कर्नाटक में होंगे 3 उपमुख्यमंत्री, CM बीएस येदियुरप्पा ने 17 मंत्रियों को विभाग बांटे
कर्नाटक में तीन उपमुख्यमंत्री होंगे. आज मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने 17 मंत्रियों के विभागों का बंटवारा किया. उन्होंने गृह विभाग की जिम्मेदारी बसवराज बोम्मई को दी है.

बेंगलुरू: कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने आखिरकार आज मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर ही दिया. खास बात ये है कि राज्य में तीन उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं. दरअसल पार्टी में उठ रहे विरोध के स्वर को देखते हुए येदियुरप्पा ने ये फैसला लिया है. येदियुरप्पा ने 26 जुलाई को ही मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली थी लेकिन उन्होंने तब कैबिनेट विस्तार नहीं किया था. करीब 25 दिनों बाद 20 अगस्त को 17 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी.
उपमुख्यमंत्री बनाए जाने वालों में गोविंद करजोल, अश्वथ नारायण और लक्ष्मण सावदी शामिल हैं. करजोल को उपमुख्यमंत्री पद के साथ-साथ पीडब्ल्यूडी और सोशल वेलफेयर विभाग दिया गया है. वहीं नारायण को उच्च शिक्षा विभाग के साथ आईटी और सावदी को परिवहन विभाग दिया गया है. दिलचस्प है कि सावदी न तो विधानसभा के और न ही विधान परिषद के सदस्य हैं. 20 अगस्त को जब सावदी को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था तो कई बीजेपी विधायकों ने इसपर आपत्ति जताई थी.
ನೂತನ ಸಂಪುಟದ ಖಾತೆಗಳನ್ನು ಹಂಚಿಕೆ ಮಾಡಲಾಗಿದ್ದು ವಿವರ ಈ ರೀತಿ ಇದೆ. pic.twitter.com/WkUDYqgT72
— CM of Karnataka (@CMofKarnataka) August 26, 2019
मंत्री और उनके विभाग-
बसवराज बोम्मई- गृह मंत्रालय जगदीश शेट्टार- सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग मंत्री के एस ईश्वरप्पा- ग्रामीण विकास आर अशोक- राजस्व विभाग बी श्रीरामुलु- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एस सुरेश कुमार-प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा वी सोमना- आवास सी टी रवि- पर्यटन कोटा श्रीनिवास पूजारी- मत्स्य, बंदरगाह और अंतर्देशीय परिवहन जे सी मधुस्वामी- कानून, संसदीय कार्य और लघु सिंचाई सीसी पाटिल- भूविज्ञान एच नागेश- एक्साइज प्रभु चव्हाण- पशुपालन शशिकला जोले-महिला एवं बाल विकास
बता दें कि कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस की सरकार गिरने के बाद बीजेपी ने येदियुरप्पा के नेतृत्व में सरकार बनाई. लेकिन कैबिनेट का बंटवारा नहीं किया था. इसको लेकर कांग्रेस येदियुरप्पा पर निशाना साध रही थी. रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दावा किया था कि बीजेपी बगावत से जूझ रही है जिस कारण कैबिनेट विस्तार के बाद भी विभागों का बंटवारा नहीं किया जा सका है और पार्टी आलाकमान भी येदियुरप्पा को कोई भाव नहीं दे रहा है.
Source: IOCL























