एक्सप्लोरर

8 भारतीय पूर्व-नौसैनिकों को कतर में फांसी से बचाना है भारतीय विदेश नीति की अग्निपरीक्षा, भारत पा सकता है इससे भी पार

कतर की भारत ने 2017 में तब सहायता भी की थी, जब तमाम अरब देशों यूएई, बहरीन, सऊदी अरब और मिस्र ने कतर को आतंक का साथी करार देकर उससे राजनीतिक संबंध तोड़ लिए थे. तब वहां भुखमरी की हालत हो गयी थी.

भारतीय विदेश नीति का यह परीक्षा काल चल रहा है. एक तरफ तो हमास और इजरायल के युद्ध में भारत लगभग दोधारी तलवार पर चल रहा है. दोधारी तलवार इसलिए कि हमास के आतंकी हमले को स्पष्ट शब्दों में नकार कर भारत ने इजरायल का समर्थन किया है. इस बात को कई लोग वर्षों की स्थापित विदेश नीति का विरोध बता रहे हैं. हालांकि, भारत ने फिलीस्तीन के मसले पर अपनी नीति में कोई परिवर्तन नहीं किया है. अभी भी भारत उन चंद देशों में शामिल है, जिसने गाजा में मानवीय सहायता भेजी है. हां, उसने युद्धविराम तत्काल करने के प्रस्ताव पर वोटिंग करने से मना कर दिया है. दूसरी तरफ, कतर में 8 पूर्व नौसैनिकों को फांसी दिए जाने का मसला भी तूल पकड़ गया है. यह भारतीय विदेशनीति के लिए अहम परीक्षा है कि वह अपने नागरिकों को न केवल फांसी से बचाए, बल्कि उनको वापस घर भी लेकर आए. 

पहले भी हुई है ऐसी घटना

ऐसे समय में कुलभूषण जाधव का नाम याद आता है. उन पर भी लगभग वही आरोप थे, जो कतर ने भारतीय नागरिकों पर लगाए हैं. यानी, जासूसी का. पाकिस्तानी अदालत ने कुलभूषण को फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन भारत उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय चला गया. पूर्व एटार्नी जनरल हरीश साल्वे ने मात्र एक रुपए की फीस लेकर यह मुकदमा लड़ा था. वैसे, पाकिस्तान ने जाधव का ईरान से अपहरण किया था, और जाधव भी पूर्व नौसैनिक अधिकारी ही थे. कतर ने चूंकि साफ-साफ भारत को यह नहीं बताया है कि उसके 8 नागरिकों पर क्या आरोप हैं, इसलिए कयासबाजी का ही दौर चल रहा है. हालांकि, भारत के कहने पर कुछ महीने पहले कतर ने काउंसलर-एक्सेस उन आठों को दिया था, जबकि पहले उनको एक अकेली कोठरी में सबसे दूर रखा गया था. भारत के ऊपर जाहिर तौर पर दबाव काफी अधिक है, क्योंकि एक नागरिक भी हो, तो दबाव होता ही है.

यहां तो 8 नागरिक हैं और वे भी पूर्व सैन्य अधिकारी. तो, सरकार पर उनके परिवारों के साथ ही सैन्य बलों का भी दबाव रहेगा, राजनीतिक दलों का भी और मीडिया का भी. इस मामले को बहुत करीब से देखा भी जाएगा. इसलिए, भी भारत दबाव में रहेगा. अब भारत के पास विकल्प भी सीमित हैं. पहला विकल्प तो ये है कि कतर की उच्च अदालत में अपील की जाए और नागरिकों को बचाने की कोशिश हो. हालांकि, ये विकल्प उस देश के हिसाब से बहुत मुफीद नहीं है जहां एक व्यक्ति (अमीर) का शासन चल रहा है. वहां यूरोपीय तर्ज की अदालतें नहीं हैं इसलिए यह रास्ता मुश्किल होगा. दूसरा विकल्प अंतरराष्ट्रीय न्यायालय जाने का है और तीसरा रास्ता कूटनीति का है. 

