एक्सप्लोरर

कैसी है कोरोना वैक्सीन, ट्रॉयल से लेकर सेफ्टी तक जानिये क्या कहते हैं प्रिंसिपल इन्वेस्टीगेटर डॉक्टर संजय राय

कोरोना वैक्सीन से जुड़ी दो दवाओं के इमरजेंसी इस्तेमाल को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने मंजूरी दे दी है. अब सवाल है कि ये दवा कितनी सेफ और ट्रॉयल कितना सफल रहा. पढ़ें दवा के क्लीनिकल ट्रॉयल के प्रिंसिपल इन्वेस्टीगेटर डॉक्टर की राय.

नई दिल्ली: आज ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने भारत में दो कोरोना वैक्सीन को इमरजेंसी यूज़ ऑथराइजेशन की अनुमति दी है. इसमें से एक सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया की Covishield है तो दूसरी भारत बायोटेक की Covaxin. एक तरफ ये राहत भरी खबर तो वहीं इस पर अलग अलग बातें सामने आ रही हैं. खास कर सेफ्टी और ट्रॉयल पर. इस पर एम्स में चल रहे भारत बायोटेक की वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर और कम्यूनिटी मेडिसिन के डॉक्टर संजय राय से हमने खास बातचीत की.

सवाल भारत में दो वैक्सीन को इमरजेंसी यूज ऑथराइजेशन की मंजूरी मिली है किस तरह देखते हैं आप इस फैसले को?

जवाब यह बहुत बड़ी बात है, खुशी की बात है और हमें गर्व करना चाहिए कि इसमें से एक वैक्सीन यही भारत में बनी है. जब वैक्सीन के ट्रॉयल शुरू हुए थे तो दुनिया में किसी को विश्वास नहीं था. भारत भी इतनी जल्दी वैक्सीन डेवलप कर सकता है. उस बात का गर्व है अब खुशी हो रही है. यह सिर्फ हिंदुस्तान के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए खुश होने की बात है, क्योंकि इस वैक्सीन की कई खूबियां हैं. इसे दो से 8 डिग्री तापमान पर रखा जा सकता है, जबकि कुछ वैक्सीन - 70 डिग्री पर रखना होता है. यह चीज अच्छे-अच्छे विकसित देशों के पास भी नहीं है और तापमान गिरने पर उस पर असर होता है. दूसरा यह कि यह बहुत ही सस्ता वैक्सीन है. हालांकि किसी वैक्सीन के अभी कीमत नहीं पता है लेकिन यह माना जा रहा है कि जब भी आएगी तो कम ही दाम में होगी.

सवाल: आप भारत बायोटेक की वैक्सीन के एम्स में चल रहे ट्रायल के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर हैं और अब इस वैक्सीन को अनुमति देने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं ट्रॉयल पर सवाल उठ रहे हैं?

जवाब: किसी भी व्यक्ति के ट्रॉयल के कई चरण होते हैं. सबसे पहले इसे जानवरों पर किया जाता है और उसके बाद पहले, दूसरे और तीसरे चरण के ट्रॉयल होते हैं. तीसरे चरण के ट्रॉयल के बाद इसे लाया जाता है, किसी भी देश का कोई भी वैक्सीन जैसे इस वक्त पूरी दुनिया में आठ वैक्सीन जिनको मंजूरी मिली हुई है, फेस 1, फेस टू ट्रायल के बाद ही फेस 3 हुआ है और उसके बाद भी लंबे समय तक फॉलोअप चलता है. पहले चरण में वैक्सीन की सेफ्टी देखी जाती है, दूसरे चरण में देखा जाता है कि क्या एंटीबॉडी बन रही है या नहीं और न्यूट्रलाइज कर रही हैं वायरस को. सेफ्टी इसके साथ साथ चलती रहती है. इसमें क्या हुआ कि सब कुछ एक साथ चलता रहा. गेट ट्रायल ऐसा नहीं कि एक ही झटके में हो जाएंगे, यह सालों तक चलते रहेंगे. जिस भी वैक्सीन को मंजूरी मिली है, उसके फेस 3 ट्रायल खत्म नहीं हुए हैं, जो लोगों को पता होना चाहिए. अभी इंटरव्यू एनालिसिस कर के तीसरे चरण के आधार पर वैक्सीन कितनी अफेक्टिव है, यह जानने के बाद.

