एक्सप्लोरर

ChatGPT बना रहा है हमें आलसी? MIT की स्टडी में सामने आए चौंकाने वाले सच

चैटजीपीटी पर ज्यादा निर्भरता आपके दिमाग की एक्टिविटी और याददाश्त को कमजोर कर सकती है. इसके लेकर MIT की रिसर्च में हैरान करने वाला असर सामने आया है.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कि एआई के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने पढ़ाई और काम करने के तरीकों को काफी हद तक बदल दिया है. खास करके ओपन आई के चैट जीपीटी ने जिसे दुनिया भर में करोड़ों लोग अपनी राइटिंग और बाकी नॉलेज के लिए उपयोग कर रहे हैं. वहीं चैट जीपीटी का बढ़ते इस्तेमाल के साथ ही यह सवाल भी सामने आ रहे हैं कि क्या एआई का यह आसान तरीका हमारे दिमाग को कमजोर कर रहा है. इसी सवाल का जवाब ढूंढने के लिए MIT मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रिसचर्स ने हाल ही में एक स्टडी की है. चलिए तो आज आपको बताते हैं की MIT की इस रिसर्च में एआई को लेकर क्या चौंकाने वाला सच सामने आया है.

क्या है MIT की रिसर्च

MIT मीडिया लैब, वेल्सली कॉलेज और मासआर्ट के रिसर्चर की एक टीम ने यह रिसर्च की है. इस स्टडी में बोस्टन की कई यूनिवर्सिटी के 54 स्टूडेंट्स को तीन ग्रुप में बांटा गया था.

-जिसमें पहला LLM ग्रुप था इस ग्रुप के स्टूडेंट ने निबंध लिखने के लिए चैट जीपीटी का इस्तेमाल किया था.

-इसके अलावा दूसरे ग्रुप को सर्च इंजन ग्रुप में बांटा गया था. इस ग्रुप के स्टूडेंट ने निबंध लिखने के लिए सिर्फ गूगल सर्च जैसी चीजों का ही प्रयोग किया.

-इसके बाद तीसरे ग्रुप को ब्रेन ओनली ग्रुप में बांटा गया था. जिसके स्टूडेंट्स ने बिना किसी मदद जैसे चैट जीपीटी की मदद न लेकर खुद लिखा था.

इस रिसर्च के दौरान पार्टिसिपेंट्स के दिमाग की गतिविधियों को इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राम टेक्नोलॉजी से मॉनिटर किया गया. जिसमें यह देखा गया था कि किस तरीके से दिमाग काम कर रहा है. साथ ही दिमाग कितना एक्टिव है और चैट जीपीटी का उपयोग करने वाले लोगों का दिमाग कितनी जानकारी को याद रख पा रहा है.

रिसर्च का क्या आया था रिजल्ट

स्टडी में पाया गया कि जो स्टूडेंट सिर्फ चैट जीपीटी पर निर्भर थे. उनके दिमाग की सक्रियता सबसे कम थी. चैट जीपीटी का इस्तेमाल करने वाले स्टूडेंट्स के मुकाबले बिना किसी टेक्नॉलोजी के खुद से निबंध लिखने वालों का ब्रेन सबसे ज्यादा एक्टिव था. वही सर्च इंजन वाले स्टूडेंट्स की स्थिति इन दोनों के बीच वाली थी.

अपने ही कंटेंट से कम जुड़ाव

इस रिसर्च में जब स्टूडेंट्स को अपने ही लिखे निबंध को दोबारा बताने या फिर उसके कुछ पार्ट कोट करने के लिए कहा गया तो चैट जीपीटी का उपयोग करने वाले स्टूडेंट सबसे ज्यादा अपने निबंध को भूल गए थे. उन्होंने अपने ही लिखे हुए कंटेंट से कम जुड़ाव महसूस किया. इसके बाद इसे रिसचर्स ने कॉग्निटिव ऑफ लोडिंग कहा इसका मतलब है कि दिमाग का काम एआई पर डाल देना.

चैट जीपीटी से लिखे गए निबंध का फ्लो बेहतर लेकिन गहराई की कमी

MIT की रिसर्च में पाया गया कि चैट जीपीटी से लिखे गए निबंध की संरचना, ग्रामर और फ्लो तो काफी अच्छा था. लेकिन उस निबंध में ओरिजिनल डाइवर्सिटी और गहराई की काफी कमी थी. वहीं दिमाग से लिखने वाले ब्रेन ओनली ग्रुप के ऐसे को ज्यादा क्रिटिकल थिंकिंग और फुल डायवर्स वोकैबलरी वाला माना गया था.

एआई की मदद दिमाग को कर रही कमजोर

MIT की तरफ से किए गए इस रिसर्च की सबसे बड़ी फाइंडिंग यही थी कि चैट जीपीटी जैसे आई टूल्स हमें कई प्रकार की सुविधा तो देते हैं. लेकिन इन पर ज्यादा निर्भरता हमारे दिमाग की सक्रियता, याददाश्त और क्रिएटिविटी को नुकसान पहुंचा रही है. खास तौर पर एजुकेशन सेक्टर में जब पढ़ाई के समय में स्टूडेंट्स की सोचने की क्षमता विकसित होनी चाहिए. उस समय चैट जीपीटी के इस्तेमाल से उनकी सोचने की क्षमता और ज्यादा कम हो रही है.

