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बच्चों का ऑनलाइन गेमिंग की लत से कैसे करें बचाव? जानें 5 असरदार टिप्स

बच्चे घंटों मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर गेम खेलते रहते हैं, आज धीरे-धीरे ये बदलती आदत एक लत बनती जा रही है और यह आदत बच्चे की फिजिकल और मेंटल ग्रोथ को नुकसान पहुंचा रही है.

आज के समय में स्मार्टफोन, टैबलेट और इंटरनेट बच्चों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. पहले जहां बच्चे बाहर खेलकर वक्त बिताते थे, अब वही बच्चे घंटों मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर गेम खेलते रहते हैं, आज धीरे-धीरे ये बदलती आदत एक लत बनती जा रही है और यह आदत बच्चे की फिजिकल और मेंटल ग्रोथ को नुकसान पहुंचा रही है.

लगातार स्क्रीन देखने से आंखों की रोशनी कमजोर हो सकती है, शरीर कमजोर होता है, और बच्चे अकेलेपन का शिकार होकर डिप्रेशन या गुस्से में भी आ सकते हैं. ऐसे में अगर आप अपने बच्चे की इस लत को लेकर परेशान हैं, तो आइए आज हम आपको ऐसे 5 आसान और असरदार टिप्स बताते हैं. जिनकी मदद से आप अपने बच्चे को गेमिंग की लत से धीरे-धीरे बाहर निकाल सकते हैं. 

बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग की लत से बचाने के 5 असरदार टिप्स
1.  गेमिंग के नुकसान बताएं - बच्चों को गेम से अचानक रोकना या डांटना सही तरीका नहीं है.  इससे वे और ज्यादा जिद्दी बन जाते हैं और चोरी-छिपे गेम खेलने लगते हैं. इसलिए इसकी जगह आप उन्हें प्यार से समझाएं कि ऑनलाइन गेम ज्यादा खेलने से बहुत से नुकसान हो सकते हैं. उन्हें बताएं कि ज्यादा गेम खेलने से आंखों की रोशनी कम हो सकती है. साथ ही शरीर में दर्द, मोटापा और कमजोरी आ सकती है.दिमाग पर गलत असर पड़ सकता है, चिड़चिड़ापन या गुस्सा आ सकता है, नींद की दिक्कत और स्ट्रेस हो सकता है. जब बच्चे को इन बातों को शांत और समझदारी से समझाया जाता है, तो बच्चे धीरे-धीरे बात को मानने लगते हैं.

2. बच्चों का टाइम टेबल बनाएं - बच्चों को गेम से अचानक रोकने की जगह, गेमिंग के लिए सीमा तय करना ज्यादा बेहतर तरीका है. बच्चे के साथ बैठकर एक रूटीन बनाएं जिसमें दिन में सिर्फ एक तय समय पर ही वो गेम खेले. बच्चे को हर दिन सिर्फ 30 मिनट या 1 घंटा, वो भी पढ़ाई या खेल-कूद के बाद गेम खेलने दें. इसके साथ ही हफ्ते में 1-2 दिन बिना स्क्रीन के रखें. आप चाहें तो मोबाइल या कंप्यूटर में पैरेंटल कंट्रोल या टाइम लिमिट सेटिंग का यूज कर सकते हैं। इससे बच्चे खुद ही तय समय के बाद गेम बंद कर देंगे. 

3. बच्चे के साथ समय बिताएं – कई बार बच्चे इसलिए ऑनलाइन गेम में खो जाते हैं क्योंकि उन्हें अकेलापन लगता है. जब पेरेंट्स काम में बिजी रहते हैं, बच्चे को खेलने या बात करने के लिए कोई नहीं मिलता, तब वह गेम में खुद को बिजी करने लगता है. इसलिए जरूरी है कि आप हर दिन कुछ समय बच्चे के साथ जरूर बिताएं. उनकी हॉबी या पसंद की चीजों में साथ दें, बाहर पार्क में घूमें, वॉक पर जाएं. इसके अलावा उनके साथ मिलकर घर के छोटे काम करें. उनके साथ फिजिकल गेम्स खेलें जैसे बैडमिंटन, क्रिकेट आदि. जब बच्चा आपके साथ खुश महसूस करेगा, तो उसे ऑनलाइन गेम्स की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. 

4. बच्चे को बाहर खेलने की आदत डालें – बाहर की ताजी हवा, दौड़ना, खेलना बच्चों के फिजिकल और मेंटल ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी होता है. अगर बच्चा बाहर नहीं जाता, तो वो धीरे-धीरे अंदर ही रह जाता है और फोन या कंप्यूटर उसका सबसे अच्छा दोस्त बन जाता है. इसलिए बच्चे को हर दिन बाहर खेलने के लिए मोटिवेट करें. इसके अलावा शुरू में आप खुद भी उसके साथ बाहर जाएं जैसे वॉक पर, साइकिलिंग या बॉल गेम खेलने. इससे धीरे-धीरे बच्चा बाहर खेलने की आदत में आ जाएगा और स्क्रीन टाइम अपने आप कम हो जाएगा. 

5. बच्चे की क्रिएटिव सोच को बढ़ाएं – जो बच्चे ज्यादा ऑनलाइन गेम्स खेलते हैं, उनका दिमाग बहुत एक्टिव और शार्प होता है. लेकिन ये एक्टिविटी गेम्स में बर्बाद हो जाती है. ऐसे में अगर आप उनके टैलेंट को सही दिशा दें, तो बच्चे गेमिंग की लत से खुद बाहर आ जाएंगे. इसके लिए आज बच्चे को पेंटिंग, म्यूजिक, डांस, कुकिंग जैसी क्रिएटिव एक्टिविटी में लगाएं. उन्हें क्विज, ओलंपियाड, आर्ट कॉम्पटीशन जैसे शोज में हिस्सा लेने के लिए मोटिवेट करें. ऐसे प्रोग्राम में खुद उन्हें लेकर जाएं, जिससे वो कुछ नया सीखें और गेम से दूर हों. 

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