अडानी ने जिस घाट पर पूजा की क्या वहां कोई भी जा सकता है? जानें कैसे होता है तय
Gautam Adani Mahakumbh 2025: गौतम अडानी ने प्रयागराज के संगम घाट पर की पूजा. क्या संगम घाट पर सिर्फ वीआईपी लोग ही जाकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं. या फिर वहां पर और लोग भी जा सकते हैं. जानें जवाब.

Gautam Adani Mahakumbh 2025: उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में भव्य महाकुंभ का आयोजन शुरू हो चुका है. करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र गंगा नदीं में स्नान कर चुके हैं. श्रद्धालुओं का आंकड़ा 8.5 करोड़ के करीब पहुंच चुका है. आज यानी 21 जनवरी को देश के जाने-माने उद्योगपति गौतम अडानी भी महाकुंभ में पहुंचे थे. बता दें गौतम अडानी ने अपने परिवार के साथ संगम घाट पर पूजा अर्चना की.
उस दौरान वहां सिक्योरिटी के भी पुख्ता इंतजाम थे. कई लोगों के मन में सवाल आ रहा है क्या संगम घाट पर सिर्फ वीआईपी लोग ही जाकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं. या फिर वहां पर और लोग भी जा सकते हैं. चलिए बताते हैं इस बात को कौन तय करता है किस घाट पर जाकर पूजा की जाएगी.
संगम घाट पर की गौतम अडानी ने पूजा
21 जनवरी मंगलवार के दिन देश के जाने वाले मशहूर उद्योगपति गौतम अडानी ने प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में शिरकत की और उन्होंने संगम तट पर पूरे परिवार के साथ पूजा की. बता दें इलाहाबाद प्रयागराज में कुल चार घाट है. इन चारों ही घाटों का काफी महत्व है. इनमें सबसे बड़ा घाट है संगम घाट जहां पर उद्योगपति गौतम अडानी ने अपने परिवार के साथ पूजा की. ऐसा नहीं है कि संगम घाट सिर्फ वीवीआइपीओ के लिए खुलता है. यहां आम आदमी भी पूजा कर सकते हैं.
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कौन तय करता है किस घाट पर पूजा कौन करेगा?
आपको बता दें प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुंभ का आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार की जिम्मे हैं. जिसमें प्रयागराज का लोकल प्रशासन भी पूरी तरह से जुड़ा हुआ है. इलाहाबाद में कुल चार घाट है. यह चारों ही घाट इलाहाबाद प्रशासन के तहत आते हैं. प्रशासन के पदाधिकारी द्वारा ही तय किया जाता है कौन से घाट पर कौन पूजा करेगा. अगर कोई विशेष व्यक्ति किसी विशेष घाट पर पूजा करना चाहता है या आने वाला है. तो उसके लिए पहले ही उस घाट को खाली करवाया जाता है और पूरी तैयारी कर ली जाती है.
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करवा रहे हैं प्रसाद वितरण
बता दें गौतम अडानी इस्कॉन और गीता प्रेस के साथ मिलकर इस महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सेवा में लगे हुए हैं. इस्कॉन के साथ मिलकर गौतम अडानी रोजाना एक लाख लोगों को प्रसाद वितरण करवा रहे हैं. उन्होंने इस्कॉन मंदिर के शिविर में लोगों को महाप्रसाद वितरित किया.
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