सवाल: क्या आप मानते हैं कि पूरी प्रक्रिया साइंटिफिक तरीके से हुई है और डाटा एनालिसिस करने के बाद अनुमति मिली है और यह बिलकुल सेफ है?

जवाब: यह अधिकार क्षेत्र रेगुलेटर के पास है और इसका जवाब वो बेहतर देंगे क्योंकि उन्होंने स्कोर एनालाइज किया है. जो भी डाटा मांगते रहे हैं पिछले 1 महीने के दौरान फेस 1, फेस 2 और उसके बाद फेस 3 का जो भी डाटा था उस आधार पर उन्हें संतुष्ट किया गया है और उन्होंने खुद कहा कि वह खुद 110 फ़ीसदी संतुष्ट हैं सेफ्टी को लेकर और कोवैक्सीन की अगर मैं बात करूं तो सेफ्टी इसलिए भी ज्यादा concern नहीं है, क्योंकि जो डाटा सपोर्ट करते हैं, 10 वीं सदी में माइनर सिम्दम्स आए हैं. किसी को बहुत गंभीर कुछ हुआ ही नहीं है, बाकी वक्त के साथ हो सकता है. इसका एक और कारण भी है कि उसी वायरस को इनएक्टिव करके किल्ड करके दिया जा रहा है उसी वायरस को. ऐसा नहीं है कि उसी वायरस से कुछ निकालकर अलग प्लेटफार्म पर वैक्सीन तैयार की गई है. मेरी जानकारी के मुताबिक अगर सेफ्टी की बात करें यह सबसे सेफ वैक्सीन है.

सवाल: चिंता की कोई बात वैक्सीन को लेकर?

जवाब: बिल्कुल चिंता नहीं करनी चाहिए. रेगुलेटर अथॉरिटी भी मॉनिटर करेंगे, हम भी मॉनिटर करेंगे. हम भारत बायोटेक के कर्मचारी नहीं हैं हम साइंटिस्ट हैं. हम भी उसको मॉनिटर करते रहेंगे, यह देश की साख की बात है. यह दुनिया में हमारी साख की बात है हमारे देश के साख की बात है. ऐसा नहीं होने देंगे. कभी हमें भी अब जरूर होता है कि वैक्सीन सही नहीं है तो हम खुद ही चाहेंगे कि उसे बंद कर दिया जाए. तब तक इसको फॉलोअप करते रहेंगे और अभी लंबा फॉलोअप चलता रहेगा. फेस 3 ट्रायल का फॉलोअप इतनी जल्दी खत्म नहीं होगा. सभी लोगों ने इंटरिम एनालिसिस किए हैं, सिर्फ इसी वैक्सीन की बात नहीं है, सारे वैक्सीन का लंबा फॉलोअप चलता रहेगा कम से कम 2 से 3 साल.

ये भी पढ़ें.

DCGI ने कहा- पूरी तरहल सुरक्षित है कोरोना वैक्सीन का इस्तेमाल, फिर भी जानें कुछ साइड इफेक्ट्स के बारे में

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

ईरान पर US-इजरायल हमले की AIMPLB ने कड़ी निंदा की, UN से युद्ध विराम की अपील, कहा- 'मिडिल ईस्ट में युद्ध...'
ईरान पर US-इजरायल हमले की AIMPLB ने कड़ी निंदा की, UN से युद्ध विराम की अपील, कहा- 'मिडिल ईस्ट में युद्ध...'
भारत कब आया था ईरान का IRIS Dena, जिसे अमेरिका ने समंदर में डुबोया, कैसे किया अटैक?
भारत कब आया था ईरान का IRIS Dena, जिसे अमेरिका ने समंदर में डुबोया, कैसे किया अटैक?
Telangana CM: तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने अमित शाह से की मुलाकात, IPS अधिकारियों की संख्या बढ़ाने की रखी डिमांड
तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने अमित शाह से की मुलाकात, IPS अधिकारियों की संख्या बढ़ाने की रखी डिमांड
Congress: तेलंगाना से राज्यसभा के लिए अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी होंगे कांग्रेस के उम्मीदवार, मल्लिकार्जुन खरगे ने की घोषणा
तेलंगाना से राज्यसभा के लिए अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी होंगे कांग्रेस के उम्मीदवार, मल्लिकार्जुन खरगे ने की घोषणा

