आरोप और इस्तीफे की मांग पर बोले मनन मिश्रा- 'बेतुकी और बकवास बातें...'
बार काउंसिल के अध्यक्ष मनन मिश्रा के खिलाफ लगातार विरोध बढ़ रहा है. बीसीआई के सह-अध्यक्ष YR सदाशिव रेड्डी ने इस्तीफे की मांग की है. अब इस पर मिश्रा की प्रतिक्रिया आई है.

अगले 15 दिन में इस्तीफे के अल्टीमेटम के बाद अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने उन्हीं के सहयोगी बीसीआई के सह अध्यक्ष वाय आर सदाशिव रेड्डी पर पलटवार किया है. मिश्रा ने रेड्डी की सदस्यता पर ही सवाल उठा दिए हैं.
IANS न्यूज एजेंसी के मुताबिक, 'बार BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने कहा है कि एक समय था, जब रेड्डी साहब यहां के सदस्य और को चैयरमैन थे. आज सदाशिव रेड्डी कर्नाटक स्टेट बार काउंसिल के सदस्य भी नहीं है. वहां चुनाव के नतीजे आ चुके है. उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा था. आज वे कर्नाटक स्टेट बार काउंसिल के सदस्य भी नहीं हैं.'
Delhi: Bar Council of India (BCI) Chairman Manan Kumar Mishra says, "There was a time when Reddy Sahab was a member here and was the Co-Chairman. As of today, Sadasiva Reddy is not even a member of the Karnataka State Bar Council. The election results there have been declared,… https://t.co/hNZkT0z164 pic.twitter.com/PXEjLw3s0Z
— IANS (@ians_india) August 22, 2026
मिश्रा पर रेड्डी ने 150 करोड़ के गबन के आरोप लगाए हैं
मिश्रा ने उन आरोपों पर भी बात की, जिनमें रेड्डी ने अपने पत्र में 150 करोड़ के गबन के आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि रेड्डी ने जो भी आरोप लगाए हैं, वे निजी और राजनीतिक कारणों से लगाए गए हैं. वे दूसरी पार्टी से जुड़े हैं. वे BJP का विरोध करते हैं. वे शुरू से ही हमारे विरोधी रहे हैं, यहां भी. जब तक वे सदस्य रहे, उन्होंने जितना हो सका मेरा विरोध किया. और आज, बार काउंसिल से बाहर होने के बाद भी, वे ऐसी बेतुकी और बकवास बातें कर रहे हैं.
NALSAR विवाद के बाद से लगातार मुश्किलों में बीसीआई अध्यक्ष
पत्र के बाद से अब दोनों में जुबानी जंग भी तेज होती नजर आ रही है. इससे पहले NALSAR विवाद के बाद से बीसीआई अध्यक्ष बुरी तरह से घिरे हुए हैं. उन्होंने हैदराबाद स्थित NALSAR लॉ कॉलेज में सीजेआई को लेकर दीक्षांत समारोह में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद एक फैसला दिया था. इसमें उन्होंने कॉलेज के स्टूडेंट के वकीलों के रजिस्ट्रेशन करने पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद विरोध बढ़ गया था.
हालांकि, कुछ देर बाद फैसला वापस ले लिया गया था. इसके बाद मिश्रा ने छात्रों से माफी मांगी थी, लेकिन अब लगता है, कि हालात पूरी तरह से बदल गए हैं. यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन लगातार विरोध प्रदर्शन करते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है.























