एक्सप्लोरर

Kartik Purnima 2024: कार्तिक पूर्णिमा का दिन आखिर इतना महत्वपूर्ण क्यों, जानिए इसके शास्त्रीय पहलू

Kartik Purnima 2024: कार्तिक पूर्णिमा को हिंदू धर्म में बहुत ही शुभ दिन माना गया है और शास्त्रों में भी कार्तिक पूर्णिमा का महत्व बताया गया है.आइए इसके शास्त्रीय स्वरूप पर दृष्टि डालते हैं.

Kartik Purnima 2024: आज कार्तिक पूर्णिमा है और यह पूर्णिमा अत्यंत पवित्र मानी गई है. उत्तर भारत में इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है. हालांकि देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग हर पूर्णिमा और एकादशी को गंगा या अन्य नदियों में स्नान करते हैं, लेकिन इस दिन का गंगा स्नान अत्यंत पवित्र माना जाता है. 

कार्तिक पूर्णिमा का शास्त्रीय पहलू

नारद पुराण (पूर्वभाग-चतुर्थ पाद,अध्याय क्रमांक 124) अनुसार कार्तिक मास की पूर्णिमा को सम्पूर्ण शत्रुओं पर विजय पाने के लिए कार्तिकेय जी का दर्शन करें. उसी तिथि को प्रदोषकाल में दीप-दान के द्वारा सम्पूर्ण जीवों के लिए सुखदायक 'त्रिपुरोत्सव' करना चाहिए. उस दिन दीप का दर्शन करके मोक्ष को प्राप्त करतें हैं. उस दिन चन्द्रोदय के समय छहों कृत्तिकाओं की, खड्गधारी कार्तिकेय की तथा वरुण और अग्नि की गन्ध, पुष्प, धूप, दीप, प्रचुर नैवेद्य, उत्तम अन्न, फल तथा शाक आदि के द्वारा एवं होम द्वारा पूजा करनी चाहिए. इस प्रकार देवताओं की पूजा करके घर से बाहर दीप-दान करना चाहिए.

दीपकों के पास ही एक सुन्दर चौकोर गड्डा खोदे. उसकी लंबाई- चौड़ाई और गहराई चौदह अंगुलकी रखें. फिर उसे चन्दन और जल से सींचे. इसके बाद उस गड्ढे को गाय के दूध से भरकर उसमें सर्वाङ्गसुन्दर सुवर्णमय मत्स्य डाले. उस मत्स्य के नेत्र मोती के बने होने चाहिए. फिर 'महामत्स्याय नमः' इस मन्त्र का उच्चारण करते हुए गन्ध आदि से पूजा करके ब्राह्मण को उसका दान कर दे. यह क्षीरसागर-दान की विधि है. इस दान के प्रभाव से मनुष्य भगवान विष्णु के समीप आनंद भोगता है. इस पूर्णिमा को 'वृषोसर्गव्रत' तथा 'नक्तव्रत' करके मनुष्य रुद्र-लोक प्राप्त कर लेता है.

कार्तिक पूर्णिमा की कहानी

व्रतुत्सव चंद्रिका अध्याय क्रमांक 31 अनुसार, प्राचीन काल से यह कतकी या कार्तिकी के नाम से प्रचलित है. इस दिन विष्णु का मत्स्य अवतार भी हुआ था. पवित्रता के पीछे एक कहानी है की इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक असुर का वध कर दिया था. त्रिपुर ने चारों तरफ आतंक और उत्पात मचा रखा था. उसने कठोर तपस्या द्वारा यह वरदान प्राप्त किया था कि उसे न तो कोई पुरुष मारेगा न कोई स्त्री, न देवता न राक्षस.उसे केवल वही व्यक्ति मारेगा जो मातपिता रहित है.

त्रिपुर हालांकि अमरत्व ही चाहता था पर ब्रह्मा ने कहा कि वे ऐसा वरदान देने में सक्षम नहीं. तो त्रिपुर को इसी से सन्तुष्ट होना पड़ा. पर उसका उत्पात बढ़ता गया. देवताओं को उसने अपना द्वारपाल बना लिया. चारों तरफ त्राहि त्राहि मची थी. नारद एक दिन त्रिपुर के पास पहुंचे. उनका जाना हमेशा सकारण होता है, हालचाल पूछने के बाद त्रिपुर ने नारद से जानना चाहा कि क्या उसके समान अन्य कोई शक्तिशाली है क्या. यह जानकर की वही सबसे अधिक शक्तिशाली है, वह और विध्वंसक हो गया.

दूसरी तरफ नारद देवताओं के पास जाकर उनसे यह कह आए की आप यह आतंक क्यों सहन कर रहे हैं. देवताओं ने उपाय रूप में पहले अप्सराओं को त्रिपुर को जाल में फसाने के लिए भेजा. जब बात नही बनी तो ब्रह्मा के पास गए. ब्रह्मा ने बताया की वरदाता तो वे स्वयं हैं तो कुछ नहीं कर सकते. देवता तब विष्णु के पास गए. विष्णु ने तब देवताओं को बताया कि वास्तव में भगवान शिव पर वे सारी बातें लागू होती हैं जो त्रिपुर को मारने के लिए आवश्यक है. तब सब देवताओं ने महादेव को मनाया और वे मान भी गए. महादेव धनुष-बाण लेकर असुरों को मारने लगे. इसके बाद महादेव ने सारे राक्षस असुर और स्वयं त्रिपुर को मार गिराया.

