एक्सप्लोरर

जानिए क्यों अमेरिका जैसे देश अपनी सैटेलाइट क्षमताओं को बढ़ाने के लिए भारत की ओर देख रहे हैं?

इसरो ने 1999 से अब तक 33 देशों में कुल 319 सैटेलाइट लॉन्च कर चुका है. इन देशों में अमेरिका, जापान, इजरायल, जर्मनी, कनाडा, सिंगापुर, कोरिया, यूके, फ्रांस, ऑस्ट्रिया और इटली शामिल हैं.

नई दिल्ली: इसरो एक के बाद एक मिशन से हर बार एक नया इतिहास रच रहा है. आज आपको बताते हैं कि किस तरह इसरो भारत के सैटलाइट प्रक्षेपण के अलावा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कई देशों का भरोसा जीतने में कामयाब रहा है.

कॉमर्शियल लॉन्चिंग को लेकर इसरो की क्षमता में साल दर साल इजाफा हुआ है. जिसकी शुरुआत इसरो ने 26 मई 1999 में की थी. तब सबसे पहला कॉमर्शियल लॉन्च पीएसएलवी-सी2 के जरिए किया गया था. पीएसएलवी सी2 के जरिए जर्मनी और दक्षिण कोरिया के एक-एक सैटेलाइट्स अंतरिक्ष की कक्षा में छोड़े गए थे. इस लॉन्च के करीब एक दशक के भीतर यानी 2010 तक इसरो ने 20 विदेशी उपग्रहों को अंतरिक्ष की कक्षा में स्थापित किया. इसके बाद 2010 से अब तक 297 विदेशी उपग्रह लॉन्च किए. अब इसरो की क्षमता इतनी हो गई है कि वह हर साल औसतन 50 विदेशी उपग्रह छोड़ सकता है.

अब तक इन देशों में किए हैं सैटेलाइट लॉन्च

इसरो ने 1999 से अब तक कुल 319 सैटेलाइट लॉन्च किए हैं. जिनमें करीब 33 देश शामिल हैं. इसरो ने पिछले तीन साल 2016 से 2018 के कॉमर्शियल लॉन्चिंग यानी विदेशी देशों के उपग्रहों के प्रक्षेपण से करीब 6289 करोड़ रुपए कमाए हैं. इन 33 देशों में अमेरिका, जापान, इजरायल, जर्मनी, कनाडा, सिंगापुर, कोरिया, यूके, फ्रांस, ऑस्ट्रिया, फिनलैंड, कोलंबिया, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, स्पेन, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड और इटली जैसे देश शामिल हैं.

इसरो ने अकेले अमेरिका के 198 सैटेलाइट प्रक्षेपित किए गए हैं. इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अमेरिका जैसे देश जिसके पास अपनी खुद की स्पेस एजेंसी है, अपने खुद के रिसोर्स होने के बावजूद अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए भारत की ओर देख रहा है. इसमें अमेरिका के लिए भारत में लॉन्च इसलिए भी फायदेमंद हैं क्योंकि भारत ने कम लागत में बड़े से बड़े प्रक्षेपण कर दुनिया भर में अपना लोहा मनवाया है.

कम खर्च में मंगल गृह पहुंचने वाला पहला देश

भारत का मंगल मिशन जिसमें ग्रैविटी फिल्म की लागत से भी कम खर्च महज़ 450 करोड़ में भारत पहली ही कोशिश में मंगल ग्रह पर पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बना था, और दुनिया को दिखाया था कि किस तरह कम से कम खर्च में भी भारत अपना रिकॉर्ड बनाने में पूरी तरह सक्षम है. वहीं पीएसएलवी सी37 के जरिए 15 फरवरी 2017 को एक ही उड़ान में 104 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण कर इसरो ने विश्व रिकॉर्ड कायम किया था.

इसरो के लिए कमर्शियल लॉन्च की मार्केटिंग इसरो का ही ACL यानी अंतरिक्ष कोर्पोरेशन लिमिटेड ही करता है. इसकी शुरुआत 1992 में भारत सरकार ने विदेशी सेटेलाइट के प्रमोशन और मार्केटिंग के लिए की थी. इसरो का यह अंतरिक्ष कारपोरेशन लिमिटेड अब तक कई देशों को भारत की ओर आकर्षित करने में कामयाब रहा है. इसरो के वैज्ञानिक भी एक के बाद एक सफल प्रक्षेपण कर दुनिया भर में अपना लोहा मनवा रहे हैं. यहीं कारण है कि अमेरिका जैसे देश भी आज अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए भारत की ओर देख रहे हैं.

