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उड्डयन क्षेत्र को लग सकता है बड़ा झटका, संसदीय समिति की बैठक में जताई गई चिंता
बुधवार को हुई परिवहन, पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में कोरोना वायरस के ख़तरे के मद्देनज़र रेलवे और नागरिक उड्डयन क्षेत्र पर पड़ने वाले असर की समीक्षा की गई.

नई दिल्ली: कोरोना का बढ़ता संकट देश और दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बनता जा रहा है. भारत में शेयर बाज़ार की खस्ता होती हालत इसका बड़ा उदाहरण है. भारत के नागरिक उड्डयन सेक्टर पर भी संकट गहराता जा रहा है. विमान कम्पनियों के पास नक़दी का संकट बुधवार को हुई परिवहन, पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में कोरोना वायरस के ख़तरे के मद्देनज़र रेलवे और नागरिक उड्डयन क्षेत्र पर पड़ने वाले असर की समीक्षा की गई. सबसे ज़्यादा चर्चा नागरिक उड्डयन क्षेत्र को लेकर हुई. सदस्यों ने बैठक में मौजूद नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों से इस बारे में कई सवाल किया. कई सदस्यों ने देश की विमान कम्पनियों की ख़स्ता होती माली हालत पर चिंता जताई. सांसदों ने कहा कि कुछ प्राइवेट विमान कम्पनियों के पास नक़दी का बड़ा संकट पैदा हो गया है जिसके चलते उनका परिचालन अगले कुछ हफ़्तों में ठप्प तक हो सकता है. 'भारत का गहना है एयर इंडिया ' सदस्यों ने एयर इंडिया पर भी कोरोना के असर को लेकर चिंता जताई लेकिन साथ ही उसकी जमकर तारीफ़ भी की. सांसदों ने मुश्किल वक़्त में बाहर फंसे देश के लोगों को वापस भारत लाने में एयर इंडिया और उसके सभी कर्मचारियों की भूमिका की जमकर प्रशंसा की. इसी बहाने बैठक में मौजूद विपक्ष के कुछ सांसदों ने एयर इंडिया को बेचे जाने का मसला भी उठा दिया. इन सांसदों ने कहा कि एयर इंडिया भारत का गहना है और उसे कभी भी बिकने नहीं दिया जाएगा. यात्रियों ने 63% ट्रेन टिकट रदद् किए कोरोना की दहशत का असर रेलवे पर भी पड़ा है. स्थायी समिति की बैठक में रेलवे की ओर से मौजूद रेलवे के आला अधिकारियों ने समिति को बताया कि पिछले 10 दिनों में यात्रियों ने 63% ट्रेन टिकट रद्द करवा दिए हैं. अकेले उत्तर रेलवे ज़ोन में क़रीब 8 लाख टिकट रद्द किए गए हैं. हालांकि समिति ने रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को बैठक में अधूरी तैयारियों के साथ शामिल होने के लिए कड़ी फटकार लगाई.
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