इस जंग में भारत का साथ देने पहुंची थी अमेरिका और ब्रिटेन की एयरफोर्स, दुश्मन ने तुरंत कर दिया था सीजफायर
Independence Day 2025: स्वतंत्रता के बाद भारत के चीन-पाकिस्तान के साथ कई युद्ध हो चुके हैं. चलिए जानें कि किस युद्ध में अमेरिका-ब्रिटेन ने भारत की मदद की थी. जिससे दुश्मन ने तुरंत सीजफायर कर दिया था.

Independence Day 2025: देश की एकता और अखंडता का पर्व स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को मनाया जाता है. 1947 को आजादी के दौरान न जाने कितने स्वतंत्रता सेनानियों ने तिरंगे को शान से लहराते देखा होगा. इस साल देश 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा और देश आजादी के 78 साल पूरे कर लेगा. स्वतंत्रता के बाद देश ने कई लड़ाइयां देखी हैं, कभी पाकिस्तान के साथ तो कभी चीन के साथ. भारत और चीन के साथ 1962 का युद्ध कोई नहीं भूल सकता है.
जब भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ था, उस वक्त भारत को जिन देशों से सबसे ज्यादा मदद मिली था, शायद उसके लिए भारत को बहुत ज्यादा उम्मीद भी नहीं थी. चलिए जानें कि 1962 के युद्ध में अमेरिका और ब्रिटेन ने कैसे देश का साथ दिया था.
युद्ध के दौरान दो हिस्सों में बंट गई थी दुनिया
जब 1962 में भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ था, उस वक्त दुनिया दो हिस्सों में बंट गई थी. एक खेमा सोवियत संघ का साम्यवादी खेमा था, जो कि पूर्वी खेमा कहा जाता था. वहीं दूसरा गुट अमेरिका और मित्र देशों का साथ दे रहा था. उस वक्त भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू इसी के बीच गुटनिरपेक्ष देशों के साथ आंदोलन कर रहे थे.
उस वक्त भारत ने सोवियत संघ जो कि अब रूस है उससे विमानों की खरीद की तो ब्रिटेन और अमेरिका नाराज हो गए थे. पहले जो सोवियत संघ भारत से लगातार दोस्ती की बात कर था, वह भारत और चीन के बीच युद्ध होते ही शांत हो गया था.
चीन को लगा कोई नहीं करेगा मदद
1962 में जब चीन ने भारत पर आक्रमण किया था, तो उसे लगा था कि कोई भी भारत के साथ नहीं आएगा, क्योंकि अमेरिका और सोवियत संघ आपस में भिड़े हैं. ऐसे में भारत की कोई मदद नहीं करेगा. लेकिन इसके बावजूद अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने भारत की मदद की.
संकट की घड़ी में ब्रिटेन ने दिया साथ
भारत पर जब चीन का आक्रमण हुआ तो ब्रिटेन में तुरंत संसद की बैठक हुई. इस बैठक को रानी एलिजाबेथ द्वितीय ने संबोधित किया था. संसद के नए अधिवेशन में उन्होंने अभिभाषण देते हुए कहा था कि उन्होंने भारत का पूरा समर्थन किया था. उन्होंने कहा था कि इस संकट के वक्त में ब्रिटेन भारत का पूरा साथ देगा, अगर भारत चाहे तो ब्रिटेन उसे सैनिक मदद कर सकता है.
अमेरिका भी आया था भारत के साथ
इस दौरान अमेरिका ने भारत के साथ वो किया था, जिसकी भारत को बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी. अमेरिका ने हथियारों और समर्थन दोनों तरीके से भारत की मदद की थी. अमेरिका के राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने कोलकाता में 2 नवंबर 1962 को सात विमानों से हथियार भेजे थे. सोवियत संघ और क्यूबा को लेकर चल रही तनातनी की वजह से भी अमेरिका ने भारत का साथ दिया था.
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