इसरो के विदेशी सैटेलाइट प्रक्षेपण के अभी तक रिकॉर्ड पर नजर

1999 में 2 सैटेलाइट 2001 में 2 सैटेलाइट 2007 में 3 सैटेलाइट 2008 में 9 सैटेलाइट 2009 में 6 सैटेलाइट 2010 में 3 सैटेलाइट 2011 में 2 सैटेलाइट 2012 में 2 सैटेलाइट 2013 में 6 सैटेलाइट 2014 में 5 सैटेलाइट 2015 में 17 सैटेलाइट 2016 में 22 सैटेलाइट 2017 में 130 सैटेलाइट 2018 में 60 सैटेलाइट 2019 में 50 सैटेलाइट

ये भी पढ़ें

ISRO ने रिलीज किया RISAT-2BR1 का वीडियो, PSLV पर लगे कैमरे से हुआ रिकॉर्ड

भारत बचाओ रैली: दिल्ली के साथ-साथ विदेशों में भी प्रदर्शन करेगी कांग्रेस

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

AI समिट शर्टलैस प्रोटेस्ट: कांग्रेस के 10 में से 9 कार्यकर्ताओं को जमानत, कोर्ट ने एक को पुलिस कस्टडी में भेजा
AI समिट प्रोटेस्ट: कांग्रेस के 9 कार्यकर्ताओं को जमानत, कोर्ट ने एक को पुलिस कस्टडी में भेजा
Israel-Iran War: इजरायल और अमेरिकी हमले में खामेनेई की मौत पर भड़के ओवैसी, AIMIM चीफ ने मोदी सरकार से कर दी ये डिमांड
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर भड़के ओवैसी, AIMIM चीफ ने मोदी सरकार से कर दी ये डिमांड
नामपल्ली कोर्ट में खुद पहुंचे CM रेवंत रेड्डी; 7 साल पुराने केस में दी हाजिरी
नामपल्ली कोर्ट में खुद पहुंचे CM रेवंत रेड्डी; 7 साल पुराने केस में दी हाजिरी
पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने पर तालिबानी ड्रोन हमले के बाद सेना में दहशत, नमाज पढ़ रहे अपने ही नागरिकों को पुलिस ने उठाया
पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने पर तालिबानी ड्रोन हमले के बाद सेना में दहशत, नमाज पढ़ रहे अपने ही नागरिकों को पुलिस ने उठाया

वीडियोज

Khamnei Death: Trump को खुली धमकी..खामेनेई की मौत से गुस्से में ईरान | Iran Israel War | Khamenei
Iran Israel War: खामेनेई की मौत से भड़का ईरान, सड़कों पर तांडव! | Khamenai Death | War News
महाविनाश की सबसे बड़ी 'सनसनी' !
Israel Iran War: विश्व तनाव चरम पर, ईरान-इज़राइल संघर्ष और मिसाइल हमलों की चेतावनी | Netanyahu
Sandeep Chaudhary: Khamenei को ट्रेस कर रहा था America..खुला राज! | Iran Israel War | Trump

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
दुबई में अमेरिका का कोई मिलिट्री बेस नहीं तो फिर ईरान ने वहां क्यों दागीं मिसाइलें? सामने आई ये वजह
दुबई में अमेरिका का कोई मिलिट्री बेस नहीं तो फिर ईरान ने वहां क्यों दागीं मिसाइलें? सामने आई ये वजह
कश्मीर के सभी जिलों में प्रतिबंध होंगे लागू, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की शहादत के बाद फैसला
कश्मीर के सभी जिलों में प्रतिबंध होंगे लागू, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की शहादत के बाद फैसला
सेमीफाइनल की चारों टीमें तय, भारत का इंग्लैंड से होगा मुकाबला; जानें किसने किसने किया है क्वालीफाई
सेमीफाइनल की चारों टीमें तय, भारत का इंग्लैंड से होगा मुकाबला; जानें किसने किसने किया है क्वालीफाई
खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने जामकरान मस्जिद पर फहराया लाल झंडा, जानें क्या है इसका मतलब?
खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने जामकरान मस्जिद पर फहराया लाल झंडा, जानें क्या है इसका मतलब?
'बॉर्डर 2' का 38वें दिन भी जारी है धमाल, सनी देओल की फिल्म ने अब तक किया है इतना कलेक्शन
'बॉर्डर 2' का 38वें दिन भी जारी है धमाल, सनी देओल की फिल्म ने अब तक किया है इतना कलेक्शन
'भारत पहले कभी इतना कमजोर...', खामेनेई की मौत पर कांग्रेस का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?
'भारत पहले कभी इतना कमजोर...', खामेनेई की मौत पर कांग्रेस का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा?
बाराबंकी में आई विदेशी बारात, विलायती मेहमानों ने यूपी की गलियों में जमकर लगाए ठुमके, वीडियो वायरल
बाराबंकी में आई विदेशी बारात, विलायती मेहमानों ने यूपी की गलियों में जमकर लगाए ठुमके, वीडियो वायरल
Voting Rights Prisoners: इस देश में कैदी भी दे सकते हैं वोट, जानें क्यों है ऐसा कानून
इस देश में कैदी भी दे सकते हैं वोट, जानें क्यों है ऐसा कानून
Embed widget