कर्नाटक: स्पीकर के फैसले के खिलाफ SC जाएंगे बागी विधायक, येदियुरप्पा ने कहा- कल 100% बहुमत साबित करूंगा
कांग्रेस-जेडीएस के 17 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद भी विधानसभा में बीजेपी की राह आसान है. उसके पास 106 विधायकों का समर्थन हासिल है और बहुमत के लिए 104 विधायक चाहिए.

बेंगलुरू: कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा को सोमवार को बहुमत साबित करना है. इससे ठीक एक दिन पहले कांग्रेस-जेडीएस के 14 बागी विधायकों को विधानसभा स्पीकर और कांग्रेस नेता रमेश कुमार ने अयोग्य करार दिया. इससे पहले भी तीन विधायकों को उन्होंने अयोग्य ठहराया था. स्पीकर के इस फैसले को कांग्रेस-जेडीएस के बागियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है.
जेडीएस नेता और बागी विधायक एएच विश्वनाथ ने कहा कि फैसला ‘कानून के विरुद्ध’ है और वह अन्य असंतुष्ट विधायक के साथ सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे. विश्वनाथ ने कहा, ‘‘अयोग्यता विधि विरुद्ध है...मात्र उन्हें जारी व्हिप के आधार पर आप विधायकों को सदन में आने के लिए बाध्य नहीं कर सकते.’’
विधानसभा अध्यक्ष के. आर रमेश कुमार ने दल-बदल निरोधक कानून के तहत 14 विधायकों को 2023 में वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने तक अयोग्य घोषित किया. 14 में कांग्रेस के 11 और तीन जेडीएस के विधायक शामिल हैं.
विधानसभाध्यक्ष की इस कार्रवाई का येदियुरप्पा सरकार के भविष्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि इन विधायकों के तत्काल प्रभाव से अयोग्य ठहराये जाने से उनकी अनुपस्थिति से सदन की प्रभावी संख्या कम हो जाएगी जिससे बीजेपी के लिए आगे की राह आसान हो जाएगी.
कर्नाटक फ्लोर टेस्ट: 17 विधायकों को अयोग्य ठहराने के स्पीकर के फैसले से BJP की राह आसान
एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार द्वारा पेश विश्वासमत पर मतविभाजन के समय 20 विधायकों के अनुपस्थित रहने से कई सप्ताह के ड्रामे के बाद उनकी सरकार गिर गई थी. इन 20 विधायकों में 17 बागी विधायक और एक-एक कांग्रेस और बीएसपी का और एक निर्दलीय था.
17 बागी विधायकों को अयोग्य करार दिये जाने के बाद 224 सदस्यीय विधानसभा में प्रभावी संख्या 207 हो गई है. इसके साथ ही जादुई संख्या 104 रहेगी. बीजेपी के पास एक निर्दलीय विधायक के समर्थन से 106 सदस्य, कांग्रेस 66 (मनोनीत सदस्य सहित), जेडीएस 34 और एक बीएसपी का सदस्य जिसे विश्वासमत के दौरान कुमारस्वामी सरकार के लिए मतदान नहीं करने के लिए पार्टी द्वारा निष्कासित कर दिया गया है.
येदियुरप्पा ने कहा कि सोमवार को सौ फीसदी मैं बहुमत साबित कर दूंगा. उन्होंने कहा, ‘‘वित्त विधेयक (विनियोग विधेयक) को तत्काल पारित कराने की जरूरत है अन्यथा हम तनख्वाह भी देने के लिए धन नहीं ले पायेंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए कल बहुमत साबित करने के बाद हम सबसे पहले इस वित्त विधेयक को हाथ में लेंगे.’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैंने उसमें कॉमा या फुल स्टॉप तक नहीं बदला है. मैं पिछली कांग्रेस जदएस सरकार द्वारा तैयार इस विधेयक को पेश करूंगा.’’
Source: IOCL


























