झप्पी पॉलिटिक्स: दिल्ली में कांग्रेसियों ने आम लोगों को दी झप्पी!
दिल्ली में मंगलवार शाम कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजीव चौक मेट्रो के बाहर खड़े हो कर लोगों को झप्पी दी. इसमें ज्यादातर दिल्ली कांग्रेस IT सेल के लोग थे.

नई दिल्ली: संसद में प्रधानमंत्री मोदी को दी गई राहुल गांधी की जिस 'झप्पी पॉलिटिक्स' को देश ने देखा उसे अब कांग्रेस आम लोगों के बीच ले जा रही है. दिल्ली में मंगलवार शाम कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजीव चौक मेट्रो के बाहर खड़े हो कर लोगों को झप्पी दी. इसमें ज्यादातर दिल्ली कांग्रेस IT सेल के लोग थे.
कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के हाथ मे राहुल-मोदी की झप्पी वाली तस्वीरें थी, साथ में लिखा था 'नफरत मिटाओ, देश बचाओ'. इन तस्वीरों के साथ खड़े ये लोग आने-जाने वाले लोगों का ध्यान खींच रहे थे. जो लोग नजदीक आए उन्हें कांग्रेसियों ने खूब गले लगाया.
इसके पीछे की रणनीति के बारे में पूछने पर दिल्ली कांग्रेस IT सेल के प्रमुख अनिरुद्ध शर्मा ने कहा कि "ये गांधीगीरी का तरीका है. देश में जिस तरह नफरत का माहौल बना हुआ है, गाय के नाम पर, धर्म के नाम पर हिंसा हो रही है ऐसे में प्यार का पैगाम ही एकमात्र विकल्प है. राहुल गांधी ने संसद में प्रधानमंत्री को गले लगा कर नफरत मिटाने का जो संदेश दिया उसे हम लोगों तक लेकर जा रहे हैं".

ये पूछने पर क्या जिस तरह नरेंद्र मोदी के चाय वाला इमेज को बीजेपी ने घर-घर पहुंचाया उसी तरह राहुल की 'गांधीगीरी' को संसद के बाद सड़क तक लाने की कोशिश है? अनिरुद्ध शर्मा ने कहा कि "हां हम इस अभियान को हर व्यक्ति तक ले जाएंगे".
2 दिन पहले ही मुम्बई में कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने राहुल-मोदी की झप्पी वाली तस्वीर के पोस्टर लगवाए जिनकी खूब चर्चा भी हुई. हालांकि कांग्रेस की इस रणनीति पर बीजेपी नेताओं का कहना है कि राहुल प्रचार पाने के लिए प्रधानमंत्री के पास जाकर गले मिले. बीजेपी नेताओं का आरोप है कि लोगों का ध्यान खींचने के लिए कांगेस नेता को प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर का सहारा लेना पड़ रहा है.
पिछले शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अपना भाषण खत्म कर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अचानक प्रधानमंत्री मोदी के पास पहुंच गए और उन्हें गले लगा लिया. शुरू में मोदी खुद चौंक गए लेकिन उन्होंने भी राहुल से हाथ मिला कर उनकी पीठ थपथपाई. हालांकि अगले दिन एक रैली में मोदी ने राहुल के गले मिलने को 'गले पड़ना' कहा.























