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BMC elections: शिवसेना सबसे आगे, बीजेपी की बड़ी जीत, कांग्रेस को भारी नुकसान

नई दिल्ली: बीएमसी चुनाव के रिजल्ट पर आज सबकी नज़र है. 20 साल से बीएमसी पर शिवसेना-बीजेपी गठबंधन का कब्जा था. इस बार गठबंधन टूट गया है और शिवसेना-बीजेपी अलग अलग चुनाव लड़ रही हैं. रूझानों/नतीजों में शिवसेना सबसे आगे चल रही है वहीं बीजेपी को भी बड़ी जीत मिल रही है. कांग्रेस, एमएनएस और एनसीपी को इसमें भारी नुकसान उठाना पड़ा है. आपको बताते हैं बीएमसी चुनाव के रिजल्ट से संबंधित दस बड़ी बातें-
- अब तक शिवसेना 93 सीटों के साथ सबसे आगे चल रही है. शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा है कि उन्हें बहुमत मिलेगा और बीएमसी पर शिवसेना का भगवा झंडा लहराएगा. यहां आपको बता दें कि 2012 में बीजेपी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने पर शिवसेना को 75 सीटें मिली थीं.
- वहीं बीजेपी अब तक 73 सीटों पर आगे है. अलग चुनाव लड़ने से बीजेपी को बड़ा फायदा हुआ है. अगर 2012 से तुलना की जाए तो उस समय शिवसेना के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने पर बीजेपी को 31 सीटों पर जीत मिली थी. बीजेपी के लिए ये चुनाव इसलिए भी अहम है क्योंकि बीजेपी की इस जीत से नोटबंदी के फैसले को समर्थन का संदेश माना जाएगा.
- बीजेपी सांसद किरीट सोमैया के बेटे नील सोमैया को इस चुनाव में जीत मिली है. मुलुंड के इलाके के सभी 6 सीटों पर बीजेपी की जीत हुई है. मुंबई में गुजराती बहुल सीटों पर भी बीजेपी आगे है.
- बीएमसी चुनाव में कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ है. 2012 में कांग्रेस को 52 सीटें मिली थीं. लेकिन खबर लिखे जाने तक कांग्रेस सिर्फ 22 सीटों पर आगे चल रही है. कांग्रेस के लिए ये चुनाव अपनी नाक बचाने का मौका था. बढ़त मिलती तो राज्य की राजनीति में दबदबा बढ़ता. कांग्रेस के लिए सत्ता में वापसी के लिए ये चुनाव जीतना बेहद जरूरी था.
- अब कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा की पेशकश कर दी है. संजय निरूपम ने पार्टी के अंदर गुटबाजी का भी आरोप लगाया है. हार की जिम्मेदारी लेते हुए संजय निरुपम ने कहा है कि पार्टी का नुकसान करने वालों पर कार्रवाई हो
- एमएनएस को भी इस महानगर पालिका चुनाव में करा झटका लगा है. अबतक एमएनएस सिर्फ 10 सीटों पर आगे है. 2012 में एमएनएस को 28 सीटें मिली थीं. राज ठाकरे के पास पार्टी का अस्तित्व बनाए रखने ये इकलौता रास्ता है. इस चुनाव में एमएनएस के लिए करो या मरो की स्थिति है. सीट बढ़ती तो महाराष्ट्र की राजनीति में राज ठाकरे का कद बढ़ता .
- एनसीपी को भी इस चुनाव में भारी नुकसान होता दिख रहा है. एनसीपी को 2012 में 13 सीटें मिली थीं. इस वक्त एनसीपी सिर्फ 07 सीटों पर आगे चल रही है.
- एनसीपी के वरिष्ठ नेता सचिन अहीर ने हार की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि अध्यक्ष शरद पवार से बात करके इस्तीफा देने या ना देने का फैसला लेंगे.
- सोलापुर में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने पांच सीटें जीत ली हैं. ये पार्टी पहली बार महानगर पालिका के चुनाव में उतरी है.
- आपको बता दें कि 227 सदस्यीय बीएमसी चुनाव के लिए मंगलवार को वोटिंग हुई थी. मुंबई के अलावा 10 अन्य नगरपालिकाओं में भी चुनाव हुए थे.
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Source: IOCL

























