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कितनी मुश्किल है अरब देशों की सिटीजनशिप, सऊदी अरब से लेकर यूएई तक...जानिए कैसे मिलती है नागरिकता 

Citizenship Rules in Arab Countries: आप किसी अरब देश में नागरिकता पाने का ख्वाब देख रहे है तो यह मामला थोड़ा पेचीदा हो सकता है. दरअसल, अरब देशों में नागरिकता को लेकर कड़े नियम हैं.

Citizenship Rules in Arab Countries: पूरी दुनिया में नागरिकता पाने के कुछ सिंपल से रूल्स हैं. एक है राइट ऑफ सॉइल. इसका मतलब है कि आपका जहां जन्म हुआ, उस देश की नागरिकता आपको खुद-ब-खुद मिल जाती है. दुनिया के कई देश इस नियम को मानते हैं और वहां जन्म के बच्चे से नागरिकता मिल जाती है. दूसरा रूल है राइट ऑफ ब्लड. यानी आपके पेरेंट्स जिस देश के हैं आप वहीं के नागरिक कहलाएंगे. वहीं तीसरा नियम है नेचुरलाइजेशन पीरियड. मतलब है कि कुछ देशों की नागरिकता पाने के लिए आपको एक तय समय बिताना होता है. यह कम से कम 5 साल से लेकर कई साल तक हो सकता है. 

अमेरिका समेत 30 से ज्यादा देश राइट ऑफ सॉइल नियम का पालन करते हैं और इन देशों में जन्म से ही नागरिकता मिल जाती है. वहीं कुछ देशों में राइट ऑफ ब्लड वाला नियम भी लागू होता है, लेकिन अगर आप किसी अरब देश में नागरिकता पाने का ख्वाब देख रहे है तो यह मामला थोड़ा पेचीदा हो सकता है. दरअसल, अरब देशों में नागरिकता को लेकर कड़े नियम हैं और किसी भी विदेशी नागरिक को इन देशों का नागरिक बनने के लिए इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है. हालांकि, सऊदी और यूएई जैसे देश अपने नागरिकता नियमों में लगातार बदलाव कर रहे हैं. 

सऊदी अरब में कैसे मिलती है नागरिकता?

सऊदी अरब ने 2023 में अपने नागरिकता नियमों में अहम बदलाव किए थे. सऊदी अरब नागरिकता अधिनियम के अनुच्छेद 8 में बदलाव के तहत प्रवासी पुरुषों से शादी करने वाली सऊदी महिलाओं के बच्चे नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं. यानी अगर किसी सऊदी अरब की रहने वाली महिला ने किसी विदेशी नागरिक से शादी की है तो उनसे होने वाला बच्चा सऊदी अरब की नागरिकता पाने का हकदार है. हालांकि, इसके लिए भी कुछ नियम हैं. 

  • अगर पिता प्रवासी है तो बच्चों को 18 साल की उम्र के बाद ही नागरिकता मिलेगी.
  • बच्चे का जन्म खाड़ी देशों में ही हुआ हो.
  • उसका चरित्र अच्छा हो और आपराधिक मामले लंबित न हों.
  • बच्चे को अरबी भाषा की अच्छी समझ होनी चाहिए. 

यूएई में काफी कड़े हैं नागरिकता पाने के नियम

अरब देशों में नागरिकता पाने के सबसे कड़े नियम यूएई (UAE) में ही हैं. यूएई का नागरिक बनने के लिए कम से कम 30 साल इस देश में रहना पड़ता है, साथ ही अरबी भाषा भी आनी जरूरी है. अगर यूएई का नागरिक किसी विदेशी मुल्क की महिला से शादी कर लेता है तो बच्चा होने के 7 साल के अंदर महिला नागरिकता के लिए आवेदन कर सकती है, वरना उसे बच्चे का 10 साल होने का इंतजार करना होता है. हालांकि, यूएई ने नागरिकता नियमों में कुछ बदलाव किए हैं, जिसमें आप यहां प्रॉपर्टी खरीदकर भी नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं. 

कतर में यह है नियम

मुस्लिम देशों में कतर की नागरिकता पाना भी बेहद मुश्किल है. यहां नेचुरलाइजेशन पीरियड 25 साल का है. यानी नागरिकता उसी को मिलेगी, जो कम से कम 25 साल कतर में रहा हो. इसके अलावा नागरिकता के लिए आवेदन करने के लिए पेरेंट्स में से किसी एक का कतर में जन्मा होना अनिवार्य है. 

ईरान और इराक में ये हैं नियम

ईरान में राइट ऑफ सॉइल के आधार पर नागरिकता मिल जाती है वहीं नेचुरलाइजेशन पीरियड कम से कम चार साल का है. इराक में भी नागरिकता पाने के लिए यही नियम लागू होते हैं. 

यह भी पढ़ें: इस मुस्लिम देश में मुसलमान लड़कियां दूसरे मजहब में कर सकती हैं शादी, पुलिस देती है पूरी प्रोटेक्शन

प्रांजुल श्रीवास्तव एबीपी न्यूज में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. फिलहाल फीचर डेस्क पर काम कर रहे प्रांजुल को पत्रकारिता में 9 साल तजुर्बा है. खबरों के साइड एंगल से लेकर पॉलिटिकल खबरें और एक्सप्लेनर पर उनकी पकड़ बेहतरीन है. लखनऊ के बाबा साहब भीम राव आंबेडकर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता का 'क, ख, ग़' सीखने के बाद उन्होंने कई शहरों में रहकर रिपोर्टिंग की बारीकियों को समझा और अब मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं. प्रांजुल का मानना है कि पाठक को बासी खबरों और बासी न्यूज एंगल से एलर्जी होती है, इसलिए जब तक उसे ताजातरीन खबरें और रोचक एंगल की खुराक न मिले, वह संतुष्ट नहीं होता. इसलिए हर खबर में नवाचार बेहद जरूरी है.

प्रांजुल श्रीवास्तव काम में परफेक्शन पर भरोसा रखते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचनाओं को पहुंचाने का काम नहीं है, यह भी जरूरी है कि पाठक तक सही और सटीक खबर पहुंचे. इसलिए वह अपने हर टास्क को जिम्मेदारी के साथ शुरू और खत्म करते हैं. 

अलग अलग संस्थानों में काम कर चुके प्रांजुल को खाली समय में किताबें पढ़ने, कविताएं लिखने, घूमने और कुकिंग का भी शौक है. जब वह दफ्तर में नहीं होते तो वह किसी खूबसूरत लोकेशन पर किताबों और चाय के प्याले के साथ आपसे टकरा सकते हैं.

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