INX मीडिया घोटाला: चिदंबरम से आज CBI करेगी पूछताछ, कल एयरसेल-मैक्सिस केस में गिरफ्तारी पर लगी थी रोक
सीबीआई ने बुधवार को आईएनएक्स मीडिया कथित घोटाला मामले में पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम को जांच में शामिल होने के लिए समन जारी किया था.

नई दिल्ली: आईएनएक्स मीडिया कथित घोटाला मामले में सीबीआई आज पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से दिल्ली स्थित मुख्यालय में पूछताछ करेगी. सीबीआई ने इस मामले में आईएनएक्स के पूर्व मालिकों पीटर और इंद्राणी से पूछताछ के आधार पर तीन दर्जन से ज्यादा सवाल तैयार किये हैं. बुधवार को चिदंबरम ने पूछताछ पर रोक के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन राहत नहीं मिली. लिहाजा चिदबंरम को सीबीआई के सामने आज सुबह 10 बजे पेश होना पड़ेगा. जहां उनसे पूछताछ के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है.
कल मिली थी राहत आईएनएक्स मीडिया केस में समन से ठीक पहले बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम को बड़ी राहत मिली थी. दिल्ली की एक अदालत ने एयरसेल-मैक्सिस सौदा मामले में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी.
चिदंबरम से क्या सवाल किये जाएंगे? सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, सवालों की जो सूची तैयार की गई है उनमें चिदंबरम से पूछा जायेगा कि इंद्राणी और पीटर को कैसे जानते हैं? विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) एप्रूव्ल के लिए किसने उन्हें एप्रोच किया था? एफआईपीबी द्वारा पहली बार में कितनी रकम का जारी किया गया था? दूसरा एफआईपीबी क्यों जारी करना पड़ा? बिना इजाजत के 300 करोड़ रुपये की रकम विदेश से आने पर मंत्रालय ने क्यों चुप्पी साधी? आयकर विभाग के सवालो के जवाब मंत्रालय ने क्यों नहीं दिए?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चिदबंरम की मुश्किलें यहीं नहीं खत्म हो रही है. सीबीआई के बाद ईडी भी 5 जून को पी चिदबंरम से एयरसेल मैक्सिस घोटाले में पूछताछ करेगा उसके बाद उनके बेटे कार्ति चिदबंरम को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. वहीं सीबीआई ने 28 फरवरी को आईएनएक्स मीडिया मामले में चिदंबरम के बेटे कार्ति को गिरफ्तार किया था. बाद में, उन्हें जमानत दे दी गई थी.
क्या है मामला? कार्ति पर 2007 में आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दिलाने के लिए पैसे लेने का आरोप है. उस वक्त उनके पिता चिदंबरम यूपीए सरकार में वित्तमंत्री थे. सीबीआई ने पिछले साल 15 मई को मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी. सीबीआई का आरोप है कि आईएनएक्स मीडिया को मंजूरी दिलाने में अनियमितताएं बरती गईं और 305 करोड़ रुपये विदेशी निवेश हासिल किया गया. सीबीआई ने शुरू में आरोप लगाया था कि एफआईपीबी मंजूरी को सुविधाजनक बनाने के लिए कार्ति को रिश्वत के रूप में 10 लाख रुपये मिले थे.
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