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डीजल या पेट्रोल, दुनिया में कौन-से फ्यूल का भंडार सबसे पहले हो जाएगा खत्म?

Which Fuel Reserves In World Will End First: दुनिया में पेट्रोल और डीजल का भंडार कम हो रहा है. आने वाले दशकों में दोनों फ्यूल पर संकट गहरा सकता है. ऐसे में इस पर ध्यान देने की जरूरत है.

आज के समय में दुनिया पूरी तरह से ऊर्जा पर निर्भर है. गाड़ियां, कारखाने या बिजली बनाने के प्लांट, हर जगह पेट्रोल और डीजल की खपत सबसे ज्यादा होती है. लेकिन लोगों के दिमाग में एक बड़ा सवाल यह रहता है कि आखिर इन दोनों फ्यूल में से कौन-सा भंडार सबसे पहले खत्म हो जाएगा? दरअसल पेट्रोल और डीजल दोनों ही कच्चा तेल यानी क्रूड ऑयल से बनाए जाते हैं. लेकिन जितनी तेजी से इन्हें निकाला और इस्तेमाल किया जा रहा है, उतनी ही तेजी से इनके खत्म होने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है.

डीजल की खपत पेट्रोल से ज्यादा

रिपोर्ट्स बताती हैं कि पेट्रोलियम रिजर्व्स का इस्तेमाल अगर इसी रफ्तार से होता रहा तो अगले 40 से 50 सालों में यह संकट गहराता जाएगा. दुनिया में डीजल की खपत पेट्रोल से कहीं ज्यादा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल सिर्फ गाड़ियों में ही नहीं बल्कि ट्रकों, जहाजों और इंडस्ट्रीज में भरपूर किया जाता है. यही वजह है कि डीजल का भंडार पेट्रोल की तुलना में ज्यादा तेजी से घट रहा है. 

भविष्य में हो सकता है फ्यूल का संकट

वैज्ञानिकों की मानें तो दुनिया में डीजल के पहले खत्म होने की संभावना ज्यादा है. पेट्रोल थोड़े समय और चल सकता है, लेकिन यह भी हमेशा के लिए रिजर्व नहीं है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 3-4 दशकों में दोनों ही फ्यूल का संकट हो सकता है. यही वजह है कि दुनियाभर में इलेक्ट्रिक गाड़ियों, बायोफ्यूल और सौर ऊर्जा जैसे विकल्पों पर तेजी से काम हो रहा है. भारत जैसे देशों के लिए पेट्रोल डीजल  और भी बड़ा मुद्दा है, क्योंकि यहां पेट्रोल-डीजल का आयात बहुत ज्यादा होता है. 

सीमित हैं पेट्रोल डीजल

अगर भविष्य में फ्यूल का संकट खड़ा हुआ तो इसका असर आम आदमी से लेकर पूरी अर्थव्यवस्था तक देखने को मिल सकता है. कहने का मतलब यह है कि पेट्रोल और डीजल दोनों ही सीमित हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि डीजल की खपत ज्यादा होने के कारण यह पहले खत्म हो सकता है. ऐसे में अभी से ही वैकल्पिक ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने की जरूरत है, नहीं तो आने वाले समय में गाड़ियां खड़ी रहेंगी और इंडस्ट्रीज ठप पड़ जाएंगी.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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