GST पर नोटबंदी का ग्रहण! केंद्र-राज्य में दोहरे नियंत्रण पर नहीं बनी सहमति

नई दिल्ली: जीएसटी पर नोटबंदी का ग्रहण लग गया है. राज्य सरकारें अब चाहती हैं कि जीएसटी लागू होने के बाद मिलने वाले मुआवजे में नोटबंदी से होने वाले नुकसान को भी शामिल कर लिया जाए. यही नहीं टैक्स पेयर्स पर नियंत्रण को लेकर भी राज्यों और केंद्र के बीच सहमति नहीं बन पाई है.
बेनतीजा खत्म हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक
संसद का शीतकालीन सत्र खत्म होने में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन अभी तक केंद्र और राज्यों के बीच देशभर में एक टैक्स वाले जीएसटी कानून को लेकर जरुरी विधेयकों पर सहमति नहीं बन पाई है. इस सिलसिले में शुक्रवार और शनिवार को बुलाई गई जीएसटी काउंसिल की बैठक बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई.
केंद्र-राज्य में दोहरे नियंत्रण पर नहीं बनी सहमति
केंद्र और राज्यों के बीच विवाद का बड़ा मुद्दा कर देने वालों पर नियंत्रण की व्यवस्था को लेकर है. राज्य चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा नियंत्रण उन्हें मिले, जबकि केंद्र सरकार संतुलन के पक्ष में है. विधेयक पर सहमति नहीं बन पाने के कारण जीएसटी को अगले साल पहली अप्रैल से लागू करने का लक्ष्य भी सवालों में घिर गया है. अब केंद्र सरकार कह रही है कि राज्यों के पास विकल्प बहुत ही कम बचे हैं.
केंद्र सरकार संतुलित नियंत्रण के पक्ष में
जेटली ने कहा है कि संविधान संशोधन विधेयक पारित होने के बाद या तो पहली अप्रैल से जीएसटी लागू करनी होगी या फिर ज्यादा से ज्यादा 16 सितम्बर 2017 तक. इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं होगा. उधर, नोटबंदी की वजह से भी जीएसटी पर ग्रहण लगता दिख रहा है. केंद्र सरकार पहले से कह रही है कि चालू कारोबारी साल की अक्टूबर से दिसंबर और जनवरी से मार्च की तिमाही में उत्पादन पर असर पड़ेगा, जिससे विकास की रफ्तार धीमी पड़ सकती है.
नोटबंदी से नुकसान की भरपाई करे केंद्र- राज्य
राज्य सरकारें भी अब कह रही हैं कि उनके यहां भी कारोबार घटेगा और उनकी आमदनी पर असर पड़ेगा .ऐसे में जीएसटी लागू होने के बाद पहले से घोषित मुआवजे में नोटबंदी से होने वाले नुकसान को भी भरपाई की जाए.
केंद्र पहले ही कह चुका है कि जीएसटी लागू होने की सूरत में होने वाले पूरे-पूरे नुकसान की भरपाई पांच साल तक की जाएगी. अमित मित्रा कह रहे हैं कि मुआवजे की व्यवस्था अब बदलनी होगी. क्योंकि नोटबंदी से खासा नुकसान हो रहा है.
जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक 11-12 दिसंबर को
अब जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक 11 और 12 दिसंबर को बुलायी गई है. वित्त मंत्री को उम्मीद है कि अगली बैठक में सारे विवाद सुलझा लिए जाएंगे और उसके बाद विधेयक पारित कराने का रास्ता खुल जाएगा.
Source: IOCL






















