कर्नाटक चुनाव: जेडीएस के बिना कोई भी पार्टी नहीं बना सकेगी सरकार
अब तक के रुझानों के मुताबिक बीजेपी 100 और कांग्रेस 75 सीटों के आसपास रह सकती है. जेडीएस करीब 40 सीटें जीत सकती है. यानी सभी दल बहुमत से दूर रह सकते हैं. बहुमत का जादुई आंकड़ा 113 सीट है.

बैंगलूरू: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती जारी है. अब तक के रुझान और नतीजों से साफ है कि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है. ऐसे में स्थिति साल 2004 जैसी होती जा रही है जब किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था और सूबे में पहली बार साझा सरकार का गठन हुआ था.
अब तक के रुझानों के मुताबिक बीजेपी 100 और कांग्रेस 75 सीटों के आसपास रह सकती है. जेडीएस करीब 40 सीटें जीत सकती है. यानी सभी दल बहुमत से दूर रह सकते हैं. बहुमत का जादुई आंकड़ा 113 सीट है.
अब तक के नतीजों से साफ है कि जेडीएस के समर्थन के बिना कांग्रेस हो या बीजेपी, कोई भी सरकार बनाने में सक्षम नहीं है.
चुनावी नतीजों के रुझान का ही असर है कि कांग्रेस के महामंत्री अशोक गहलोत ने साफ किया है कि वो जेडीएस के संपर्क हैं और वो ही साझा सरकार बनाएंगे.
एक्सपर्ट्स- किसकी बन सकती है सरकार
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर नतीजे ऐसे ही रहे जिसमें किसी को बहुमत नहीं मिलता तो कांग्रेस ज्यादा सीटें रखने के बावजूद जेडीएस को समर्थन देकर साझा सरकार बनाने की कोशिश कर सकती है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब हो जाएगी.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक केंद्र में जिस पार्टी की सरकार होती है, वो राज्यों में गठबंधन सरकार बनाने में ज्यादा सक्षम होती है.
क्या हुआ था 2004 में?
2004 के चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था. 224 में से बीजेपी को 79, कांग्रेस को 65 और जेडीएस को 58 सीटें मिली थीं. बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी रहने के बाद भी सरकार बनाने से चूक गई थी, तब कांग्रेस ने जेडीएस का समर्थन किया था और साझा सरकार बनाई थी. हालांकि, ये सरकार अपना पूरा कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई थी.
कैसा रहा है जेडीएस का इतिहास?
जेडीएस पार्टी का गठन 1999 में हुआ था और तब उसने विधानसभा की 10 सीटें जीती थीं. 2004 में 59, 2008 में 28 और 2013 में 40 सीटें मिली थीं.
Source: IOCL



























