हरियाणा: केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत बेटी के लिए चाहते हैं टिकट, चल सकते हैं ये दांव
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019: बीजेपी ने साफ किया है कि वह सांसद के परिवार के सदस्यों को विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं देगी.

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019: बीजेपी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में सांसदों के परिवार के सदस्यों को टिकट नहीं देने का फैसला किया है. बीजेपी ने यह फैसला इसलिए किया क्योंकि वह कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोकदल के खिलाफ परिवारवाद को मुद्दा बनाना चाहती है. हालांकि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह अभी भी अपनी बेटी आरती राव का टिकट दिलाने की कोशिशों में लगे हुए हैं.
केंद्रीय मंत्री इंद्रजीत सिंह ने बेटी को टिकट दिलाने के लिए एक बड़ा दांव चलने की तैयारी कर ली है. लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पूर्व कंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने अपने बेटे वीरेंद्र सिंह को टिकट दिलाने के लिए इस्तीफा देने की पेशकश की थी. इसी को उदाहरण बनाते हुए इंद्रजीत सिंह भी आरती राव का टिकट दिलाने के लिए अपना पद छोड़ने को तैयार हैं.
बीरेंद्र सिंह के बेटे को मिला था टिकट
बता दें कि बीरेंद्र सिंह अभी राज्यसभा सांसद हैं, जबकि उनकी पत्नी प्रेम लता भी उचाना से विधायक हैं. प्रेम लता को विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना तय माना जा रहा है. द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक राव इंद्रजीत का भी यही कहना है कि हर नेता के लिए अलग नियम नहीं हो सकते.
कुछ दिन पहले बीजेपी की चुनाव कमेटी की बैठक में सांसदों के परिवार के सदस्यों को विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं देने का फैसला किया गया था. ऐसी खबरें थीं कि हरियाणा से बीजेपी के 6 एमपी अपने बेटे-बेटी और पत्नी को विधानसभा चुनाव का टिकट दिलाना चाहते हैं. परिवार हमेशा से हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल और कांग्रेस पर परिवारवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगाती रही है, इसलिए बीजेपी इन्हें टिकट देने से बचना चाहती है.
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