दिल्ली में पर्यावरण पर राष्ट्रीय सम्मेलन 2025 का होगा आयोजन, कार्यक्रम में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति करेंगे शिरकत
इस दो दिवसीय सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, विभिन्न राज्यों के हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, अन्य न्यायाधीश, जिला अदालतों के न्यायाधीश, मंत्रालयों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे.

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा पर्यावरण पर राष्ट्रीय सम्मेलन 2025 का आयोजन 29 और 30 मार्च को विज्ञान भवन नई दिल्ली में किया जा रहा है. इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का उद्घाटन भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी. इस अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, भारत के एटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव उपस्थित रहेंगे.
पर्यावरणीय मुद्दों पर होगी गहन चर्चा
यह सम्मेलन न केवल संवाद को बढ़ावा देगा बल्कि नीति प्रवर्तन में खामियों की पहचान करने और पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाने का भी कार्य करेगा. इसमें विभिन्न हितधारकों को एक साझा मंच मिलेगा जिससे पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी नीतियां और सर्वोत्तम उपाय खोजे जा सकेंगे.
न्यायपालिका और प्रशासन की भागीदारी
इस दो दिवसीय सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, विभिन्न राज्यों के हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, अन्य न्यायाधीश, जिला अदालतों के न्यायाधीश, मंत्रालयों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे.
चार तकनीकी सत्रों में होगी महत्वपूर्ण चर्चाएं
1. वायु गुणवत्ता निगरानी एवं प्रबंधन: अध्यक्षता न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची (सर्वोच्च न्यायालय) करेंगे.
2. जल गुणवत्ता प्रबंधन एवं नदी संरक्षण: अध्यक्षता न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह (दिल्ली उच्च न्यायालय) करेंगी.
3. वन एवं जैव विविधता संरक्षण: अध्यक्षता न्यायमूर्ति आनंद पाठक (मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय) करेंगे.
4. समापन सत्र एवं भविष्य की कार्ययोजना: अध्यक्षता न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा (सर्वोच्च न्यायालय) करेंगे.
उपराष्ट्रपति करेंगे समापन समारोह में शिरकत
सम्मेलन के समापन समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मुख्य अतिथि होंगे. इस अवसर पर न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा, न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता अपने विचार व्यक्त करेंगे.
विश्वविद्यालयों की अनूठी भागीदारी
सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण पर्यावरण छात्रों का परिप्रेक्ष्य नामक प्रदर्शनी होगी, जिसमें छात्र अपने नवाचार प्रस्तुत करेंगे. राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विश्वविद्यालयों को सम्मानित किया जाएगा.
वॉइस ऑफ नेचर का होगा विमोचन
समापन सत्र के दौरान भारत के उपराष्ट्रपति राष्ट्रीय हरित अधिकरण की ई-जर्नल और स्मारिका पुस्तक वॉइस ऑफ नेचर का विमोचन करेंगे. यह सम्मेलन पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा और आने वाले वर्षों के लिए नीतिगत दिशा निर्देश प्रदान करेगा.
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Source: IOCL






