कूटनीतिक रास्ता होगा मुफीद

भारत के लिए कूटनीति का रास्ता सबसे आसान इसलिए होगा क्योंकि भारत और कतर के बीच काफी अच्छे संबंध हैं. बीच में बस नूपुर शर्मा वाले प्रकरण में थोड़ी सी दिक्कत हुई है, एक टीवी प्रोग्राम में नूपुर शर्मा की टिप्पणी पर कतर ने आपत्ति जताई और उसके बाद संबंधों में थोड़ी तल्खी आयी थी, लेकिन भारत कतर के लिए सबसे बड़ा बाजार भी है. इसके अलावा कतर की भारत ने 2017 में तब सहायता भी की थी, जब तमाम अरब देशों यूएई, बहरीन, सऊदी अरब और मिस्र ने कतर को आतंक का साथी करार देकर उससे राजनीतिक संबंध तोड़ लिए थे. उस समय कतर में भुखमरी की हालत हो गयी थी. ऐसा इसलिए हुआ कि आयात-निर्यात के लिए उसे करीब के बंदरगाह छोड़कर बहुत दूर के बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ा था.

भारत ने तब कतर-भारत एक्सप्रेस सर्विस चलाकर उसे बचाया था. कतर को यह घटना याद होनी चाहिए. उसी तरह राजनयिक और अंतरराष्ट्रीय दबाव देकर भी भारत अपना काम बना सकता है. कतर का अमीर साल में दो बार अपराधियों को माफी भी देता है. भारत इसका भी फायदा उठा सकता है. वैसे, राजनय और कूटनीति के विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि कतर की इस हरकत के पीछे जरूरत कोई न कोई लेनदेन की मंशा हो सकती है. कई बार ऐसा भी होता है कि परदे के पीछे दो देशों में डील हो जाती है. भारत और पाकिस्तान के मछुआरे अक्सर एक-दूसरे के सैन्य क्षेत्र में चले जाते हैं, तो आपस में अदला-बदली हो जाती है. उसी तरह कतर की मंशा भी भारत से कुछ सौदेबाजी करने की हो सकती है. भारत सरकार ने जब 8 नागरिकों को काउंसल मुहैया कराया है तो उसे यह भी पता होगा कि कतर को क्या चाहिए और वह उसी के आधार पर आगे बातचीत कर सकती है. 

भारतीय स्टेट भी पहले के मुकाबले अभी मजबूत है और भारत की अर्थव्यवस्था भी. कूटनीति में भी हमने बहुत कुछ ऐसे काम किए हैं जो कभी संभव नहीं थे. रूस-यूक्रेन का युद्ध हो या हमास और इजरायल का युद्ध, भारत ने बहुत खूबी से दोनों ही पक्षों के साथ संतुलन साध रखा है. हमास को भले हमने आतंकी माना है, लेकिन फिलीस्तीन से संबंध बदस्तूर कायम हैं. ऐसे में कतर की भारत पर निर्भरता और भारत की सधी कूटनीति को देखते हुए फिलहाल तो यही दिखता है कि भारत इन पूर्व-नौसैनिकों की सजा रद्द करवाने में सक्षम हो जाएगा और इस परीक्षा से भी पार पाएगा. 

