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पश्चिम बंगाल में एक और बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या, बिजली के तार से लटका मिला शव
तीन दिन में ये दूसरे बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या है. तीन दिन पहले पुरुलिया जिले के बलरामपुर में एक बीजेपी कार्यकर्ता का शव पेड़ से लटका हुआ मिला था.

पुरुलिया: पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के बाद राजनीतिक हत्याओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के बलरामपुर में एक और बीजेपी कार्यकर्ता का बिजली के खंभे से लटका हुआ शव मिला है. बीजेपी के इस कार्यकर्ता की हत्या का आरोप सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लग रहा है. तीन दिन में दूसरे बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या शव की पहचान बलरामपुर के रहने वाले 30 साल के दुलाल कुमार के रूप में हुई है जो बीजेपी के कार्यकर्ता थे. पुरुलिया जिले के इसी गांव में तीन दिन में ये दूसरे बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या है. तीन दिन पहले पुरुलिया जिले के बलरामपुर में एक बीजेपी कार्यकर्ता का शव पेड़ से लटका हुआ मिला था. कैलाश विजयवर्गीय ने पुलिस पर उठाए सवाल इस घटना के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट किया है, ''हम शर्मिंदा हैं! मैंने कल रात अनुज शर्मा एडीजी लॉ & ऑर्डर, पश्चिम बंगाल से बहुत देर बात की. बलरामपुर के दुलाल की जान खतरे में है बताते हुए,उनसे किसी भी हाल में उसे बचाने के लिए अनेक बार कहा! उन्होंने कहा था, पुलिस पूरी ताकत से कोशिश कर रही है और मैं स्वयं पूर्ण प्रयास करूंगा.''
NHRM ने ममता सरकार से मांगी रिपोर्ट इस मामले में कल राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी थी. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या पर गुस्सा जाहिर कर चुके हैं. अमित शाह ने कहा पश्चिम बंगाल में तृणमूल सरकार के संरक्षण में हिंसा हो रही है.हम शर्मिंदा हैं!
मैंने कल रात अनुज शर्मा ADG लॉ & ऑर्डर, #WestBengal से बहुत देर बात की.. बलरामपुर के दुलाल की जान खतरे मे है बताते हुए,उनसे किसी भी हाल मे उसे बचाने के लिए अनेक बार कहा! उन्होने कहा था, पुलिस पूरी ताकत से कोशिश कर रही है और मैं स्वयं पूर्ण प्रयास करूंगा.. 1/2 pic.twitter.com/eW8FFWm4j1 — Kailash Vijayvargiya (@KailashOnline) June 2, 2018
Deeply hurt by the brutal killing of our young karyakarta, Trilochan Mahato in Balarampur,West Bengal. A young life full of possibilities was brutally taken out under state’s patronage. He was hanged on a tree just because his ideology differed from that of state sponsored goons. pic.twitter.com/nHAEK09n7R
— Amit Shah (@AmitShah) May 30, 2018
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Source: IOCL

























