एक्सप्लोरर

Sugar Alternatives: चीनी महंगी हुई तो क्या खाएं? जानें गुड़, शहद और खजूर में कौन बेहतर

Which Sweetener Is Better: भारतीय घरों में गुड़ का इस्तेमाल लंबे समय से चीनी के विकल्प के रूप में होता रहा है. यह गन्ने के रस से बनता है और सफेद चीनी की तुलना में कम प्रोसेस्ड होता है.

Best Sugar Alternatives Jaggery Honey Dates: चीनी की कीमत बढ़ने के बाद अगर आप रोजमर्रा की चाय, मिठाई या दूसरी चीजों में इसका विकल्प तलाश रहे हैं, तो गुड़, शहद और खजूर तीन ऐसे नाम हैं जो सबसे पहले ध्यान में आते हैं.  हाल के दिनों में चीनी की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई है. मिनिस्ट्री ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स, फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को चीनी की औसत कीमत 48.18 रुपये प्रति किलो थी, जो 20 अगस्त 2026 तक बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलो हो गई. मंत्रालय ने इसके पीछे घरेलू उत्पादन उम्मीद से कम रहना, त्योहारों से पहले बढ़ती मांग, मौसम से गन्ने की फसल को नुकसान, वैश्विक स्तर पर सप्लाई में कमी और कुछ हिस्सों में जमाखोरी जैसे कारण बताए हैं.

ऐसे में अगर आप चीनी का इस्तेमाल कम करना चाहते हैं, तो गुड़, शहद और खजूर विकल्प हो सकते हैं. लेकिन इन्हें चुनते समय यह समझना जरूरी है कि इनमें से कोई भी चीज जरूरत से ज्यादा खाने पर हेल्दी नहीं बन जाती.

गुड़- चीनी से कम प्रोसेस्ड, लेकिन मीठा उतना ही संभलकर

भारतीय घरों में गुड़ का इस्तेमाल लंबे समय से चीनी के विकल्प के रूप में होता रहा है. यह गन्ने के रस से बनता है और सफेद चीनी की तुलना में कम प्रोसेस्ड होता है. इसमें थोड़ी मात्रा में आयरन और दूसरे मिनरल्स भी मिलते हैं, जो इसे पोषण के लिहाज से चीनी से कुछ अलग बनाते हैं. लेकिन गुड़ को बिना किसी सीमा के खाना सही नहीं है. इसमें कैलोरी और प्राकृतिक शर्करा की मात्रा काफी होती है और यह ब्लड शुगर को बढ़ा सकता है. यानी अगर किसी का लक्ष्य सिर्फ सफेद चीनी कम करना है, तो सीमित मात्रा में गुड़ एक विकल्प हो सकता है. लेकिन वजन या ब्लड शुगर को कंट्रोल करने वाले लोगों के लिए इसे चीनी का पूरी तरह बेफिक्र होकर इस्तेमाल किया जाने वाला विकल्प नहीं माना जा सकता.


Sugar Alternatives: चीनी महंगी हुई तो क्या खाएं? जानें गुड़, शहद और खजूर में कौन बेहतर

शहद- स्वाद के साथ एंटीऑक्सीडेंट भी, लेकिन मात्रा का रखें ध्यान

शहद को अक्सर चीनी से ज्यादा प्राकृतिक और हेल्दी माना जाता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट और कुछ एंटीबैक्टीरियल गुण भी होते हैं. इसका स्वाद चीनी की तुलना में ज्यादा मीठा महसूस हो सकता है, इसलिए कई बार कम मात्रा में भी काम चल जाता है. हालांकि, शहद भी आखिरकार मीठा पदार्थ है और इसमें मौजूद शर्करा ब्लड शुगर पर असर डाल सकती है. इसलिए सिर्फ यह सोचकर कि शहद प्राकृतिक है, इसे ज्यादा मात्रा में लेना सही नहीं है. जिन लोगों को डायबिटीज है या जो वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें शहद की मात्रा पर भी नजर रखनी चाहिए.


Sugar Alternatives: चीनी महंगी हुई तो क्या खाएं? जानें गुड़, शहद और खजूर में कौन बेहतर

खजूर- फाइबर के साथ मिलती है मिठास

अगर बात खजूर की करें, तो यह सिर्फ मिठास ही नहीं देता बल्कि इसमें फाइबर और कुछ मिनरल्स भी होते हैं. यही वजह है कि खजूर को चीनी के मुकाबले एक पोषण से भरपूर विकल्प माना जाता है. इसे सीधे खाया जा सकता है या घर की कुछ मिठाइयों, शेक और दूसरी रेसिपीज में इस्तेमाल किया जा सकता है. खजूर से बनी मिठास या डेट शुगर में फाइबर होने की वजह से यह साधारण रिफाइंड चीनी से अलग है. फिर भी इसमें प्राकृतिक शर्करा और कैलोरी मौजूद होती है. इसलिए इसे भी जरूरत से ज्यादा खाना सही नहीं है. खासकर ब्लड शुगर की समस्या वाले लोगों को इसकी मात्रा को लेकर सावधानी रखनी चाहिए.

इसे भी पढ़ेंः Smoking Side Effects: क्या पहली ही सिगरेट से खराब होने लगते हैं फेफड़े? जानें सच

तो आखिर चीनी की जगह कौन बेहतर?

