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हिंदी न्यूज़लाइफस्टाइलहेल्थएक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंच सकता है जेनेटिक कैंसर, जानें इस खतरे को रोकने का तरीका
एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंच सकता है जेनेटिक कैंसर, जानें इस खतरे को रोकने का तरीका
Genetic Cancer : फैमिली मेंबर्स अक्सर स्मोकिंग जैसे व्यवहार पैटर्न शेयर करते हैं. ये कारण भी हैं, जिनकी वजह से कभी-कभी परिवार में कैंसर का खतरा रहता है.
By : ABP Live | Updated at : 25 Jan 2023 04:13 PM (IST)

क्या होता है जेनेटिक कैंसर
Genetic Cancer: कैंसर तब होता है जब जीन्स असामान्यताओं को विकसित करते हैं, जिन्हें 'म्यूटेशन' के रूप में जाना जाता है, जो पेरेंट्स से बच्चों में पहुंच सकते हैं, जेनेटिक म्यूटेशन ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, डिम्बग्रंथि कैंसर और कोलन कैंसर के कारण हैं. हालांकि, इन म्यूटेशनों वाले हर किसी को कैंसर नहीं होता है. ये जीन्स वर्षों तक और कभी-कभी जीवन भर निष्क्रिय रह सकते हैं. उदाहरण के लिए वे एक पीढ़ी को छोड़ सकते हैं और अगली पीढ़ी में बाद में उभर सकते हैं, हालांकि, BRCA1 और BRCA2 जीन्स जो स्तन कैंसर का कारण बनता है, एक परिवार की कई पीढ़ियों (Genetic Cancer) में पहुंच सकता है. क्या आपको कैंसर विरासत में मिल सकता है? हां, क्योंकि रिसर्च इंडिकेट करती है कि कुछ कैंसर परिवारों में पीढ़ी दर पीढ़ी पहुंच सकते हैं.
इस कारण से भी फैमिली में कैंसर होने का खतरा
मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पटपरगंज, वैशाली और नोएडा में सीनियर डायरेक्टर और एचओडी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी और हेमेटोलॉजी, डॉ. मीनू वालिया ने बताया कि परिवार के सदस्य अक्सर स्मोकिंग जैसे व्यवहार पैटर्न शेयर करते हैं, उनके पास प्रदूषकों और अन्य पर्यावरणीय कारकों का सामान्य जोखिम भी है. ये कुछ अन्य कारण हैं जिनकी वजह से कभी-कभी परिवार में कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है.
जेनेटिक टेस्ट' जरूर कराएं
उन्होंने बताया, "हालांकि, यह सच है कि सभी लोगों को जेनेटिक कैंसर नहीं होगा, फिर भी ऐसे व्यक्तियों में सबसे अधिक जोखिम होता है. परिवार के जिस भी सदस्य को कैंसर है या पहले हुआ है, उसे इस आनुवंशिक जोखिम की जांच के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए." स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार, अब हमारे पास सामान्य ब्लड टेस्ट के जरिए इस जोखिम को निर्धारित करने की क्षमता है. डॉ ने खुलासा किया, इन 'जेनेटिक टेस्ट' के जरिए पता लगा सकते हैं कि किसी व्यक्ति को ये म्यूटेशन विरासत में मिले हैं या नहीं.
जेनेटिक काउंसलर से लें सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञ का कहना है, "कैंसर पर कोई भी बात घबराहट भरी होती है, इसलिए इन परीक्षणों से गुजरने से पहले एक जेनेटिक काउंसलर से मिलने की सलाह दी जाती है और अगर रिजल्ट चिंता का कारण हैं, तो यह तय करने के लिए काउंसलिंग जारी रखें कि आगे क्या एक्शन लिया जाए. एक नगेटिव जीन रिजल्ट सभी चिंताओं को समाप्त कर देता है. टेस्ट में पहचाने गए म्यूटेशन के प्रकार के आधार पर ऑन्कोलॉजिस्ट जोखिम को कम करने के लिए विभिन्न विकल्प बता सकते हैं."
उपचार और बचाव के उपाय
बीआरसीए1 और बीआरसीए2 जीन में म्यूटेशन के केसेस के बारे में जानकारी देते विशेषज्ञ का कहना है कि, जहां इन जेनेटिक म्यूटेशन वाली महिलाओं के पास ब्रेस्ट और गर्भाशय के कैंसर को रोकने के लिए दोनों स्तनों, फैलोपियन ट्यूब और अंडाशय दोनों को हटाने का प्रभावी विकल्प होता है. हालांकि, उन्हें अब तक डॉक्टरों या जोखिम वाले लोगों द्वारा एक्सेप्ट स्वीकार नहीं किया गया है, विशेष रूप से वे जो बच्चे पैदा करना चाहते हैं.
'कीमोप्रिवेंशन'
एक अन्य उपाय है 'कीमोप्रिवेंशन', जिसके बारे में उन्होंने बताया कि "इसमें जेनेटिक म्यूटेशन के मामले में रोकथाम के रूप में कैंसर उपचार दवाओं का उपयोग शामिल है. इस क्षेत्र में रिसर्ट चल रहा है. इसका समर्थन करने के लिए अभी मौजूदा सबूत पर्याप्त नहीं है."
हेल्दी लाइफस्टाइल जिएं
ऐसे में उन्होंने सुझाव दिया कि लाइफस्टाइल में बदलाव जैसे वजन कंट्रोल करना, स्मोकिंग छोड़ना भी उन लोगों में कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है, जिन्हें जेनेटिक म्यूटेशन मिला है. वहीं, बीआरसीए1 और बीआरसीए2 म्यूटेशन वाली महिलाओं के लिए, किसी भी लक्षण के प्रकट होने से पहले ही स्तन कैंसर का पता लगाने के लिए नियमित मैमोग्राफी की सलाह दी जाती है. विज्ञान लगातार कैंसर के रहस्यों को उजागर कर रहा है, जो कि सबसे खतरनाक और लाइलाज बीमारी है. जरूरी है कि लोग जेनेटिक जोखिम के अर्थ को समझें.
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Published at : 25 Jan 2023 04:00 PM (IST)
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