Oil Reserves: किसी देश के पास कम से कम कितने दिन का होना चाहिए ऑयल रिजर्व, किस देश के पास सबसे ज्यादा?
Oil Reserves: हाल ही में भारत के पेट्रोलियम मिनिस्टर ने बताया कि देश के पास 74 दिनों की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त तेल रिजर्व है. आइए जानते हैं कि तेल रिजर्व के लिए ग्लोबल स्टैंडर्ड क्या है.

Oil Reserves: ऐसी दुनिया में जहां ग्लोबल झगड़ें, सप्लाई चैन में रुकावट और कीमतों में झटका रातों-रात पूरी इकोनॉमी को हिला सकते हैं, तेल के रिजर्व देश की एनर्जी ढाल का काम करते हैं. हाल ही में भारत के पेट्रोलियम मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा को बताया कि भारत के स्ट्रैटेजिक पैट्रोलियम रिजर्व अभी ग्लोबल उथल-पुथल की हालत में देश की 74 दिनों की जरूरत को पूरा कर सकते हैं. इसी बीच आइए जानते हैं कि किसी भी देश के पास कितने दिन का तेल रिजर्व होना चाहिए और इस मामले में कौन सा देश दुनिया में सबसे आगे है.
तेल रिजर्व के लिए ग्लोबल स्टैंडर्ड क्या है
इंटरनेशनल लेवल पर बेंचमार्क इंटरनल एनर्जी एजेंसी तय करती है. इंटरनल एनर्जी एजेंसी के नियमों के मुताबिक मेंबर देश को अपने पिछले साल के नेट तेल इंपोर्ट के कम से कम 90 दिनों के बराबर तेल रिजर्व रखना जरूरी है.
90 दोनों का यह नियम इस बात को पक्का करने के लिए है कि अगर युद्ध, प्राकृतिक आपदा, पाबंदी या जियोपॉलिटिकल तनाव की वजह से तेल की सप्लाई में रुकावट आती है तो किसी देश की इकॉनमी रुक ना जाए. अमेरिका, जापान और जर्मनी जैसे देश अपनी एनर्जी सिक्योरिटी स्ट्रेटजी के हिस्से के तौर पर इस स्टैंडर्ड का सख्ती से पालन करते हैं.
ग्लोबल कॉन्टेक्स्ट में भारत की स्थिति
भारत के पास अभी स्ट्रैटेजिक और कमर्शियल स्टॉक को मिलाकर 74 दिनों के लिए काफी रिजर्व है. हालांकि यह 90 दिन के ग्लोबल बेंचमार्क से कम है फिर भी यह इमरजेंसी के दौरान काफी बफर देता है. भारत इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के करीब जाने के लिए अपनी स्टोरेज कैपेसिटी को लगातार बढ़ा रहा है.
तेल बनाने वाले देश कितने समय तक चल सकते हैं
तेल रिजर्व को देखने का एक और दिलचस्प तरीका यह है कि अगर प्रोडक्शन मौजूद लेवल पर जारी रहा तो वह कितने समय तक चलेंगे. कुछ तेल से अमीर देशों के पास ऐसे रिजर्व हैं जो कई पीढ़ियों तक चल सकते हैं. ईरान के पास अपने मौजूदा प्रोडक्शन रेट पर लगभग 134 साल तक चलने के लिए काफी तेल है. इराक लगभग 127 साल तक तेल बनाना जारी रख सकता है. सऊदी अरब के पास लगभग 81 और सालों के लिए काफी रिजर्व है. इसी के साथ कुवैत और यूनाइटेड अरब अमीरात के पास आउटपुट लेवल 90 से 100 साल तक का है.
स्ट्रैटेजिक पैट्रोलियम रिजर्व
स्ट्रैटेजिक पैट्रोलियम रिजर्व जमीन के नीचे के तेल रिजर्व से अलग होता है. इन्हें पहले ही निकाल कर टैंक या फिर जमीन के नीचे की गुफाओं में इमरजेंसी में तुरंत इस्तेमाल के लिए स्टोर किया जाता है. दुनिया का सबसे बड़ा स्ट्रैटेजिक पैट्रोलियम रिजर्व अमेरिका के पास है. इसकी स्टोरेज कैपेसिटी 700 मिलियन बैरल से ज्यादा है. इस मामले में चीन दूसरे नंबर पर है और तेजी से अपने स्ट्रैटेजिक तेल स्टोरेज को बढ़ा रहा है.
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