एक्सप्लोरर

सिगरेट की राख में होते हैं 250 खतरनाक कैमिकल, कहीं आप भी तो नहीं हो रहे इनका शिकार, पढ़ि‍ए ये चौंकाने वाली रिपोर्ट

सिगरेट पीने वाले और धुएं के सीधे संपर्क में आने वाले लोगों को धूम्रपान के दुष्प्रभाव का सामना करने वालों की श्रेणी में रखा जाता है, लेकिन इसमें एक तीसरी श्रेणी है, ‘थर्ड हैंड स्मोकर्स’ की. जानें, क्या है ये.

नई दिल्लीः धूम्रपान न करने वाले लोग यह सोचकर संतोष कर सकते हैं कि वह भारत में तंबाकू का सेवन करने वाले करोड़ों लोगों में शामिल नहीं हैं, उन्हें यह बात भी तसल्ली दे सकती हैं कि वह धूम्रपान करने वालों के आसपास नहीं बैठते इसलिए धुएं के संपर्क में आकर हर साल जान गंवाने वाले लाखों पैसिव स्मोकर्स में भी शुमार नहीं हैं, लेकिन उन्हें यह बात परेशान कर सकती है कि वह थर्ड हैंड स्मोकिंग के खतरे में हो सकते हैं क्योंकि सिगरेट पीने के घंटों बाद भी वातावरण और सिगरेट के अवशेषों में 250 से ज्यादा घातक रसायन होते हैं.

आम तौर पर सिगरेट पीने वाले और धुएं के सीधे संपर्क में आने वाले लोगों को धूम्रपान के दुष्प्रभाव का सामना करने वालों की श्रेणी में रखा जाता है, लेकिन अब नुकसान का यह दायरा बढ़ गया है. इसमें एक तीसरी कड़ी जुड़ गई है और यह तीसरी श्रेणी है, ‘थर्ड हैंड स्मोकर्स’ की. क्या है थर्ड हैंड स्मोकिंग- थर्ड हैंड स्मोकिंग दरअसल सिगरेट के अवशेष हैं, जैसे बची राख, सिगरेट बट, और जिस जगह तंबाकू सेवन किया गया है, वहां के वातावरण में उपस्थित धुंए के रसायन. बंद कार, घर, ऑफिस का कमरा और वहां मौजूद फर्नीचर, आदि धूम्रपान के थर्ड हैंड स्मोकिंग एरिया बन जाते हैं. सिगरेट पीते हुए उसकी राख को एशट्रे में झाड़ना, खत्म होने पर सिगरेट के बट को एशट्रे में कुचल देना या बच्चों के आसपास सिगरेट ना पीना दरसअल सिगरेट के नुकसान को कुछ हद तक ही कम कर पाते हैं, पूरी तरह नहीं क्योंकि राख के कण, अधबुझी सिगरेट और धुएं का असर बहुत लंबे वक्त तक वातावरण को प्रभावित करते हैं. क्या कहते हैं डॉक्टर्स-

धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में सर्जिकल ओन्कोलॉजी निदेशक, डॉ अंशुमन कुमार थर्ड हैंड स्मोकिंग के बारे में जानकारी देते हुए कहते हैं कि तंबाकू के सेवन के विषय में अकसर दो तरह के उपभोक्ता चर्चा में रहते हैं. एक तो वह लोग जो सीधे धूम्रपान करते हैं और दूसरे धुएं के संपर्क में आने वाले, जिन्हें पैसिव स्मोकर कहते हैं. तीसरी श्रेणी थर्ड हैंड स्मोकर्स की है जो सिगरेट के अवषेशों जैसे बची राख, सिगरेट बट, और जिस जगह तंबाकू सेवन किया गया है, वहां के वातावरण में उपस्थित धुएं के रसायन के संपर्क में आकर इसके शिकार बनते हैं.

श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट में सीनियर कंसलटेंट, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, डॉ ज्ञानदीप मंगल बताते हैं कि एक मोटे अनुमान के अनुसार 90 प्रतिशत फेफड़े के कैंसर, 30 प्रतिशत अन्य प्रकार के कैंसर, 80 प्रतिशत ब्रोंकाइटिस, इन्फिसिमा एवं 20 से 25 प्रतिशत घातक हृदय रोगों का कारण धूम्रपान है. भारत में जितनी तेज़ी से धूम्रपान के रूप में तंबाकू का सेवन किया जा रहा है उससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि हर साल तंबाकू सेवन के कारण कितनी जानें खतरे में हैं. तंबाकू पीने का जितना नुकसान है उससे कहीं ज़्यादा नुकसान इसे चबाने से होता है. तंबाकू में कार्बन मोनोऑक्साइड, और टार जैसे जहरीले पदार्थ पाये जाते हैं और यह सभी पदार्थ जानलेवा हैं. जेपी हास्पिटल, नोएडा में असिस्टेंट डायरेक्टर सर्जिकल आंकोलॉजी डा. आशीष गोयल का कहना है कि तंबाकू का असर केवल लंग कैंसर तक ही सीमित नहीं है. यह मुंह के कैंसर, खाने की नलीका प्रभावित होना और फेफड़ों के संक्रमण का कारण भी हो सकता है. इसके अलावा एक डराने वाला तथ्य यह भी है कि तंबाकू छोड़ देने के बाद भी कैंसर की आशंका बनी रहती है. इसलिए यह जरूरी है कि इसके दुष्प्रभावों से बचने या उन्हें कम करने के उपाय करने की बजाय सिगरेट और तंबाकू के इस्तेमाल की बुरी लत को छोड़ने के उपाय किए जाएं. क्या कहते हैं आंकड़े- विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में धूम्रपान करने वालों का 12 प्रतिशत भारत में है. देश में हर वर्ष एक करोड़ लोग तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों की चपेट में आकर अपनी जान गंवा देते हैं. किशोरों की बात करें तो 13 से 15 वर्ष के आयुवर्ग के 14.6 प्रतिशत लोग किसी न किसी तरह के तंबाकू का इस्तेमाल करते हैं. 30.2 प्रतिशत लोग इंडोर कार्यस्थल पर पैसिव स्मोकिंग के प्रभाव में आते हैं, 7.4 प्रतिशत रेस्टोरेंट में और 13 प्रतिशत लोग सार्वजनिक परिवहन के साधनों में धुएं के सीधे प्रभाव में आते हैं. धूम्रपान न करने वाले किशोरों की बात करें तो इनमें 36.6 प्रतिशत लोग सार्वजनिक स्थानों पर और 21.9 प्रतिशत लोग घरों में पैसिव स्मोकिंग के दायरे में आते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन दुनियाभर में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करने वाले विषयों के प्रति जागरुकता अभियान चलाने में अग्रणी रहा है. दुनिया को तंबाकू से मुक्त करने के संकल्प के साथ सात अप्रैल 1988 को पहली बार डब्ल्यूएचओ की वर्षगांठ पर विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया गया. बाद में 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई. इस वर्ष इसकी थीम ‘तंबाकू और लंग कैंसर’ है. ये खबर शोध के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

