पान मसाला एड मामला: शाहरुख, अजय और टाइगर के खिलाफ चल रही सुनवाई पूरी, 'सिंघम' एक्टर पहुंचे हाईकोर्ट
पान मसाला एड मामले में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के खिलाफ चल रही कार्यवाही पूरी हो गई है. अजय देवगन ने इस केस में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और मामले की अगली सुनवाई अब 4 नवंबर को होगी

महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के खिलाफ 'विमल पान मसाला' के एड को लेकर चल रही कार्यवाही पूरी कर ली है. एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने शुक्रवार को बताया कि जांच में यह सामने आया है कि इन अभिनेताओं ने राज्य के नियमों का उल्लंघन किया है. अब अगले हफ्ते इस मामले को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए भेजा जाएगा. इस बीच अजय देवगन ने मामले को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
एफडीएफ का कहना है कि जांच पूरी हो चुकी है
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक तुकाराम मुंडे ने कहा, "तीनों अभिनेताओं ने जवाब देने के लिए समय मांगा था. असिस्टेंट कमिश्नर ने जांच पूरी कर ली है और पाया है कि उन्होंने 'विमल पान मसाला' के एड मामले में राज्य के नियमों का उल्लंघन किया है. अब कार्यवाही पूरी हो चुकी है और अगले हफ्ते तक इस मामले को जॉइंट कमिश्नर के पास भेजा जाएगा, जो इस मामले में सक्षम अधिकारी हैं." इस मामले की अगली सुनवाई अब 4 नवंबर को होगी.
अजय देवगन बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे
तुकाराम मुंडे ने बताया कि इस मामले को लेकर अजय देवगन बॉम्बे हाई कोर्ट गए हैं. अजय ने दावा किया है कि कारण बताओ नोटिस मनमाना है. उन्होंने आगे कहा कि इसके बावजूद, विभाग जॉइंट कमिश्नर के समक्ष अपनी कार्यवाही जारी रखेगा.
क्या है तीनों अभिनेताओं के खिलाफ पान मसाला एड केस
FDA ने इससे पहले 'विमल इलायची' के एड्स को लेकर तीन अभिनेताओं को कारण बताओ नोटिस भेजे थे. इसमें आरोप लगाया गया था कि यह कैंपेन बैन किए गए मसाला प्रोडक्ट्स के लिए 'सरोगेट विज्ञापन' (इनडायरेक्ट एड) का काम कर रहा था. एफडीए के मुताबिक, यह ब्रांड गुटखा और पान मसाला की बिक्री से जुड़ा था, जो महाराष्ट्र में बैन हैं.
अथॉरिटी ने अभिनेताओं से इन विज्ञापनों के साथ अपने जुड़ाव के बारे में क्लियरिफिकेशन मांगा था और प्रमोशनल कैंपेन को रोकने के लिए कदम उठाने को कहा था. साथ ही, उन्हें ऐसे विज्ञापनों से आगे न जुड़ने की चेतावनी भी दी गई. इसके अलावा, उनसे यह भी पूछा गया कि प्रोडक्ट का प्रमोशन करने के लिए हामी भरने से पहले उन्होंने किस तरह की जांच-पड़ताल (ड्यू डिलिजेंस) की थी.






