 
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Water Park Safety Tips: वॉटरपार्क में इस तरह की डाइविंग तो हो जाएगी मौत! इस बच्चे को लगी थी तगड़ी चोट
वॉटरपार्क में इस तरह की डाइविंग तो हो जाएगी मौत! इस बच्चे को लगी थी तगड़ी चोट
IRCTC Thailand Tour Package: मसाज का सपना होगा पूरा! IRCTC रेलवे के दाम में करा रहा थाईलैंड की सैर, रहना-खाना भी फ्री
मसाज का सपना होगा पूरा! IRCTC रेलवे के दाम में करा रहा थाईलैंड की सैर, रहना-खाना भी फ्री
Aaj Ka Panchang 3 July 2026: आज कृष्ण पिंगल संकष्टी चतुर्थी पर पंचक और भद्रा, देखें शुभ मुहूर्त, योग और पूरा पंचांग
आज कृष्ण पिंगल संकष्टी चतुर्थी पर पंचक और भद्रा, देखें शुभ मुहूर्त, योग और पूरा पंचांग
Dhirendra Krishna Shastri Birthday 2026: 4 जुलाई को मनाएंगे 30वां जन्मदिन, जानें क्या होने वाला है खास
Dhirendra Krishna Shastri Birthday 2026: 4 जुलाई को मनाएंगे 30वां जन्मदिन, जानें क्या होने वाला है खास

वीडियोज

Ram Mandir Loot | Champat Rai | Sandeep Chaudhary: मंदिर के चढ़ावे पर डाके का पूरा सच!
Monsoon Disaster | Cloudburst in Kashmir: बादल फटा, आफत गिरी! कुपवाड़ा से अनंतनाग तक तबाही का मंजर!
Ram Mandir Donation Scam | Janhit: अग्नि परीक्षा से क्यों भाग रहे हैं ट्रस्ट के पदाधिकारी?
Akhilesh | UP Election 2027: PDA या हिंदुत्व? 2027 के महासंग्राम में अखिलेश यादव की नई सियासी बिसात!
Sansani | Crime News | Ketan Murder Case: सिया के 'खूनी दिमाग' का पॉलीग्राफ टेस्ट खोलेगा राज?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
BAT- BMS Chinese App: ई रिक्शा रोकने वाले चाइनीज ऐप BAT-BMS का खतरनाक खेल क्या, सरकार ने दो हटाए, हरकत पर कितनी सजा?
ई रिक्शा रोकने वाले चाइनीज ऐप BAT-BMS का खतरनाक खेल क्या, सरकार ने दो हटाए, हरकत पर कितनी सजा?
प्रशांत किशोर ही बांकीपुर से होंगे जन सुराज के प्रत्याशी, पार्टी बोली- 'BJP को हराना है तो…'
प्रशांत किशोर ही बांकीपुर से होंगे जन सुराज के प्रत्याशी, पार्टी बोली- 'BJP को हराना है तो…'
सोनमर्ग अटल टनल के पास CRPF की गाड़ी पलटी, हादसे में 6 जवान घायल
सोनमर्ग अटल टनल के पास CRPF की गाड़ी पलटी, हादसे में 6 जवान घायल
IND vs ENG: कैमरा देखते ही शर्मा गए वैभव सूर्यवंशी, मैनचेस्टर पहुंचते ही मासूम अंदाज ने जीता दिल
IND vs ENG: कैमरा देखते ही शर्मा गए वैभव सूर्यवंशी, मैनचेस्टर पहुंचते ही मासूम अंदाज ने जीता दिल
Alpha First Review: आलिया भट्ट की स्पाई एक्शन थ्रिलर 'अल्फा' का फर्स्ट रिव्यू आउट, देखने से पहले जान लें कैसी है ये फिल्म?
आलिया भट्ट की 'अल्फा' का फर्स्ट रिव्यू आउट, देखने से पहले जानें कैसी है ये फिल्म?
Explained: UP-पंजाब चुनाव बनेंगे पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की चाबी! सरकार ने क्यों कहा- '2-3 महीने सब्र करें'?
UP-पंजाब चुनाव बनेंगे पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की चाबी! सरकार ने क्यों कहा- 2-3 महीने सब्र करो
IRCTC Thailand Tour Package: मसाज का सपना होगा पूरा! IRCTC रेलवे के दाम में करा रहा थाईलैंड की सैर, रहना-खाना भी फ्री
मसाज का सपना होगा पूरा! IRCTC रेलवे के दाम में करा रहा थाईलैंड की सैर, रहना-खाना भी फ्री
कैसे बनता है किसानों का आयुष्मान कार्ड, किन-किन डॉक्युमेंट्स की होती है जरूरत?
कैसे बनता है किसानों का आयुष्मान कार्ड, किन-किन डॉक्युमेंट्स की होती है जरूरत?
Embed widget