बड़े होने के बाद भी बिस्तर पर क्यों पेशाब कर देते हैं बच्चे? हो सकती है यह बीमारी
बड़े होने के बाद भी बिस्तर पर क्यों पेशाब कर देते हैं बच्चे? हो सकती है यह बीमारी
वर्क फ्रॉम होम करने से बढ़ रहा है पेट? अपनाएं ये एक्सरसाइज
वर्क फ्रॉम होम करने से बढ़ रहा है पेट? अपनाएं ये एक्सरसाइज
Explained: 'मैं आईना देखूं तो चेहरे पर कमियां दिखती हैं...', फिल्टर सेल्फी से लगी आदत है या बीमारी?
'मैं आईना देखूं तो चेहरे पर कमियां दिखती हैं', फिल्टर सेल्फी से लगी आदत है या बीमारी?
खाना खाने के बाद क्यों आती है सुस्ती, क्या है इसका साइंस?
खाना खाने के बाद क्यों आती है सुस्ती, क्या है इसका साइंस?

वीडियोज

Sansani | ABP News: No Parking का शैतान...नजरों के सामने खूनी खेल !
Mallikarjun Kharge on PM Modi News: कांग्रेस बौखलाई...'बाप-दादा' पर आई! | Breaking | ABP News
Janhit with Chitra Tripathi: बड़े-बड़े कांग्रेसी..'सेल्फ गोल' के 'महारथी'! | Kharge on PM Modi
Mallikarjun Kharge on PM Modi News: 'बाप भी जाएगा' vs 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' | Breaking | ABP News
Sandeep Chaudhary: Iran-US के बीच फिर बढ़ा तनाव...महंगाई निकालेगी दम? | Inflation | Crude Oil | ABP

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
निशिकांत दुबे की याचिका पर महुआ मोइत्रा ने हाई कोर्ट से कहा, 'हटा दूंगी पोस्ट'
निशिकांत दुबे की याचिका पर महुआ मोइत्रा ने हाई कोर्ट से कहा, 'हटा दूंगी पोस्ट'
Bihar MLC Election Results LIVE: रिजल्ट का पहला रुझान आया, BJP आगे, जन सुराज को बड़ा झटका!
बिहार MLC चुनाव रिजल्ट: पहला रुझान आया, BJP आगे, जन सुराज को बड़ा झटका!
'कांग्रेस ऐसे भड़क उठती है जैसे उसे लाल कपड़ा दिखा दिया', खरगे के बयान पर बोले शिवराज
'कांग्रेस ऐसे भड़क उठती है जैसे उसे लाल कपड़ा दिखा दिया', खरगे के बयान पर बोले शिवराज
मोहित शर्मा CSK के कोचिंग स्टाफ में शामिल, मिली बड़ी जिम्मेदारी
मोहित शर्मा CSK के कोचिंग स्टाफ में शामिल, मिली बड़ी जिम्मेदारी
'रामायण' से क्लैश टालने के लिए भारत में टलेगी 'गॉडजिला माइनस जीरो'? जानें- असल वजह
'रामायण' से क्लैश टालने के लिए भारत में टलेगी 'गॉडजिला माइनस जीरो'?
'व्यापार को बचाने के लिए कर रहे हैं', बाबा रामदेव के बयान पर AIMIM की प्रतिक्रिया
'व्यापार को बचाने के लिए कर रहे हैं', बाबा रामदेव के बयान पर AIMIM की प्रतिक्रिया
Cyclone Arnab Live: चक्रवात अर्नब को लेकर NDMA और कैबिनेट सचिव स्तर पर बैठक, बचाव की तैयारी तेज
Live: चक्रवात अर्नब को लेकर NDMA और कैबिनेट सचिव स्तर पर बैठक, बचाव की तैयारी तेज
E100 फ्यूल से कितनी बच जाएगी विदेशी मुद्रा, अभी इस पर कितना खर्च?
E100 फ्यूल से कितनी बच जाएगी विदेशी मुद्रा, अभी इस पर कितना खर्च?
Embed widget