वीडियोज

Vasudha: 😧Hanumant का License जब्त गाड़ी और नौकरी दोनों गए हाथ से, अब क्या करेगी Vasudha?
Israel Iran War: खामेनेई की मौत से जल उठा Pakistan ! | Khamenei | Trump । Iraq Protest | Breaking
Israel Iran War: Beirut में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना का बड़ा हमला| Netanyahu | Trump
Israel Iran War: Khamenei को इजरायली फोर्स IDF ने बताया आतंकी | Netanyahu | Trump
Israel Iran War: B2 बॉम्बर की एंट्री..तबाह हो जाएगा ईरान! | Khamenei | Trump | Netanyahu | Breaking

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Doomsday Missile Test: जंग के बीच अमेरिका ने टेस्ट की भयंकर तबाही वाली डूम्सडे मिसाइल, हिरोशिमा परमाणु बम से 20 गुना ज्यादा घातक
जंग के बीच अमेरिका ने टेस्ट की भयंकर तबाही वाली डूम्सडे मिसाइल, हिरोशिमा परमाणु बम से 20 गुना ज्यादा घातक
CM की कुर्सी छूटी, राज्यसभा मिली: कैसे BJP के 'प्लान' ने नीतीश को 4 महीने में आखिरी स्टेशन पर उतार फेंका?
CM की कुर्सी छूटी, राज्यसभा मिली: कैसे BJP के 'प्लान' ने नीतीश को 4 महीने में आखिरी स्टेशन पर उतार फेंका?
'ट्रंप को मारने का था प्लान', ईरानी खुफिया एजेंट्स की बड़ी साजिश का खुलासा, PAK नागरिक बोला- मेरे पास कोई चारा नहीं...
'ट्रंप को मारने का था प्लान', ईरानी खुफिया एजेंट्स की बड़ी साजिश का खुलासा, PAK नागरिक बोला- मेरे पास कोई चारा नहीं...
IND VS ENG Semifinal: टीम इंडिया के लिए खतरा बन सकते हैं इंग्लैंड के ये 5 खिलाड़ी, सेमीफाइनल में तोड़ सकते हैं करोड़ों भारतीयों का दिल
टीम इंडिया के लिए खतरा बन सकते हैं इंग्लैंड के ये 5 खिलाड़ी, सेमीफाइनल में तोड़ सकते हैं करोड़ों भारतीयों का दिल
'अनुपमा' का साया है प्रार्थना की बच्ची के लिए खतरा, नातिन को दादी से दूर कर देगी वसुंधरा
'अनुपमा' का साया है प्रार्थना की बच्ची के लिए खतरा, नातिन को दादी से दूर कर देगी वसुंधरा
Bihar CM Nitish Kumar Live: नीतीश कुमार ने खुद पोस्ट नहीं किया अपना पहला बयान? RJD सांसद का दावा
Live: नीतीश कुमार ने खुद पोस्ट नहीं किया अपना पहला बयान? RJD सांसद का दावा
इन्वर्टर की बैटरी बार-बार हो रही डिस्चार्ज, बदलने से पहले करें ये काम; बच जाएंगे पैसे
इन्वर्टर की बैटरी बार-बार हो रही डिस्चार्ज, बदलने से पहले करें ये काम; बच जाएंगे पैसे
How Sperm Is Produced: पुरुष के शरीर में कैसे बनता है स्पर्म, कितने दिन जिंदा रहता है यह?
पुरुष के शरीर में कैसे बनता है स्पर्म, कितने दिन जिंदा रहता है यह?
Embed widget