एक्सप्लोरर

Health Risks Volcanic Ash: भारत में कब तक रहेगा इथियोपिया के ज्वालामुखी की राख का असर, किन मरीजों के लिए यह खतरनाक?

High-Risk Patients Volcanic Ash: इथियोपिया में 100 साल फटे ज्वालामुखी के राख का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है. चलिए आपको बताते हैं कि यह आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक है.

Ethiopia Volcanic Ash: इथियोपिया में ज्वालामुखी फटने के बाद उठी राख की परत मंगलवार शाम तक भारत से पूरी तरह निकल जाएगी. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह राख सोमवार से उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में फैली हुई थी और कुछ समय के लिए फ्लाइट संचालन को भी प्रभावित किया. IMD के डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि राख के बादल अब चीन की ओर बढ़ रहे हैं और मंगलवार शाम 7.30 बजे तक भारत से हट जाएंगे. यह सोमवार को पहले गुजरात में दाखिल हुआ, फिर रातभर में राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब तक फैल गया.

राख का बादल भारत तक कैसे पहुंचा?

इथियोपिया के अफार क्षेत्र में स्थित हैली गुब्बी नामक शील्ड ज्वालामुखी में रविवार को करीब 10,000 साल बाद विस्फोट हुआ. राख 14 किमी (लगभग 45,000 फीट) ऊंचाई तक उठी. Toulouse VAAC के मुताबिक, रविवार सुबह 8:30 बजे GMT पर विस्फोट के दौरान बनी भारी मात्रा में राख का गुबार विस्फोट रुकने के बाद भी उत्तरी भारत की ओर बढ़ता रहा. अफार क्षेत्र से उठी राख तेज ऊपरी हवाओं के साथ लाल सागर पार करते हुए यमन और ओमान तक पहुंची और फिर अरब सागर के ऊपर से होते हुए पश्चिमी और उत्तरी भारत में दाखिल हुई. IMD ने बताया कि इस plume को सैटेलाइट इमेजरी, VAAC की एडवाइजरी और मॉडल्स के जरिए ट्रैक किया गया.

सेहत के लिए कितना खतरनाक 

दिल्ली में तो आसमान में एक हल्की-सी राख की परत जैसी धुंध छाई रही और हवा का स्तर ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में बना रहा. रिपोर्ट्स के अनुसार,  ज्वालामुखी फटने के दौरान बड़ी मात्रा में सल्फर डाइऑक्साइड भी बाहर निकली. गैस की इतनी ज्यादा मौजूदगी ने पर्यावरण और लोगों की सेहत पर संभावित खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है. ज्वालामुखी की राख आम आग में बची मुलायम राख जैसी नहीं होती. इसमें चट्टानों, खनिजों और कांच के बेहद बारीक, खुरदुरे और तेज कण होते हैं. इनका आकार इतना छोटा हो सकता है कि नंगी आंख से दिखे भी नहीं, और इतना बड़ा भी कि आंखों या संवेदनशील त्वचा पर खरोंच छोड़ देंय कई बार इस राख में क्रिस्टलाइन सिलिका भी होती है जिसे लंबे समय तक सांस में लेने पर सिलिकोसिस जैसी गंभीर फेफड़े की बीमारी हो सकती है.

स्वास्थ्य पर इसका क्या असर पड़ता है?

CDC के अनुसार, थोड़े समय के संपर्क में आने पर भी ये समस्याएं हो सकती हैं. इसमें

  • लगातार खांसी या सांस लेने में तकलीफ
  • गले में खराश
  • आंखों में लालिमा या जलन
  • सिरदर्द या थकान
  • ज्यादा राख सांस में चले जाए तो हल्की-सी मतली

अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या किसी भी तरह की सांस संबंधी बीमारी वाले लोगों में ये लक्षण और तेज. महसूस हो सकते हैं. लंबे समय और भारी मात्रा में राख के संपर्क में रहना जैसे ज्वालामुखी के आसपास उन लोगों को आगे चलकर गंभीर फेफड़े की परेशानी पैदा कर सकता है. हालांकि, भारत में ऐसी स्थिति नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है.

बचाव कैसे करें?

  • जितना हो सके घर के अंदर रहें और दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें.
  • बाहर निकलना जरूरी हो तो N95 मास्क पहनें.
  • ऐसी एयर-कंडीशनिंग सेटिंग न चलाएं जो बाहर की हवा अंदर खींचती हो.
  • घर के बाहर जमा राख को दरवाजों और वेंटिलेशन सिस्टम से हटाते रहें.

