वैभव सूर्यवंशी को राष्ट्रपति ने अपने हाथों से दिया सबसे बड़ा पुरस्कार, जानें इसमें कितना मिलता है कैश?
National Child Award: क्रिकेट के मैदान में रिकॉर्ड तोड़ने वाला 14 साल का खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी अब राष्ट्रपति के सम्मान से नवाजा गया है. आइए जानें कि इस पुरस्कार में कितना कैश मिलता है.

जिस उम्र में बच्चे सपने देखना शुरू करते हैं, उसी उम्र में एक नाम इतिहास लिख रहा है. क्रिकेट के मैदान पर बल्ले से तूफान मचाने वाला किशोर वैभव सूर्यवंशी अब राष्ट्रपति भवन तक पहुंच चुका है. वैभव सूर्यवंशी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने हाथों से सम्मानित किया है. आइए जानें कि इस पुरस्कार में कितना कैश मिलता है.
वीर बाल दिवस पर खास सम्मान
वीर बाल दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को देश के 20 असाधारण बच्चों को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से सम्मानित किया. ये बच्चे 18 अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए हैं. इन्हीं में एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा बिहार के 14 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी. राष्ट्रपति ने स्वयं अपने हाथों से वैभव को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया, जिससे यह पल उनके जीवन का सबसे यादगार क्षण बन गया.
किन बच्चों को मिलता है यह पुरस्कार
यह पुरस्कार उन भारतीय बच्चों को दिया जाता है जिनकी उम्र 5 साल से अधिक और 18 साल से कम होती है और जो भारत में निवास करते हैं. इनका चयन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा किया जाता है. पुरस्कार पाने वाले बच्चों को गणतंत्र दिवस पर कर्तव्यपथ पर होने वाली परेड में शामिल होने का भी अवसर मिलता है.
अवॉर्ड की कैटेगरी और मिलने वाला कैश
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार पहले छह कैटेगरी में दिया जाता था, जिनमें कला और संस्कृति, बहादुरी, नवाचार, शिक्षा, सामाजिक सेवा और खेल शामिल थे. अब इसमें साइंस और टेक्नोलॉजी को भी जोड़ा गया है. इस पुरस्कार के तहत विजेता को एक मेडल, एक प्रमाण पत्र और 1 लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है.
रिकॉर्ड्स जिसने दुनिया को चौंकाया
वैभव सूर्यवंशी ने अपने खेल से न सिर्फ भारतीय क्रिकेट प्रेमियों, बल्कि दुनिया भर के पूर्व क्रिकेटरों को हैरान कर दिया है. आईपीएल में उन्होंने महज 35 गेंदों में शतक जड़कर तहलका मचा दिया था. वहीं विजय हजारे ट्रॉफी में वैभव ने केवल 36 गेंदों में शतक लगाकर इतिहास रच दिया. अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए मैच में उन्होंने 84 गेंदों पर 190 रनों की विस्फोटक पारी खेली. लिस्ट-ए क्रिकेट में वह सबसे तेज शतक लगाने वाले भारत के तीसरे बल्लेबाज बन चुके हैं.
राष्ट्रपति सम्मान के बाद पीएम से मुलाकात
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिलने के बाद वैभव सूर्यवंशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे. यह मुलाकात न सिर्फ वैभव के लिए, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक बड़ा संदेश मानी जा रही है कि प्रतिभा और मेहनत को देश के सर्वोच्च स्तर पर पहचाना जाता है.
क्या है वीर बाल दिवस का महत्व
वीर बाल दिवस हर साल 26 दिसंबर को मनाया जाता है. यह दिन गुरु गोविंद सिंह के चार साहिबजादों- अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह की शहादत को समर्पित है. 26 दिसंबर 1705 को मुगल सेना ने इन चारों वीर बालकों की हत्या कर दी थी. उनकी वीरता और बलिदान की याद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी.
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