एक्सप्लोरर

Puja Paath: पूजा-पाठ में क्यों नहीं करते प्याज और लहसुन का इस्तेमाल,जानिए इससे जुड़ी पौराणिक कथा

Pauranik katha: जब भी भगवान के पूजा-पाठ की बात आती है तो लहसुन और प्याज को उनसे दूर ही रखा जाता है. आखिर ऐसी क्या वजह है कि लहसुन और प्याज का प्रयोग पूजा तथा व्रत में वर्जित है ?

Puja Paath: हमारे हिन्दू धर्म में अनेक मान्यता प्रचलित हैं, जिनका हम लोग पालन भी करते हैं। शास्त्रों के अनुसार विशेषकर प्याज और लहसून भगवान को चढ़ाने से मना किया गया है। इसलिए इन दोनों को धार्मिक कार्यों में प्रयोग नहीं किया जाता है. ये जानते हुए कि प्‍याज-लहसुन गुणों की खान है, लेकिन इसके बाद भी व्रत के लिए बनने वाले किसी भी प्रकार के भोजन में प्‍याज-लहसुन का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसके पीछे एक पौराणिक कथा भी है. आइए जानते हैं कि समुद्र मंथन के समय ऐसा क्या हुआ था, जिसके कारण लहसुन और प्याज का प्रयोग पूजा तथा व्रत में वर्जित है.

समुद्र मंथन की घटना
भगवान को लहसुन और प्याज का भोग न लगाने के पीछे एक पौराणिक कथा भी जुड़ी है. कहा जाता है कि श्रीहीन हो चुके स्वर्ग को खोई हुई वैभव-संपदा की प्राप्ति के लिए देव और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था. समुद्र मंथन करने के दौरान लक्ष्मी के साथ कई रत्नों समेत अमृत कलश भी निकला था. अमृत पान के लिए देवताओं और असुरों में विवाद हुआ, तो भगवान विष्णु मोहिनी रुप धारण कर अमृत बांटने लगे. सबसे पहले अमृत पान की बारी देवताओं की थी, तो भगवान विष्णु क्रमश: देवताओं को अमृत पान कराने लगे. तभी एक राक्षस देवता का रूप धारण कर उनकी पंक्ति में खड़ा हो गया. सूर्य देव और चंद्र देव उसे पहचान गए. उन्होंने विष्णु भगवान से उस राक्षस की सच्चाई बताई, तब भगवान विष्णु ने अपने चक्र से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया. उसने थोड़ा अमृत पान किया था, जो अभी उसके मुख में था. सिर कटने से खून और अमृत की कुछ बूंदें जमीन पर गिर गईं. उससे ही लहसुन और प्याज की उत्पत्ति हुई. जिस राक्षस का सिर और धड़ भगवान विष्णु ने काटा था, उसका सिर राहु और धड़ केतु के रूप में जाना जाने लगा. राक्षस के अंश से लहसुन और प्याज की उत्पत्ति हुई थी, इस कारण से उसे व्रत या पूजा में शामिल नहीं किया जाता है.

आयुर्वेद में भोजन की तीन श्रेणियां
आयुर्वेद में भोजन को तीन श्रेणियों में बांटा गया है – सात्विक, तामसिक और राजसी. इन तीन तरह के भोजन करने पर शरीर में सत, तमस और रज गुणों का संचार होता है.

सात्विक भोजन 
इसमें ताज़े फल, ताज़ी सब्ज़ियां, दही, दूध जैसे भोजन सात्विक हैं और इनका प्रयोग उपवास के दौरान ही नहीं बल्कि हर समय किया जाना अच्छा है.

तामसिक और राजसी भोजन
इस तरह के भोजन का मतलब बासी खाने से होता है.इसमें बादी करने वाली दालें और मांसाहार जैसी चीज़ें शामिल हैं.

राजसिक भोजन 
यह बेहद मिर्च मसालेदार, चटपटा और उत्तेजना पैदा करने वाला खाना है. इन दोनों ही तरह के भोजनों को स्वास्थ्य और मन के लिए लाभदायक नहीं बल्कि नुकसानदायक है. 

