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इंसानों ने टाई कब और क्यों लगानी शुरू की, एक धार्मिक युद्ध से है इसका ताल्लुक

लगभग 1620 से 1650 के दौरान, जब यूरोप में कैथोलिक धर्म और प्रगतिशील प्रोटेस्टेंट के बीच युद्ध हुआ तो यूरोपीय देशों की तरफ से लड़ने वाले क्रोएशियाई सैनिकों ने अपने गले में टाई पहनी हुई थी.

आपने अपनी जिंदगी में टाई कई मौकों पर लगाई होगी, लेकिन सबसे ज्यादा टाई का इस्तेमाल स्कूल के दौरान होता है. उसी वक्त हम यह सीखते हैं कि टाई की नॉट कैसे लगाई जाती है. लेकिन इतने सालों से टाई लगाने के बाद भी क्या आपने कभी ये जानने की कोशिश की कि आखिर ये टाई आई कहां से है और इंसानों ने इसे लगाना कब और क्यों शुरू किया. चलिए आपको आज इसी से जुड़ी कुछ दिलचस्प बाते बताते हैं.

कहां से आई टाई

रिपोर्ट्स बताते हैं कि सबसे पहले टाई नेक टाई के तौर पर आई. इसकी उत्पत्ति 17वीं शताब्दी में फ्रांस में हुई. हालांकि, सही मायनों में देखा जाए तो यहां से यह पूरी दुनिया में फैली. जबकि, फ्रांस के राजा को इसका आइडिया उन क्रोएशियाई सैनिकों को देख कर आया जिन्हें उन्होंने एक युद्ध में लड़ने के लिए भाड़े पर बुलाया था. जब ये सैनिक फ्रांस पहुंचे तो फ्रांस के राजा किंग लुई XIII ने सैनिकों को देखा कि वह अपनी गर्दन में एक कपड़ा बांधे हुए हैं. किंग लुई XIII को यह बहुत पसंद आया और उन्होंने युद्ध के अंत के बाद इसे अपने देश में लागू कर दिया. यानी अब राज सभाओं में सभी अधिकारियों को इस नेक टाई के साथ ही आना था. हालांकि, फ्रांस में इसे ला क्रावेटे कहते हैं. दरअसल, इस नेक टाई को किंग लुई ने क्रोएशियाई सैनिकों के सम्मान में ला क्रावेटे नाम दिया था.

क्या है इससे जुड़ा धार्मिक युद्ध

कुछ कहानियों के मुताबिक, लगभग 1620 से 1650 के दौरान, जब यूरोप में कैथोलिक धर्म और प्रगतिशील प्रोटेस्टेंट के बीच युद्ध हुआ तो यूरोपीय देशों की तरफ से लड़ने वाले क्रोएशियाई सैनिकों ने अपने गले में एक कपड़ा पहना हुआ था, जिसे बाद में टाई के नाम से जाना गया. इसी युद्ध के बाद ही फ्रांस के राजा ने क्रोएशियाई सैनिकों के सम्मान में इस टाई को अपने राजदरबार में लागू करवा दिया और फिर देखते देखते ये पूरे यूरोप में फैल गया.

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