अगर सिर्फ तीनों विकल्पों की बात करें, तो चुनाव आपकी जरूरत पर निर्भर करता है. पारंपरिक स्वाद और कम प्रोसेस्ड विकल्प चाहिए तो सीमित मात्रा में गुड़ लिया जा सकता है. एंटीऑक्सीडेंट के साथ मीठा स्वाद चाहिए तो शहद एक विकल्प हो सकता है. वहीं, मिठास के साथ फाइबर और कुछ पोषक तत्व भी चाहिए तो खजूर को डाइट में शामिल किया जा सकता है.

यह समझना जरूरी है कि गुड़, शहद और खजूर तीनों में मिठास और कैलोरी मौजूद होती है. इसलिए चीनी महंगी होने पर इन्हें सीधे असीमित मात्रा में इस्तेमाल करना सही नहीं है. बेहतर विकल्प वही होगा जो आपकी जरूरत और डाइट के हिसाब से हो और जिसकी मात्रा नियंत्रित रखी जाए. खासकर डायबिटीज या ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या वाले लोगों को मीठे विकल्प चुनने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए.

इसे भी पढ़ेंः Delhi NCR Health Study: दिल्ली-NCR में हर 20 में से 1 को 2 गंभीर बीमारियां! स्टडी में बड़ा खुलासा

About the author सोनम

जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. 

लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.

ट्रैवल उनका इंटरेस्ट  एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Iodine Deficiency: टेबल सॉल्ट, सेंधा या पिंक सॉल्ट, आयोडीन के लिए कौन सा नमक चुनें?
टेबल सॉल्ट, सेंधा या पिंक सॉल्ट, आयोडीन के लिए कौन सा नमक चुनें?
घर में बनेंगे बाजार की तरह फूले हुए भटूरे, इस तरह से गूंथें आटा
घर में बनेंगे बाजार की तरह फूले हुए भटूरे, इस तरह से गूंथें आटा
क्या घर का खाना खाने से भी डैमेज हो सकता है लिवर, क्यों होता है ऐसा?
क्या घर का खाना खाने से भी डैमेज हो सकता है लिवर, क्यों होता है ऐसा?
बीमारी से पहले बचाव पर जोर, जेपी नड्डा ने बताया नया हेल्थ मॉडल
बीमारी से पहले बचाव पर जोर, जेपी नड्डा ने बताया नया हेल्थ मॉडल
Advertisement

वीडियोज

Man Atisundar: 🕵🏻‍♀️Radhya का भेष बदलकर नया खेल, क्‍या खुलेगा Antara के धोखे का बड़ा राज़? #sbs
Bollywood News: विजयादशमी के मौके पर रामायण के मेकर्स ने 'रावण तांडव' के साथ खेला बड़ा दांव (21.10.26)
Sansani : साजिश की श्रद्धा....खेल खत्म ! | ABP
Ravana Dahan 2026 : विजयादशमी की धूम..देशभर में जश्न | Vijayadashami | Delhi | Ramlila Maidan
Janhit with Chitra Tripathi: फ्रांस की तरह भारत में भी 'आगजनी' की साजिश थी? | Rahul Gandhi | GenZ
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
एसआईआर के खिलाफ बड़े मार्च की तैयारी, अभिजीत दीपके -राकेश टिकैत समेत पहुंचेंगे ये नेता
एसआईआर के खिलाफ बड़े मार्च की तैयारी, अभिजीत दीपके -राकेश टिकैत समेत पहुंचेंगे ये नेता
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में एक्शन, सब डिवीजन DSP और ड्रग इंस्पेक्टर सस्पेंड
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में एक्शन, सब डिवीजन DSP और ड्रग इंस्पेक्टर सस्पेंड
रांका और सौरव को बड़ी राहत: 7 दिनों के बाद रिहाई के आदेश, दीपके ने शेयर किया SRK का ये क्लिप
रांका और सौरव को बड़ी राहत: 7 दिनों के बाद रिहाई के आदेश, दीपके ने शेयर किया SRK का ये क्लिप
एशियन पैरा गेम्स: आज भारत ने जीते 5 गोल्ड समेत 22 मेडल, टोटल पदक हो गए 62; टॉप-5 में एंट्री
एशियन पैरा गेम्स: आज भारत ने जीते 5 गोल्ड समेत 22 मेडल, टोटल पदक हो गए 62; टॉप-5 में एंट्री
रश्मिका से शादी के लिए हां करने में विजय ने क्यों लिया था 1 साल? 'कॉफी विद करण 9' में खोला राज
रश्मिका से शादी के लिए हां करने में विजय ने क्यों लिया था 1 साल? 'कॉफी विद करण 9' में खोला राज
दुनिया के सामने आया 'मक्का रक्षा समझौते' का मसौदा, जानें किन-किन शर्तों पर सहमति
दुनिया के सामने आया 'मक्का रक्षा समझौते' का मसौदा, जानें किन-किन शर्तों पर सहमति
Explained: भारत में पाकिस्तान के 'कसीदे' से US ट्रेड डील तक! मार्को रूबियो के दौरे की 5 बड़ी बातें
भारत में PAK के 'कसीदे' से US ट्रेड डील तक! मार्को रूबियो के दौरे की 5 बड़ी बातें
Collab हो गया...भारत-पाक के स्कैमर्स ने मिल लूटा कनाडा का बैंक
Collab हो गया...भारत-पाक के स्कैमर्स ने मिल लूटा कनाडा का बैंक
Embed widget