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

ये भी पढ़ें :-Nirjala Ekadashi 2022: निर्जला एकादशी व्रत में इन सामग्री के साथ करें पूजन, सुख शान्ति में होगी वृद्धि

Karva Chauth 2022: कब है करवा चौथ व्रत? जानें तिथि, पूजा के लिए शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Rashifal 3 May 2026: वृषभ, कर्क सहित 5 राशियों के सितारे रहेंगे बुलंद, भाग्य का मिलेगा साथ, जानें मेष-मीन राशिफल
वृषभ, कर्क सहित 5 राशियों के सितारे रहेंगे बुलंद, भाग्य का मिलेगा साथ, जानें मेष-मीन राशिफल
Sankashti Chaturthi 2026: एकदंत संकष्टी चतुर्थी मई में कब ? नोट करें डेट, पूजा मुहूर्त, चंद्रमा निकलने का समय
एकदंत संकष्टी चतुर्थी मई में कब ? नोट करें डेट, पूजा मुहूर्त, चंद्रमा निकलने का समय
Vat Savitri Vrat 2026 Date: वट सावित्री व्रत कब, नोट करें तारीख, मुहूर्त, क्यों होती है इस दिन बरगद पेड़ की पूजा
वट सावित्री व्रत कब, नोट करें तारीख, मुहूर्त, क्यों होती है इस दिन बरगद पेड़ की पूजा
Shani Jayanti पर शनिवार का दुर्लभ संयोग, 16 या 17 मई कब है शनिश्चरी अमावस्या, सही तारीख जानें
Shani Jayanti पर शनिवार का दुर्लभ संयोग, 16 या 17 मई कब है शनिश्चरी अमावस्या, सही तारीख जानें

वीडियोज

SC से Mamata को 'झटका'..4 मई को क्या? | Mamata | TMC | BJP | PM Modi | Bengal Election 2026
ABP Report: 4 मई की उल्टी गिनती शुरू! बंगाल में सियासी पारा हाई | Mamata | TMC | BJP | PM Modi
Sandeep Chaudhary: EXIT POLL की पड़ताल, क्या कहते हैं विशेषज्ञ? | Bengal Elections 2026
Chitra Tripathi: बंगाल में पैकअप तय..कौन संभालेगा कमान? | Bengal Elections 2026 | Mamata Vs PM | ABP
Shastrartha With Chitra Tripathi: धर्म युद्ध या सियासत? शास्त्रार्थ में तीखी बहस | Bengal Election

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'एक अकेली लड़ जाएगी, जीतेगी और...', बंगाल चुनाव के नतीजों से पहले ममता बनर्जी के लिए क्या बोले अखिलेश यादव?
'एक अकेली लड़ जाएगी, जीतेगी और...', बंगाल चुनाव के नतीजों से पहले ममता बनर्जी के लिए क्या बोले अखिलेश यादव?
'अमेरिका की किसी भी मूर्ख हरकत के लिए सेना तैयार', युद्ध की सुगबुगाहट के बीच ईरान की ट्रंप को सख्त चेतावनी
'अमेरिका की किसी भी मूर्ख हरकत के लिए सेना तैयार', युद्ध की सुगबुगाहट के बीच ईरान की चेतावनी
क्यों 18 करोड़ के मथीशा पथिराना को नहीं खिला रही कोलकाता नाइट राइडर्स, कोच बोले फिट है लेकिन...
क्यों 18 करोड़ के मथीशा पथिराना को नहीं खिला रही कोलकाता नाइट राइडर्स, कोच बोले फिट है लेकिन...
'शर्म आनी चाहिए...', 'भूत बंगला' अक्षय कुमार के कहने पर कटा तब्बू का रोल? प्रियदर्शन ने किया खुलासा
'शर्म आनी चाहिए...', 'भूत बंगला' अक्षय कुमार के कहने पर कटा तब्बू का रोल? प्रियदर्शन ने किया खुलासा
चुनाव आयोग का बंगाल को लेकर बड़ा फैसला, 165 एडिशनल काउंटिंग और 77 पुलिस ऑब्जर्वर किए नियुक्त
चुनाव आयोग का बंगाल को लेकर बड़ा फैसला, 165 एडिशनल काउंटिंग और 77 पुलिस ऑब्जर्वर किए नियुक्त
'समुद्री लुटेरों' की तरह काम कर रही US नेवी, ट्रंप होर्मुज नाकेबंदी पर बड़ा बयान, ईरान ने कहा- 'हथियारबंद डकैती'
'समुद्री लुटेरों' की तरह काम कर रही US नेवी, ट्रंप होर्मुज नाकेबंदी पर बड़ा बयान, ईरान ने कहा- 'हथियारबंद डकैती'
Nutrient Deficiency Symptoms: बिना वजह रहता है मूड खराब? शरीर में इन विटामिन की कमी तो नहीं है वजह
बिना वजह रहता है मूड खराब? शरीर में इन विटामिन की कमी तो नहीं है वजह
घर की छत पर है जगह तो ऐसे उगा सकते हैं हरा-भरा कद्दू, नोट कर लें तरीका
घर की छत पर है जगह तो ऐसे उगा सकते हैं हरा-भरा कद्दू, नोट कर लें तरीका
Embed widget