एक्सप्लोरर

तांबे या कांच, कौन-सी पानी की बोतल है आपकी सेहत की असली दोस्त?

तांबे की बोतलों का यूज भारत में हजारों सालों से होता आया है. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, तांबे की बोतल में रखा पानी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • तांबे की बोतलें प्राचीन परंपरा, स्वास्थ्य लाभ देती हैं.
  • कांच की बोतलें सुरक्षित, टेस्ट और क्वालिटी बरकरार रखती हैं.
  • अधिक तांबे से पेट दर्द, उल्टी हो सकती है.
  • रोज़ाना उपयोग के लिए कांच की बोतलें बेहतर हैं.

आज के समय में लोग अपनी सेहत और पर्यावरण दोनों का ख्याल रखने लगे हैं. ऐसे में प्लास्टिक की बोतलों का यूज धीरे-धीरे कम हो रहा है. लोग अब ऐसे ऑप्शन तलाश रहे हैं जो न सिर्फ सुरक्षित हों बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हों. इस दिशा में तांबे और कांच की पानी की बोतलें सबसे फेमस ऑप्शन बन चुके हैं, लेकिन सवाल यह है कि इनमें से कौन सी बोतल आपकी सेहत के लिए बेहतर है. तो आइए जानते हैं कि तांबे या कांच कौन सी पानी की बोतल आपकी सेहत की असली दोस्त है.
 
तांबे की बोतलें प्राचीन परंपरा और आधुनिक स्वास्थ्य

तांबे की बोतलों का यूज भारत में हजारों सालों से होता आया है. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, तांबे की बोतल में रखा पानी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है. इसे पीने से पाचन बेहतर होता है, इम्यूनिटी बढ़ती है और ऑवर हेल्थ में सुधार होता है. तांबे में प्राकृतिक रूप से एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं. कई अध्ययन बताते हैं कि तांबे की सतह कुछ हानिकारक बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीवों को मार सकती है, जिससे पानी अधिक सुरक्षित बनता है. जब पानी को तांबे की बोतल में कुछ घंटों के लिए रखा जाता है, तो उसमें तांबे की हल्की मात्रा घुल सकती है. तांबा हमारे शरीर के लिए जरूरी मिनरल है, जो रेल ब्लड सेल्स के निर्माण, तंत्रिका तंत्र के स्वास्थ्य और इम्यून सिस्टम के लिए जरूरी है, लेकिन विशेषज्ञ बताते हैं कि संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है. ज्यादा तांबे युक्त पानी पीने से पेट में तकलीफ, मतली या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. 

क्या कांच की बोतलें सुरक्षित ऑप्शन?

कांच की बोतलें पीने के पानी के लिए सबसे सुरक्षित ऑप्शन मानी जाती हैं. यह किसी भी तरह की रासायनिक प्रतिक्रिया नहीं करती और पानी के टेस्ट को प्रभावित नहीं करती हैं. कांच बिना छेद वाला और रासायनिक रूप से स्थिर होता है, इसलिए यह गंध, टेस्ट या दाग को अवशोषित नहीं करती, इसका मतलब है कि पानी हमेशा शुद्ध और ताजगी भरा रहेगा. इसके अलावा, कांच की बोतलें साफ करना आसान होती हैं और पर्यावरण के लिए भी बेहतर हैं, क्योंकि इन्हें कई बार यूज किया जा सकता है.

तांबे की बोतल से जुड़ी आम मिसकंसेप्शन

तांबे की बोतलों को लेकर कई मिथक हैं. जैसे कि यह सोचना कि तांबे में रखा पानी किसी भी बीमारी का इलाज कर सकता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि ऐसे दावे का वैज्ञानिक समर्थन सीमित है. एक और गलत धारणा है कि पानी को हमेशा तांबे की बोतल में रखना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार इसे सिर्फ कुछ घंटों या रात भर के लिए ही रखना चाहिए. इससे शरीर में तांबे की अधिकता नहीं होती और संभावित लाभ सुरक्षित रहते हैं.

इसे भी पढ़ें - Liver Disease Warning Signs: हाथों में दिखें ये लक्षण तो तुरंत भागें डॉक्टर के पास, इग्नोर कर देंगे तो डैमेज हो जाएगा लिवर

तांबे की बोतल के नुकसान

अगर तांबे की बोतल का सही तरीके से यूज न किया जाए तो स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव हो सकता है. ज्यादा तांबा युक्त पानी पीने से मतली, उल्टी, पेट दर्द या पाचन संबंधी परेशानियां हो सकती हैं. इसके अलावा, अम्लीय पेय जैसे नींबू पानी, फलों का रस या सिरका तांबे की बोतल में नहीं रखना चाहिए. ये पेय तांबे के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं और पानी में धातु की मात्रा बढ़ा सकते हैं.   विशेषज्ञ यह भी सुझाव देते हैं कि तांबे की बोतल को नियमित रूप से साफ करना जरूरी है, ताकि उसमें जमा अवशेष या ऑक्सीकरण से बचा जा सके. 

तांबे या कांच कौन सी पानी की बोतल सेहत के लिए सही?