इस दिन गंगा-स्नान के बाद दान पुण्य करने से सारे पाप कष्ट नष्ट हो जाते हैं. इस दिन को हमारे सिख भाई बहन गुरुपरब के रूप मे भी मनाते हैं. इस दिन गुरुनानक का भी जन्म हुआ था. आज के दिन को लोग ”देव दीपावली” भी कहते हैं, यह दीपालवाली और कार्तिक मास का अंतिम दिन भी है.

ये भी पढ़ें: Kartik Purnima 2024: हिंदू धर्म का सबसे पवित्र दिन है कार्तिक पूर्णिमा, इस दिन क्या नहीं करना चाहिए

[नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. यह ज़रूरी नहीं है कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.]

मुंबई के रहने वाले अंशुल पांडेय धार्मिक और अध्यात्मिक विषयों के जानकार हैं. 'द ऑथेंटिक कॉंसेप्ट ऑफ शिवा' के लेखक अंशुल के सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म और समाचार पत्रों में लिखते रहते हैं. सनातन धर्म पर इनका विशेष अध्ययन है. पौराणिक ग्रंथ, वेद, शास्त्रों में इनकी विशेष रूचि है, अपने लेखन के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहें.
Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Panchang 31 March 2026: आज महावीर जयंती, पूजा का मुहूर्त, पूरा पंचांग देखें
आज महावीर जयंती, पूजा का मुहूर्त, पूरा पंचांग देखें
Mahavir Jayanti 2026: मॉडर्न, डायनामिक और अपटूडेट है महावीर के पंचशील सिद्धांत, हर युग के लिए उपयोगी
Mahavir Jayanti 2026: मॉडर्न, डायनामिक और अपटूडेट है महावीर के पंचशील सिद्धांत, हर युग के लिए उपयोगी
Happy Mahavir Jayanti 2026 Wishes: महावीर जयंती के 10 शुभकामना मैसेज, अपनों को भेजें महावीर स्वामी के कोट्स
महावीर जयंती के 10 शुभकामना मैसेज, अपनों को भेजें महावीर स्वामी के कोट्स
Som Pradosh Vrat 2026 Paran Time: 30 या 31 मार्च कब करें सोम प्रदोष व्रत का पारण, इन बातों का रखें ध्यान
Som Pradosh Vrat 2026 Paran Time: 30 या 31 मार्च कब करें सोम प्रदोष व्रत का पारण, इन बातों का रखें ध्यान

वीडियोज

Sansani: ईरान का 'प्रॉक्सी WAR'...इजरायल में हाहाकार ! | Iran-israel War | Donald Trump | ABP news
Amit Shah On Naxalite: नक्सलवाद को लेकर Congress पर बरसे अमित शाह | BJP | Breaking | ABP News
Chitra Tripathi: युद्ध के बीच ईरान की कैसी है स्थिति? | Israel Iran War | Trump | Netanyahu|Breaking
Bengal Election 2026: Mamata Banerjee का 'फिश कार्ड'..बंगाल में दिलाएगा जीत? | BJP | PM Modi
Sandeep Chaudhary: 1 करोड़ भारतीयों पर तलवार...देश में सियासी आर-पार? |War Update

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Iran-US Israel War: ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध में किस हथियार ने मचाया सबसे ज्यादा कहर? ड्रोन, मिसाइल या AI आखिर क्या?
ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध में किस हथियार ने मचाया सबसे ज्यादा कहर? ड्रोन, मिसाइल या AI?
UP Weather: यूपी में बादलों की आवाजाही का दौर, आज नोएडा से लखनऊ तक आंधी-बारिश का अलर्ट, IMD की चेतावनी
यूपी में बादलों की आवाजाही का दौर, आज नोएडा से लखनऊ तक आंधी-बारिश का अलर्ट, IMD की चेतावनी
IPL 2026: आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी के सामने 10 चैलेंज, वो कितने रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे?
आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी के सामने 10 चैलेंज, वो कितने रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे?
वाराणसी में टूरिज्म पर बुरा असर, खाड़ी देशों में तनाव के बीच शिव की नगरी में कम हुए पर्यटक, भारी गिरावट
वाराणसी में टूरिज्म पर बुरा असर, खाड़ी देशों में तनाव के बीच शिव की नगरी में कम हुए पर्यटक
Amritsar News: अमृतसर में तेज धमाके से हड़कंप, थाने के पास ब्लास्ट से ग्रामीणों में दहशत, ग्रेनेड हमले की आशंका
अमृतसर में तेज धमाके से हड़कंप, थाने के पास ब्लास्ट से ग्रामीणों में दहशत, ग्रेनेड हमले की आशंका
'मेरा रिश्तेदार बनकर आ गया', सुनील लहरी के घर झूठ बोलकर पहुंचा फैन
'मेरा रिश्तेदार बनकर आ गया', सुनील लहरी के घर झूठ बोलकर पहुंचा फैन
Rajasthan RBSE 12th Result 2026 Live: अब बस कुछ घंटों का इंतजार, सुबह 10 बजे RBSE जारी करेगा 12वीं का रिजल्ट, देखें पल पल की अपडेट
अब बस कुछ घंटों का इंतजार, सुबह 10 बजे RBSE जारी करेगा 12वीं का रिजल्ट, देखें पल पल की अपडेट
Pink Moon: ब्लड मून से कितना अलग होता है पिंक मून, असमान में कितने साल में एक बार होती है यह घटना?
ब्लड मून से कितना अलग होता है पिंक मून, असमान में कितने साल में एक बार होती है यह घटना?
Embed widget