मुस्लिमों ने बसाए थे देश के ये 5 शहर, नाम जान लेंगे तो नहीं कर पाएंगे यकीन
इतिहास के पन्नों में यह साफ दर्ज है कि दिल्ली, लखनऊ, आगरा, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे शहर सिर्फ बसाए ही नहीं गए, बल्कि उन्हें इतना विकसित किया गया कि वे पूरी दुनिया में फेमस हो गए.

भारत की धरती दुनिया के सबसे पुराने और समृद्ध इतिहास की गवाह रही है. यहां हर नगर, हर महल और हर गली अपने अंदर एक अनोखी कहानी छुपाए हुए है. हम अक्सर इन शहरों की चमक, इनके बाजार, खाना, इमारतें और संस्कृति देखते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि आज भारत के कई बड़े और प्रमुख शहरों की नींव मुस्लिम शासकों ने रखी थी.
इतिहास के पन्नों में यह साफ दर्ज है कि दिल्ली, लखनऊ, आगरा, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे शहर सिर्फ बसाए ही नहीं गए, बल्कि उन्हें इतना विकसित किया गया कि वे पूरी दुनिया में फेमस हो गए. इनके निर्माता अलग-अलग समय में आए सुल्तान, नवाब और बादशाह थे, जिन्होंने सिर्फ शासन नहीं किया बल्कि ऐसी विरासत छोड़ी जो आज भी हमारे देश की पहचान है. तो आइए जानते हैं भारत के उन 5 प्रमुख शहरों के बारे में जिन्हें मुस्लिम शासकों ने बसाया और इतिहास में अमर कर दिया.
1. नवाबों की नगरी लखनऊ – लखनऊ का इतिहास बड़ा दिलचस्प है. माना जाता है कि इसे नवाबों के शासनकाल में नई पहचान मिली. नवाब सआदत अली खान और बाद में नवाब आसफ-उद-दौला के शासन में लखनऊ को राजधानी बनाया गया. उन्होंने यहां शानदार इमारतें, इमारतों की अनोखी शैली, बड़े बाजार और बेहतरीन सड़कें बनवाईं. यही कारण है कि आज लखनऊ न सिर्फ अपनी तहजीब बल्कि दुनिया भर में मशहूर खाने, विशेषकर टुंडे कबाब, निहारी और सीक कबाब के लिए जाना जाता है. नवाबों ने इस शहर को एक ऐसे सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जिसे आज हम अवध की शान कहते हैं.
2. सदियों पुरानी राजधानी दिल्ली – दिल्ली का इतिहास कई राजवंशों के उत्थान और पतन की कहानियों से भरा है. प्रारंभिक काल में यह पृथ्वीराज चौहान के शासन में थी, लेकिन मुहम्मद गौरी द्वारा पृथ्वीराज की हार के बाद यहां की आबादी कम हो गई और शहर लगभग वीरान हो गया. इसके बाद गौरी के सेनापति कुतुबुद्दीन ऐबक ने दिल्ली के पास एक नया शहर बसाया और जब ग़ुलाम वंश की सल्तनत स्थापित हुई, तो उसने दिल्ली को अपनी राजधानी बना लिया. इसके बाद खिलजी, तुगलक, लोधी और फिर मुगलों ने भी दिल्ली को अपना सत्ता केंद्र बनाया. अकबर के समय तक दिल्ली दुनिया के सबसे जरूरी और बड़े शहरों में गिनी जाती थी. आज भी दिल्ली की गलियों में वह मुगालिया छाप साफ दिखाई देती है. कुतुब मीनार, पुराना किला, लाल किला और जामा मस्जिद इसका प्रमाण हैं.
3. मुगलों का सपना आगरा – आगरा को सुल्तान सिकंदर लोदी ने बसाया था. बाद में जब मुगलों ने भारत पर शासन किया, तब कुछ समय तक आगरा उनकी राजधानी भी रहा. बादशाह शाहजहां ने आगरा को दुनिया का सबसे खूबसूरत शहर बनाने का सपना देखा और उसे साकार भी किया. उनके समय में बनाए गए ताजमहल और लाल किला आज भी आगरा को दुनिया का सबसे फेमस टूरिस्ट प्लेस बनाते हैं. आज आगरा की आबादी लगभग 23 लाख से ज्यादा है और यह भारत का एक बड़ा ऐतिहासिक और आर्थिक केंद्र है.
4. गुजरात की शान अहमदाबाद – अहमदाबाद शहर की स्थापना गुजरात के सुल्तान अहमद शाह ने की थी. उन्होंने अपनी सत्ता स्थापित करने के बाद एक नया, शान से भरपूर शहर बसाया, जिसे आज पूरा देश अहमदाबाद के नाम से जानता है. गुजरात सल्तनत के दौर में यहां कई खूबसूरत मस्जिदें, महल और इमारतें बनाई गईं, जिनकी वास्तुकला आज भी टूरिस्ट को अट्रैक्ट करती है. अहमदाबाद बाद में व्यापार और उद्योग का प्रमुख केंद्र बन गया और आज यह भारत के सबसे विकसित शहरों में अग्रणी है.
5. निजामों का अनोखा शहर हैदराबाद – हैदराबाद की स्थापना कुतुब शाही राजवंश के शासक कुतुबुल मुल्क (कुतुब शाहरु) ने की थी. यह शहर चारमीनार की छाया में बढ़ा और देखते ही देखते दक्षिण भारत का एक विशाल सांस्कृतिक केंद्र बन गया. मुगलों के पतन के बाद निजामों ने हैदराबाद को एक अलग रियासत के रूप में चलाया. निजामों के समय में यह शहर व्यापार, कला, शिक्षा और संस्कृति का केंद्र बन गया. आज भी हैदराबाद अपनी बिरयानी, शानदार इमारतों, आईटी हब और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है.
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Source: IOCL
