तांबे की बोतल में हल्के एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं और यह शरीर को जरूरी मिनरल भी देती है. इसका सही यूज और संतुलन के साथ यह फायदेमंद हो सकती है. वहीं कांच की बोतल पूरी तरह सुरक्षित, तटस्थ और पर्यावरण के अनुकूल ऑप्शन है. इसमें पानी का टेस्ट, गंध और क्वालिटी हमेशा बरकरार रहती है.ऐसे में रोजाना यूज के लिए ज्यादातर स्वास्थ्य विशेषज्ञ कांच की बोतलों को ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं. तांबे की बोतल का यूज कभी-कभी, कुछ घंटों के लिए किया जा सकता है, बशर्ते इसे सही तरीके से साफ किया जाए और अम्लीय पेय में न यूज किया जाए. 

इसे भी पढ़ें - Egg Freezing: कितने साल के लिए एग्स फ्रीज करवा सकती हैं महिलाएं, इसमें कितना खर्चा आता है?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Wegovy Side Effects: स्लिम होने के लिए दवा लेने वाले हो जाएं सावधान, हमेशा के लिए जा सकती है आंखों की रोशनी
स्लिम होने के लिए दवा लेने वाले हो जाएं सावधान, हमेशा के लिए जा सकती है आंखों की रोशनी
Brain Health: B12 नॉर्मल होने पर भी सुन्न हो रहे हाथ-पैर और घट रही याददाश्त, रिसर्च में सामने आया सच
B12 नॉर्मल होने पर भी सुन्न हो रहे हाथ-पैर और घट रही याददाश्त, रिसर्च में सामने आया सच
Tips for Comfortable Sleep: रात को नहीं आ रही नींद, करें ये काम और चैन से सो जाएं
रात को नहीं आ रही नींद, करें ये काम और चैन से सो जाएं
Digital Detox: क्या है डिजिटल डिटॉक्स? जल्द नहीं समझे तो घेर लेंगी बीमारियां, नर्क बन जाएगा घर
क्या है डिजिटल डिटॉक्स? जल्द नहीं समझे तो घेर लेंगी बीमारियां, नर्क बन जाएगा घर
Advertisement

वीडियोज

Karnataka CM | Siddaramaiah Resignation: 'मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं'- सिद्धारमैया | DK Shivakumar
Israel Attack On Lebanon: नहीं मान रहा इजरायल, लेबनान में भारी तबाही | Netanyahu | Iran | Trump | US
Breaking | US Iran War: ईरान के सैन्य ठिकाने पर भयंकर हमला! | Trump | Nuclear Deal
Israel Attack On Lebanon: इजरायल की एयर स्ट्राइक से भारी तबाही, लेबनान में दहशत! | Netanyahu | Iran
Breaking | US Iran War: ईरान की सीक्रेट मिलिट्री साइट पर भयंकर हमला! | Trump | Nuclear Deal
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Asia Pacific Security Report: भारत के सामने मंडरा रहा डबल खतरा? डरा रही IISS की 150 पन्नो की रिपोर्ट, नो पीस का जिक्र
भारत के सामने मंडरा रहा डबल खतरा? डरा रही IISS की 150 पन्नो की रिपोर्ट, नो पीस का जिक्र
जयपुर में ईदगाह के बाहर हाइवे जाम, हजारों की संख्या में सड़क पर नमाज पढ़ते दिखे लोग
जयपुर में ईदगाह के बाहर हाइवे जाम, हजारों की संख्या में सड़क पर नमाज पढ़ते दिखे लोग
कर्नाटक का नाटक ब्रेकफास्ट पर खत्म! सिद्धारमैया ने लगाया गले तो DK शिवकुमार ने छुए CM के पैर
कर्नाटक का नाटक ब्रेकफास्ट पर खत्म! सिद्धारमैया ने लगाया गले तो DK शिवकुमार ने छुए CM के पैर
VAIBHAV SOORYAVANSI: गेंदबाज से कोई फर्क न पड़ना ही वैभव की जीत का मंत्र- ध्रुव जुरेल
VAIBHAV SOORYAVANSI: गेंदबाज से कोई फर्क न पड़ना ही वैभव की जीत का मंत्र- ध्रुव जुरेल
Drishyam 3 BO Day 7: ‘दृश्यम 3’ ने बॉक्स ऑफिस पर किया कब्जा, 7वें दिन की धुआंधार कमाई, अब बनाने वाली है ये बड़ा रिकॉर्ड
‘दृश्यम 3’ ने बॉक्स ऑफिस पर किया कब्जा, 7वें दिन भी की दमदार कमाई, अब बनाने वाली है ये बड़ा रिकॉर्ड
ईरान में अमेरिका के नए हमले, सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना; कई ड्रोन भी मार गिराए
ईरान में अमेरिका के नए हमले, सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना; कई ड्रोन भी मार गिराए
Why Nalanda Set On Fire: क्यों लगाई गई थी नालंदा विश्वविद्यालय को आग? हैरान कर देगी इसके पीछे की सच्चाई
क्यों लगाई गई थी नालंदा विश्वविद्यालय को आग? हैरान कर देगी इसके पीछे की सच्चाई
Brain Health: B12 नॉर्मल होने पर भी सुन्न हो रहे हाथ-पैर और घट रही याददाश्त, रिसर्च में सामने आया सच
B12 नॉर्मल होने पर भी सुन्न हो रहे हाथ-पैर और घट रही याददाश्त, रिसर्च में सामने आया सच
Embed widget