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वजन घटाना हो तो क्या रहेगा बेस्ट, स्वीट कॉर्न चाट या उबला चना?

वजन घटाने में प्रोटीन बहुत अहम भूमिका निभाता है क्योंकि यह भूख को लंबे समय तक दबाए रखता है. स्वीट कॉर्न में प्रोटीन की मात्रा कम होती है. उबले हुए चने में अच्छी मात्रा में प्रोटीन होता है.

आजकल हर कोई फिट और हेल्दी रहना चाहता है, खासकर वजन घटाने को लेकर लोग पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं. डाइट में सबसे बड़ी चुनौती बीच-बीच में लगने वाली भूख होती है. ऐसे में लोग कुछ ऐसा ढूंढते हैं जो स्वादिष्ट भी हो, पेट भी भरे और वजन भी न बढ़ाए. भारतीय घरों में दो ऐसे स्नैक्स बहुत आम हैं. स्वीट कॉर्न चाट और उबले हुए चने, दोनों ही दिखने में साधारण हैं, आसानी से मिल जाते हैं और सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं. लेकिन सवाल यह है कि अगर आपका मकसद वजन कम करना है, तो इन दोनों में से कौन सा ऑप्शन ज्यादा फायदेमंद है. तो आइए जानते हैं कि वजन घटाना हो तो स्वीट कॉर्न चाट या उबला चना क्या बेस्ट रहेगा. 

पोषण के हिसाब से क्या बेस्ट रहेगा

स्वीट कॉर्न में कार्बोहाइड्रेट अच्छी मात्रा में होते हैं, जो शरीर को तुरंत एनर्जी देते हैं. इसमें फाइबर, विटामिन-B और फोलेट जैसे पोषक तत्व भी होते हैं. लेकिन इसमें नेचुरल शुगर की मात्रा थोड़ी ज्यादा होती है, जिससे ज्यादा खाने पर वजन घटाने में रुकावट आ सकती है. वहीं उबले चने प्रोटीन, फाइबर और जटिल कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं. इसके अलावा इनमें आयरन, मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स भी पाए जाते हैं. ये धीरे-धीरे पचते हैं और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं. 

स्वीट कॉर्न चाट या उबला चना प्रोटीन और पेट भरने के लिए 

वजन घटाने में प्रोटीन बहुत अहम भूमिका निभाता है क्योंकि यह भूख को लंबे समय तक दबाए रखता है. स्वीट कॉर्न में प्रोटीन की मात्रा कम होती है. उबले हुए चने में अच्छी मात्रा में प्रोटीन होता है. यही वजह है कि चने खाने के बाद बार-बार कुछ खाने की इच्छा नहीं होती है. इससे बेवजह की स्नैकिंग कम होती है, जो वजन घटाने में मदद करती है. ऐसे में दोनों ही चीजों में फाइबर होता है, लेकिन मात्रा में फर्क है. स्वीट कॉर्न में फाइबर कम मात्रा में होता है, जिससे थोड़ी देर तक पेट भरा लगता है. उबले चने में फाइबर ज्यादा होता है, जो पाचन को धीमा करता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता है. अच्छा पाचन और भरा-भरा पेट वजन कम करने के लिए बहुत जरूरी है. 

ब्लड शुगर पर असर

स्वीट कॉर्न का ग्लाइसेमिक लोड ज्यादा होता है. ज्यादा मात्रा में खाने पर यह ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकता है. उबले चने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ता है. इसलिए डायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस वाले लोगों के लिए चने ज्यादा बेहतर माने जाते हैं. 

कैलोरी और मात्रा का कंट्रोल

स्वीट कॉर्न चाट अक्सर मक्खन, चीज, मेयोनीज या सॉस के साथ खाई जाती है. ये चीजें इसकी कैलोरी काफी बढ़ा देती हैं. उबले चने में कैलोरी जरूर होती है, लेकिन ये इतने पेट भरने वाले होते हैं कि आप सीमित मात्रा में ही खा पाते हैं. इससे ओवरईटिंग का खतरा कम हो जाता है. 

वजन घटाने के लिए कौन-सा बेहतर?

वजन कम करना, भूख को कंट्रोल में रखना और पूरे दिन एनर्जी को स्थिर बनाए रखना हो तो उबले हुए चने आपके लिए ज्यादा बेहतर ऑप्शन हैं. स्वीट कॉर्न चाट आप कभी-कभार खा सकते हैं, लेकिन कोशिश करें कि उसमें मक्खन, चीज और हाई-कैलोरी टॉपिंग न डालें. 

यह भी पढ़ें : History Of Plastic Surgery: कब शुरू हुआ था प्लास्टिक सर्जरी कराने का चलन, जानें पहले कैसे होता था यह?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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