क्या है चिपचिपा कोलेस्ट्रॉल जो दिल के दौरे के जोखिम को बढ़ा सकता है...जानिए इससे बचने के उपाय
रिसर्च के मुताबिक अगर आप उच्च रक्तचाप से जूझ रहे हैं तो एक विशेष प्रकार का कोलेस्ट्रॉल जिसे लिपॉप्रोटीन या एलपी के नाम से जानते हैं, वह इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है और समस्याएं और जटिल हो सकती है.

Sticky Cholestrol: शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ना एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है, यह एक ऐसा पदार्थ होता है जो खून की नसों में जमा हो जाता है. इसका लेवल अगर ज्यादा हो जाए तो आपके दिल के रोग, नसों के रोग, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती है. यही वो कोलेस्ट्रॉल है जिसे हम बैड कोलेस्ट्रॉल के नाम से जानते हैं, हालांकि एक रिसर्च में सामने आया है कि चिपचिपा कोलेस्ट्रॉल आपको और भी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है.
रिसर्च के मुताबिक अगर आप उच्च रक्तचाप से जूझ रहे हैं तो एक विशेष प्रकार का कोलेस्ट्रॉल जिसे लिपॉप्रोटीन या एलपी के नाम से जानते हैं, वह इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है और समस्याएं और जटिल हो सकती है. आम बोलचाल में इसे चिपचिपा कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है, जो हृदय की वाहिकाओं की दीवारों से चिपक जाता है, इसे आसानी से हटाया नहीं जा सकता.डॉक्टर्स के मुताबिक स्टडी में पाया गया है कि उच्च रक्तचाप वाले लोग जिन्हें पहले कभी स्ट्रोक या दिल का दौरा नहीं पड़ा है उनमें लिपॉप्रोटीन की वजह से स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ता हुआ पाया गया है.
लिपोप्रोटीन लिवर में प्रोटीन और फैट्स के मॉलिक्यूल से जुड़ा होता है, यह रक्त के माध्यम से कोलेस्ट्रॉल ले जाता है और कम घनत्व वाले लिपॉप्रोटीन के माध्यम से काम करता है, जिसे आमतौर पर खराब कोलेस्ट्रॉल के रूप में जाना जाता है, इसलिए इसकी उपस्थिति की मात्रा सीवीडी के लिए एक जोखिम का चिन्ह माना जाता है, यह रक्त वाहिकाओं की दीवारों के साथ बनाता है और वेल्क्रो बैंड की तरह उनसे चिपक जाता है.ये रक्त के थक्के को तेज करता है और एक व्यक्ति को दिल का दौरा या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.यह अधिकांश भारतीयों के लिए चिंता का विषय है क्योंकि उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित लोगों में एलपी से जुड़े जीन होते हैं.
क्यों बढ़ जाता है हाई कॉलेस्ट्रोल
खराब कोलेस्ट्रॉल की तेजी से बढ़ने के दो कारण हो सकते हैं. पहला गलत खानपान और दूसरा फिजिकल एक्टिविटी नहीं करना, हम जो कुछ भी खाते हैं उसे पचाना भी जरूरी होता है, लेकिन आजकल के दौर में लोग बाहर का जंक फूड जमकर खाते हैं लेकिन ना एक्सरसाइज करने हैं ना ही वर्क आउट करते हैं. ऐसे में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है.
क्या लक्षण आते हैं सामने
एलडीएल के शरीर में बढ़ने से छाती में दर्द, भारीपन, सांस फूलना, हाई बीपी, पैरों में सूजन, शरीर में भारीपन, जैसे तमाम लक्षण सामने आते हैं. अगर इसे वक्त रहते नहीं रोका गया तो हार्ट की समस्याओं को बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता.
कोलेस्ट्रोल को कम करने के लिए क्या खाएं
- ब्लैक टी कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए आप काली चाय पी सकते हैं. चाय में कटेचिन पाया जाता है, जो कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में मदद करता है.
- कोलेस्ट्रोल को कम करने के लिए नाश्ते में ओटमील खा सकते हैं, ओट्स खाने से आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को 5.3 फ़ीसदी कम करने में मदद करती है.
- नाशपाती भी कोलेस्ट्रोल कम करने का बेहतर विकल्प है यह आपके शरीर में जमा हुए एक्स्ट्रा कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकाल देते हैं. इसके अलावा आप केला संतरा और सेब भी खा सकते हैं.
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Source: IOCL



























