'40% महंगी हुई चीनी, इथेनॉल और E 20...', खरगे का दावा, BJP ने दिया जवाब
Mallikarjun Kharge on sugar price hike: खरगे के चीनी की कीमतों को लेकर मोदी सरकार को घेरने पर बीजेपी नेता अमित मालवीय का बयान आया है. बीजेपी नेता ने आंकड़े पेश कर पूरी जानकारी दी.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर शनिवार (22 अगस्त) को केंद्र सरकार को घेरा. उन्होंने सरकार से इथेनॉल को लेकर भी सवाल किया. अब इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी के नेता अमित मालवीय ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि चीनी की कीमत, स्टॉक और आयात को E20 से जोड़ना सुविधाजनक राजनीति है, लेकिन आंकड़े इसकी पुष्टि नहीं करते.
उन्होंने सिलसिलेवार ढंग से आकंड़े गिनाते हुए 9 साल के सबसे कम स्टॉक और 10 लाख टन आयात को लेकर कहा कि आयात का फैसला शुगर बैलेंस से होता है. उत्पादन, इस्तेमाल, स्टॉक, कीमतों और E20 से तय नहीं होता है. उन्होंने कहा कि 2025-26 का शुरुआती उत्पादन अनुमान करीब 349 लाख टन था, जो घटकर लगभग 280 लाख टन रह गया है.
अमित मालवीय ने कहा कि उत्पादन में भारी गिरावट, स्थिर खपत और घटते क्लोजिंग स्टॉक मौजूदा दबाव की असली वजह हैं. ऐसे में घरेलू उपलब्धता और कीमतों को संभालने के लिए आयात संतुलित नीतिगत प्रक्रिया है. उन्होंने कहा कि कीमतों पर दबाव उत्पादन और स्टॉक में कमी से आया है. इसे E20 की देन बताना आंकड़ों के खिलाफ है.
चीनी की कीमत, स्टॉक और आयात को E20 से जोड़ना सुविधाजनक राजनीति है, लेकिन आंकड़े इसकी पुष्टि नहीं करते।
— Amit Malviya (@amitmalviya) August 22, 2026
1. “9 साल का सबसे कम स्टॉक क्यों? 10 लाख टन आयात क्यों?”
क्योंकि आयात का फैसला Sugar Balance से होता है, उत्पादन, consumption, stocks और prices से, E20 से नहीं।
2025-26 का… https://t.co/oNXs7kU37w
अमित मालवीय ने दिए आंकड़े
चीनी कम है तो गन्ना E20 में क्यों झोंक रहे हैं, इस सवाल के जवाब में अमित मालवीय ने कहा कि E20 को चीनी की कमी का कारण बताना ही गलत है. उन्होंने कहा कि भारत E20 से बहुत पहले भी चीनी आयात करता था. UPA-II में 2009-10 से 2013-14 के बीच 75.25 LMT आयात हुआ, अकेले 2009-10 में 41.8 LMT, जब E20 का कोई सवाल ही नहीं था. हर इंपोर्ट घरेलू खपत के लिए भी नहीं होता बल्कि कच्ची चीनी का एक हिस्सा प्रोसेसिंग और री-एक्सपोर्ट के लिए आता है.
मल्लिकार्जुन खरगे के सवाल
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि त्योहारों से पहले चीनी की मिठास में मोदी सरकार की नीतियों की कड़वाहट घुल गई है. उन्होंने मोदी सरकार से 3 सवाल पूछे. सबसे पहले खरगे ने कहा कि दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक भारत में आज चीनी का स्टॉक 9 साल के निचले स्तर पर क्यों है? नौबत निर्यात रोकने और 10 लाख टन चीनी ड्यूटी फी आयात करने तक कैसे पहुंच गई है?
खरगे ने सवाल पूछते हुए कहा कि 3 महीने में चीनी करीब 40 फीसदी महंगी हो गई. त्योहारों से पहले जनता पर पड़ी इस महंगाई की मार का जिम्मेदार कौन है? जब देश में चीनी की कमी है और सरकार विदेश से चीनी मंगा रही है, तो गन्ने और अनाज को E20 के लिए एथेनॉल बनाने में झोंकने की नीति की समीक्षा क्यों नहीं हो रही है?
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