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देश में कितने करोड़ Gen-G? 2029 में कितने प्रतिशत वोटों पर होगा इनका सीधा असर

Gen-G Population India: भारत में इस वक्त जेन-जी की सबसे बड़ी आबादी रहती है. यानि कि 2029 तक लोकसभा चुनाव के लिए भी सबसे ज्यादा जेन-जी की तादात होगी. चलिए उनका आंकड़ा जानें.

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  • 2029 तक यह सबसे बड़ा वयस्क मतदाता समूह बनेगा।

Gen-G Population India: जेन-जी देश की वह पीढ़ी है, जिनसे उम्मीद की जा रही है कि वे आने वाले भविष्य में देश की दशा और दिशा तय करेंगे. हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए नीट पेपर लीक मामले में प्रदर्शन के दौरान दुनिया ने भारत के जेन-जी को देखा और उनकी ताकत को समझा. कुछ इसी तरह से अलग मांगों के साथ झारखंड में भी छात्रों का प्रदर्शन जारी है, जहां आपको तमाम जेन-जी अपनी बात रखते नजर आएंगे. भले ही तमाम लोगों को ऐसा लगता हो कि इन 15 से 20 साल के बच्चों को देश-दुनिया और समाज के बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन असल में ऐसा है नहीं. देश के ज्यादातर युवा हर मुद्दे पर अपनी बेबाकी से राय रख रहे हैं. इसीलिए साल 2029 में होने वाले विधानसभा चुनाव में इनकी बड़ी तादाद देखने को मिलने वाली है. चलिए आपको देश में जेन-जी का आंकड़ा बताते हैं.

दुनिया की सबसे बड़ी युवा पीढ़ी का केंद्र बना भारत

संयुक्त राष्ट्र की वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट 2026 रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक स्तर पर 15 से 24 वर्ष के 60% युवा केवल 10 बड़े देशों में मौजूद हैं. इन देशों में इथियोपिया, नाइजीरिया, ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, मेक्सिको, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अमेरिका और भारत शामिल हैं. वहीं वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट 2024 की रिपोर्ट की मानें तो वर्ष 2026 में अकेले भारत में 14 से 29 आयु वर्ग के करीब 40.7 करोड़ युवा रह रहे होंगे. यह संख्या पूरी दुनिया में जेन जी आबादी का सबसे बड़ा आंकड़ा बताता है. अन्य देशों की तुलना में इसे देखें तो चीन में यह संख्या 26.4 करोड़, पाकिस्तान में 7.9 करोड़ और नाइजीरिया में 7.6 करोड़ के आसपास दर्ज की गई है.

2026 में देश में कितने फीसदी जेन-जी?

भारत की विशाल कुल जनसंख्या को देखते हुए युवाओं की यह बड़ी संख्या स्वाभाविक लगती है, लेकिन मतदाता सूची में इनका वजन निर्णायक है. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों और जनसंख्या अनुमानों के अनुसार साल 2026 तक देश में 14-16 करोड़ जेन-जी मतदाता रजिस्टर हो चुके हैं. इस पीढ़ी की सबसे अलग विशेषता इनकी स्वतंत्र और लीक से हटकर राजनीतिक सोच है. यह पीढ़ी जानकारी और समाचारों के लिए पारंपरिक माध्यमों के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर निर्भर रहती है. यही कारण है कि पुराने ढर्रे के चुनावी विज्ञापनों का इन पर प्रभाव कम पड़ता है, जबकि जमीनी मुद्दे और निष्पक्षता इनके वोट तय करने में मुख्य भूमिका निभाते हैं. 

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देश में कितने करोड़ Gen-G? 2029 में कितने प्रतिशत वोटों पर होगा इनका सीधा असर

किस राज्य में कितने जेन-जी?

देश के अलग-अलग राज्यों में युवाओं का यह अनुपात काफी अलग-अलग नजर आता है. भारत के जनगणना आयुक्त के आंकड़ों के अनुसार बिहार इस मामले में सबसे आगे है, जहां कुल आबादी का 36.8% हिस्सा जेन-जी का है. यही वजह है कि बिहार की राजनीति में इस युवा वर्ग का सीधा प्रभाव सबसे पहले और सबसे तेज गति से दिखना शुरू हुआ है. बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश में 33.9% और झारखंड में 33.8% जेन-जी आबादी है. राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है. इसके उलट दक्षिण भारतीय राज्यों जैसे केरल में सबसे कम 22.2% और तमिलनाडु में 22.6% जेन-जी आबादी दर्ज की गई है.

2029 के आम चुनाव में मिलेनियल्स को पछाड़ेगी नई पीढ़ी

वर्ष 2029 का लोकसभा चुनाव देश के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होगा. अनुमान है कि 2029 तक 18 से 32 वर्ष की आयु वाले जेन-जी की कुल जनसंख्या लगभग 38 करोड़ तक पहुंच जाएगी, जिसमें करीब 19.9 करोड़ पुरुष और 18.1 करोड़ महिलाएं शामिल होंगी. इसके साथ ही यह वर्ग मिलेनियल्स जिनकी अनुमानित आबादी 35.7 करोड़ होगी को पीछे छोड़कर देश का सबसे बड़ा वयस्क नागरिक समूह बन जाएगा. 2029 में देश के कुल वोटों का एक बहुत बड़ा और निर्णायक हिस्सा इसी युवा पीढ़ी की उंगलियों की स्याही से तय होगा.

भविष्य में रोजगार, शिक्षा और शासन व्यवस्था पर केंद्रित होंगे मुद्दे?

रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस बदलाव का असर सिर्फ वोटों के आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा. 2029 में यही जेन-जी वर्ग देश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों, पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों, नौकरी की शुरुआत करने वाले युवाओं और नए परिवारों का सबसे बड़ा प्रतिनिधि होगा. इसलिए आने वाले समय में राजनीतिक दलों के मुख्य मुद्दे भी बदलेंगे. अब चुनाव प्रचार केवल वादों पर नहीं, बल्कि पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, आवास व्यवस्था, रोजगार की सुरक्षा, स्वच्छ पर्यावरण, खर्च करने की क्षमता और बेहतर शासन जैसे ठोस व्यावहारिक विषयों पर केंद्रित होंगे.


देश में कितने करोड़ Gen-G? 2029 में कितने प्रतिशत वोटों पर होगा इनका सीधा असर

जेन-जी के पीछे जेन अल्फा की आहट

जेन-जी के ठीक पीछे एक और बेहद विशाल आबादी तैयार हो रही है, जिसे जेन अल्फा कहा जाता है. हालांकि 2029 के चुनाव में इस पीढ़ी के अधिकतर सदस्य 18 वर्ष से कम उम्र के होने के कारण वोट देने योग्य नहीं होंगे, लेकिन इनकी अनुमानित जनसंख्या 41.7 करोड़ से भी अधिक होगी. यह आंकड़ा इन्हें आने वाले दौर में भारत का अब तक का सबसे बड़ा ग्रुप बनाएगा.

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About the author निधि पाल

निधि पाल एबीपी लाइव में कंटेंट राइटर हैं. ये यहां पर जीके सेक्शन की जिम्मेदारियां संभाल रही हैं. पिछले 7 साल से पत्रकारिता की दुनिया में कार्यरत निधि पाल ने इससे पहले अमर उजाला डिजिटल, न्यूज 24, ईटीवी भारत हैदराबाद जैसे बड़े संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है.

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने आईआईएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन लखनऊ से जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है.

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