इसे भी पढ़ें- Winter Health Tips: ठंडे पानी से या गर्म पानी से... ठंड में कैसे नहाना होता है ठीक? एक्सपर्ट से जानें

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Normal Fever vs Dengue: हर बुखार डेंगू नहीं होता... मानसून सीजन में ऐसे पहचानें कौन सा फीवर नॉर्मल और कौन सा नहीं?
हर बुखार डेंगू नहीं होता... मानसून सीजन में ऐसे पहचानें कौन सा फीवर नॉर्मल और कौन सा नहीं?
Sonam Wangchuk Health Update: एक साथ कितना वजन घटने पर मौत होनी तय? समझ लीजिए अपनी बॉडी का हेल्थ मैनेजमेंट
एक साथ कितना वजन घटने पर मौत होनी तय? समझ लीजिए अपनी बॉडी का हेल्थ मैनेजमेंट
Quit Smoking: ये 4 तरीके अपना लिए तो तुरंत छूट जाएगी सिगरेट, गलती से भी नहीं लगाएंगे हाथ
ये 4 तरीके अपना लिए तो तुरंत छूट जाएगी सिगरेट, गलती से भी नहीं लगाएंगे हाथ
Palamu Mustard Oil Incident: मिलावटी सरसों का तेल कितना खतरनाक, जिसने झारखंड में छीन लीं 6 लोगों की सांसें?
मिलावटी सरसों का तेल कितना खतरनाक, जिसने झारखंड में छीन लीं 6 लोगों की सांसें?

वीडियोज

Jacqueline Fernandez के 'Jugni' Song पर मचा बवाल, Viral Clip के बाद Makers पर उठे सवाल
Lock Upp 2: Apoorva Mukhija की Wild Card Entry की चर्चा तेज, Shilpa Shinde Controversy के बीच बढ़ेगा ड्रामा?
India's Got Latent 2: Contestant Sakshi Jha के बयानों से मचा बवाल, Samay Raina भी रह गए हैरान
बिश्नोई गैंग के टारगेट पर आमिर खान!
Jagadhatri: Jagdhatri को हुआ Shivay से प्यार का अहसास! क्या अब सामने आएगा दिल का राज?

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
All-Party Meeting: सर्वदलीय बैठक से विपक्ष ने किया वॉकआउट तो भड़कीं काकोली घोष दस्तीदार, कहा- ये तो चेयर का अपमान
सर्वदलीय बैठक से विपक्ष ने किया वॉकआउट तो भड़कीं काकोली घोष दस्तीदार, कहा- ये तो चेयर का अपमान
'प्रिय छात्रों और अभिभावकगण', जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर एक्शन के खिलाफ अखिलेश यादव ने भरी हुंकार
'प्रिय छात्रों और अभिभावकगण', जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर एक्शन के खिलाफ अखिलेश यादव ने भरी हुंकार
ईरान ने अमेरिका के साथ फिर शुरू की जंग तो भड़का पाकिस्तान, एक्सपर्ट बोले- 'ये ताकत नहीं, बल्कि...'
ईरान ने अमेरिका के साथ फिर शुरू की जंग तो भड़का पाकिस्तान, एक्सपर्ट बोले- 'ये ताकत नहीं, बल्कि...'
Lock Upp 2: 'मैंने अपना हाथ काट लिया था', हर्षद चोपड़ा ने प्यार में धोखा मिलने के बाद की थी सुसाइड करने की कोशिश
लॉक अप 2: 'मैंने अपना हाथ काट लिया था', हर्षद चोपड़ा ने प्यार में धोखा मिलने के बाद की थी सुसाइड करने की कोशिश
FIFA वर्ल्ड कप फाइनल से पहले Messi को लगा झटका, 10 गोल मारकर एम्बाप्पे ने ठोकी Golden Boot पर मजबूत दावेदारी
FIFA वर्ल्ड कप फाइनल से पहले Messi को लगा झटका, 10 गोल मारकर एम्बाप्पे ने ठोकी Golden Boot पर मजबूत दावेदारी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, कर दी ये मांग
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में राहुल गांधी-खरगे ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, कर दी ये बड़ी मांग
नितिन नवीन के बिहार दौरे में बांकीपुर उपचुनाव के लिए बना प्लान, नुक्कड़ सभा-पॉकेट मीटिंग पर फोकस
नितिन नवीन के बिहार दौरे में बांकीपुर उपचुनाव के लिए बना प्लान, नुक्कड़ सभा-पॉकेट मीटिंग पर फोकस
Normal Fever vs Dengue: हर बुखार डेंगू नहीं होता... मानसून सीजन में ऐसे पहचानें कौन सा फीवर नॉर्मल और कौन सा नहीं?
हर बुखार डेंगू नहीं होता... मानसून सीजन में ऐसे पहचानें कौन सा फीवर नॉर्मल और कौन सा नहीं?
Embed widget