व्यालोक जेएनयू और आइआइएमसी से पढ़े हैं. विभिन्न मीडिया संस्थानों जैसे ईटीवी, दैनिक भास्कर, बीबीसी आदि में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव. फिलहाल स्वतंत्र पत्रकारिता और अनुवाद करते हैं.
Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'भारत में वैवाहिक बलात्कार पर पतियों को सजा क्यों नहीं...', मैरिटल रेप पर कांग्रेस सांसद का बड़ा बयान
'भारत में वैवाहिक बलात्कार पर पतियों को सजा क्यों नहीं...', मैरिटल रेप पर कांग्रेस सांसद का बड़ा बयान
'उ नेता किस चीज का, महुआ आया तो…', मारपीट मामले में तेज प्रताप पर फूटा अविनाश की मां का गुस्सा
'उ नेता किस चीज का, महुआ आया तो…', मारपीट मामले में तेज प्रताप पर फूटा अविनाश की मां का गुस्सा
भूकंप के तगड़े झटकों से डोली धरती, रिक्टर स्केल पर 6.7 तीव्रता, घरों से निकलकर भागे लोग
भूकंप के तगड़े झटकों से डोली धरती, रिक्टर स्केल पर 6.7 तीव्रता, घरों से निकलकर भागे लोग
Akhanda 2 X Review: रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर छाई ‘अखंडा 2 थांडवम’, लोग बोले- 'ब्लॉकबस्टर है ये फिल्म'
रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर छाई ‘अखंडा 2 थांडवम’, लोग बोले- 'ब्लॉकबस्टर है ये फिल्म'

वीडियोज

Delhi News: सैनिक फार्म में बुलडोजर कार्रवाई, देखते ही देखते ढह गया मकान | Bulldozer Action
MP News: Bhopal में चलती कार में लगी भीषण आग... हादसे में 5 लोग जलकर राख | Road Accident | abp News
Goa Night Club Fire Update: 2-3 दिन में गोवा पुलिस की हिरासत में होंगे लूथरा बंधू | Breaking News
सीक्रेट लव का शैतान दुश्मन | Sansani
TMC सांसद ने मकर द्वार पर सुलगाई सिगरेट...Giriraj Singh ने सांसद को टोका | ABP News
Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'भारत में वैवाहिक बलात्कार पर पतियों को सजा क्यों नहीं...', मैरिटल रेप पर कांग्रेस सांसद का बड़ा बयान
'भारत में वैवाहिक बलात्कार पर पतियों को सजा क्यों नहीं...', मैरिटल रेप पर कांग्रेस सांसद का बड़ा बयान
'उ नेता किस चीज का, महुआ आया तो…', मारपीट मामले में तेज प्रताप पर फूटा अविनाश की मां का गुस्सा
'उ नेता किस चीज का, महुआ आया तो…', मारपीट मामले में तेज प्रताप पर फूटा अविनाश की मां का गुस्सा
भूकंप के तगड़े झटकों से डोली धरती, रिक्टर स्केल पर 6.7 तीव्रता, घरों से निकलकर भागे लोग
भूकंप के तगड़े झटकों से डोली धरती, रिक्टर स्केल पर 6.7 तीव्रता, घरों से निकलकर भागे लोग
Akhanda 2 X Review: रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर छाई ‘अखंडा 2 थांडवम’, लोग बोले- 'ब्लॉकबस्टर है ये फिल्म'
रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर छाई ‘अखंडा 2 थांडवम’, लोग बोले- 'ब्लॉकबस्टर है ये फिल्म'
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 9 गेंदों में गिरे 5 विकेट, टीम इंडिया के नाम बना शर्मनाक रिकॉर्ड
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 9 गेंदों में गिरे 5 विकेट, टीम इंडिया के नाम बना शर्मनाक रिकॉर्ड
हाथों-नाखूनों में दिखने वाले ये 5 बदलाव हो सकते हैं गंभीर बीमारी का संकेत, डॉक्टर्स ने दी चेतावनी
हाथों-नाखूनों में दिखने वाले ये 5 बदलाव हो सकते हैं गंभीर बीमारी का संकेत, डॉक्टर्स ने दी चेतावनी
बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे जमा करने हैं तो इन जगहों पर करें निवेश
बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे जमा करने हैं तो इन जगहों पर करें निवेश
दिनभर लैपटॉप पर झुके रहते हैं? फिजियोथेरेपिस्ट से जानें ऑफिस में बैठकर काम करने वालों के लिए आसान टिप्स
दिनभर लैपटॉप पर झुके रहते हैं? फिजियोथेरेपिस्ट से जानें ऑफिस में बैठकर काम करने वालों के लिए आसान टिप्स
Embed widget