विकलांग होना किसी दुर्घटना के बाद जब व्यक्ति अस्थायी रूप से बेड पर आ जाता तो विकलांगता की अवधि के दौरान एक साप्ताहिक भुगतान किया जाता है. आमतौर बीमित राशि का 1 प्रतिशत हर सप्ताह भुगतान होता है.

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