अयातुल्ला खामनेई की आखिरी सलामी में नहीं शामिल होंगे ईरान के सुप्रीम लीडर मोइजतबा, जानें वजह
ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत स्थित प्रतिनिधि अयातुल्लाह हकीम इलाही ने बताया कि मोइजतबा खामनेई स्वयं इस शोक समारोह में शामिल होकर अपने पिता को अंतिम श्रद्धांजलि देना चाहते थे.

Ayatollah Ali Khamenei’s Funeral: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की आखिरी सलामी का कार्यक्रम तय हो चुका है. इसमें दुनिया भर से वीआईपी मेहमानों सहित करीब 2 करोड़ लोग शामिल होंगे. जहां एक तरफ दुनिया के बड़े से बड़े नेता इस शोक सभा में पहुचेंगे तो वहीं अयातुल्ला अली खामनेई के बेटे मोइजतबा खामनेई इसमें शामिल नहीं होंगे. क्षेत्र में जारी तनाव और सुरक्षा खतरों को देखते हुए उनकी मौजूदगी पर फिलहाल संशय बना हुआ है.
ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत स्थित प्रतिनिधि अयातुल्लाह हकीम इलाही ने बताया कि मोइजतबा खामनेई स्वयं इस शोक समारोह में शामिल होकर अपने पिता को अंतिम श्रद्धांजलि देना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सलाह के चलते ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है.
क्यों शामिल नहीं होंगे मोइजतबा?
अयातुल्लाह हकीम इलाही ने आगे कहा कि मोइजतबा खामनेई के प्रतिनिधियों ने भी संकेत दिया है कि वह सार्वजनिक रूप से सामने आकर अपने समर्थकों से मिलना चाहते हैं. हालांकि, मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने से परहेज करने की सलाह दी है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि अयातुल्ला अली खामनेई की अंतिम विदाई के दौरान भी मोइजतबा खामनेई सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आएंगे.
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की अंतिम विदाई को लेकर तैयारियां तेज हैं. माना जा रहा है कि उनके अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों में दुनिया भर से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे. कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि करीब दो करोड़ लोगों के जुटने की संभावना है, हालांकि इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. भारत से भी कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों को ईरान की ओर से औपचारिक निमंत्रण भेजा गया है.
ईरान ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को भी अंतिम विदाई समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है. ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के निदेशक मोहसिन कुम्मी की ओर से भेजे गए निमंत्रण पत्र में उन्हें भारत के विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होने का आग्रह किया गया है. संपर्क किए जाने पर नकवी ने निमंत्रण मिलने की पुष्टि की, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि वह व्यक्तिगत हैसियत से जाएंगे या अपनी पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे.
निमंत्रण पत्र में कहा गया है कि अयातुल्ला अली खामनेई का 28 फरवरी 2026 को निधन हुआ और राष्ट्रीय शोक अवधि के तहत तेहरान में राजकीय अंतिम संस्कार का आयोजन किया जा रहा है. पत्र में भारत और ईरान के बीच गहरे ऐतिहासिक एवं रणनीतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए नकवी की उपस्थिति को दोनों देशों की मित्रता का प्रतीक बताया गया है.
भारत से कई राजनीतिक हस्तियां शामिल
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को भी ईरान सरकार ने औपचारिक निमंत्रण भेजा है. उन्होंने निमंत्रण मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि यह उनके लिए सम्मान की बात है और वह अयातुल्ला खामनेई को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए तेहरान जाएंगी. उनके नाम भेजे गए पत्र में भी उन्हें भारत की विशिष्ट अतिथि बताया गया है। पत्र के अनुसार, 3 जुलाई को तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला कॉम्प्लेक्स में श्रद्धांजलि सभा होगी, 4 जुलाई को स्मृति कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और 6 जुलाई को अंतिम यात्रा निकाली जाएगी.
ईरान सरकार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा को भी अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की ओर से संभवतः सलमान खुर्शीद को प्रतिनिधि बनाकर ईरान भेजा जा सकता है. पवन खेड़ा ने भी निमंत्रण मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि इस पर अंतिम फैसला कांग्रेस अध्यक्ष करेंगे.
सूत्रों के अनुसार, खामनेई की अंतिम विदाई से जुड़े मुख्य कार्यक्रम 5 से 9 जुलाई के बीच तेहरान, कोम और मशहद में आयोजित किए जाएंगे. बताया जा रहा है कि भारत से पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, बिहार के राज्यपाल सहित कई अन्य राजनीतिक हस्तियां भी इन कार्यक्रमों में शामिल हो सकती हैं. हालांकि, सभी प्रतिनिधिमंडलों की अंतिम सूची और उनकी भागीदारी को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है.
























