जवानों का अपमान करने वालों और चोरी करने वालों को न्याय के जद में लाएंगे: राहुल गांधी
राहुल ने कहा कि वायुसेना के अधिकारियों और जवानों, शहीद पायलटों के परिवारों और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के कर्मचारियों का अपमान करने और चोरी करने वालों को न्याय के जद में लाया जाएगा.

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल विमान सौदे को लेकर मंगलवार को नरेद्र मोदी सरकार पर फिर निशाना साधा है. राहुल ने कहा कि वायुसेना के अधिकारियों और जवानों, शहीद पायलटों के परिवारों और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के कर्मचारियों का अपमान करने और चोरी करने वालों को न्याय के जद में लाया जाएगा.
गांधी ने ट्वीट कर कहा, ''हम भारत की सेवा करने वाले वायुसेना के हर अधिकारी और जवान, हर शहीद पायलट के परिवार, एचएएल के साथ काम करने वाले हर व्यक्ति का दर्द महसूस करते हैं. हम समझ सकते हैं कि आप लोग क्या महसूस कर रहे हैं. हम उन सभी लोगों को न्याय के जद में लाएंगे जिन्होंने आपका अपमान किया है और आपसे चोरी की है.'' फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के एक कथित बयान आने के बाद से गांधी प्रधानमंत्री मोदी पर लगातार हमले कर रहे हैं.
To every Air Force officer and Jawan who has served India. To the family of every martyred Indian fighter pilot. To every person who ever worked for HAL. We hear your pain. We understand how you feel. We will bring to justice all those who dishonoured and stole from you. pic.twitter.com/gNFgnaYn4W
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 25, 2018
फ्रांसीसी वेबसाइट 'मीडियापार्ट' के मुताबिक, ओलांद ने कथित तौर पर कहा है कि राफेल विमान सौदे में दसाल्ट के 'ऑफसेट साझेदार' के तौर पर अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस का नाम प्रस्तावित किया था और ऐसे में फ्रांस के पास कोई विकल्प नहीं था. उधर, नरेंद्र मोदी सरकार ने ओलांद के कथित बयान को खारिज करते हुए कहा है कि दसाल्ट ने रिलायंस डिफेंस का चयन किया और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है.
गाली-गलौज नहीं, राफेल घोटाले पर जवाब दे सरकार: कांग्रेस राफेल मामले में रॉबर्ट वड्रा को लेकर बीजेपी द्वारा लगाए गए आरोप को खारिज करते हुए कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार को गाली-गलौज करने की बजाय इस घोटाले पर देश को जवाब देना चाहिए. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी सवाल किया कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं या अंबानी के प्रधानमंत्री हैं?
सुरजेवाला ने कहा, ''एक पुरानी कहावत है कि चोर मचाए शोर. जब चोर की चोरी पकड़ी जाती है तो वह शोर मचाता है. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और मोदी सरकार राफेल घोटाले का जवाब गाली-गलौज से दे रही है. क्या घोटाले का जवाब गाली से देंगे? देश इस घोटाले के बारे में जवाब चाहता है.''
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इस मामले में बीजेपी द्वारा सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा का नाम लेने से जुड़े सवाल पर सुरजेवाला ने कहा, ''कृषि राज्य मंत्री (गजेंद्र शेखावत) को यह पता होना चाहिए कि निविदा अगस्त 2007 में जारी गई थी. 12 दिसंबर, 2012 को यह निविदा खुली. 13 मार्च 2014 को कांग्रेस की सरकार ने ऑफसेट साझेदार का ठेका एचएएल को दिया, लेकिन मोदी सरकार ने इसे रिलायंस को दे दिया.'' उन्होंने कहा, अब देश की जनता मोदी बाबा और 40 चोर की कहानी सुनना चाहती है.
गौरतलब है कि कल केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आरोप लगाया था कि यूपीए सरकार रॉबर्ट वाड्रा और संजय भंडारी की कंपनी को बिचौलिए के तौर पर इस्तेमाल करना चाहती थी और जब यह नहीं हो सका तो कांग्रेस इस सौदे को खत्म कराकर बदला लेना चाहती है.
राफ़ेल की ख़रीद के सौदे को अदालत में चुनौती देंगे आप सांसद संजय सिंह आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने लड़ाकू विमान राफ़ेल की खरीद के सौदे में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए कहा है कि वह इस सौदे को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे.
सिंह ने बताया कि अदालत में याचिका दायर करने के पहले वह रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को अपने वकीलों के माध्यम से क़ानूनी नोटिस भेज रहे हैं. इसमें उनसे पूछा गया है कि राफ़ेल विमान की ख़रीद से जुड़े तथ्यों की ग़लत जानकारी देकर देश को गुमराह क्यों किया गया. सिंह ने कहा कि नोटिस का तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे.
Source: IOCL



























