PM ने कहा- जनरल थिमय्या को नेहरू ने किया था बेइज्जत, कांग्रेस बोली- फिर झूठ बोल गए मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया मोदी जी, बेहतर होगा कि आप कागज देखकर पढ़ना शुरू कर दीजिये ताकि इतिहास का आपका ज्ञान ठीक हो सके.

नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जुबानी जंग जारी है. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए इतिहास पढ़ने की नसीहत दी है. रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ''मोदी जी, बेहतर होगा कि आप कागज देखकर पढ़ना शुरू कर दीजिये ताकि इतिहास का आपका ज्ञान ठीक हो सके.'' उन्होंने मोदी के पूर्व के भाषणों का जिक्र करते हुए कहा, ''नालन्दा से लेकर 'श्रीमती सिरिसेना', 'मोहनलाल' से लेकर आज जनरल (के.एस.) थिमय्या के बारे में फिर बड़ी गलती.' सुरजेवाला ने कहा कि जनरल थिमय्या 1948 में सेना प्रमुख नहीं थे.
Modi ji,
Better start reading from a paper to brush up your knowledge of history. Gen Thimayya became Army Chief only on 8th May 1957 and not 1947 as you alleged. V K Krishna Menon was ambassador to UK between 1947-52 & not Defence Minister as you alleged. — Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) May 3, 2018
पीएम मोदी ने क्या कहा था? कर्नाटक के कलबुर्गी में एक चुनावी सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर सेना का अपमान करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था, "कर्नाटक बहादुरी का पर्याय माना जाता है, लेकिन कांग्रेस सरकार ने फील्ड मार्शल करियप्पा और जनरल थिमय्या के साथ कैसा बर्ताव किया? इतिहास इस बात का सबूत है कि 1948 में पाकिस्तान को हराने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरु और तत्कालीन रक्षा मंत्री कृष्णा मेनन ने जनरल थिमय्या की बेइज्जती की थी.''
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह कांग्रेस द्वारा जवानों का अनादर करने पर आश्चर्यचकित नहीं हुए क्योंकि हाल ही में 'वंदे मातरम' गाने के के दौरान उनके नेता के अपनी जगह से खड़े नहीं होने की घटना सामने आई है. पीएम मोदी के इस बयान को गलत ठहराया जा रहा है. दरअसल कृष्णा मेनन साल 1957 में देश के रक्षामंत्री बने थे.
आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और स्वराज इंडिया के संस्थापाक योगेन्द्र यादव ने पीएम मोदी को आड़े हाथों लिया. योगेंद्र यादव ने कहा, ''नहीं सर, कृष्णा मेनन अप्रैल, 1957 से लेकर अक्टूबर, 1962 तक देश के रक्षा मंत्री थे. वहीं जनरल थिमय्या मई, 1957 से मई 1961 तक सेनाध्यक्ष थे. श्रीमान, क्या पीएमओ एक तथ्य चेक करने वाले को भी अफोर्ड नहीं कर सकता है क्या? ये बेहद शर्मनाक है!'' कर्नाटक: सीएम सिद्धारमैया का 'ट्विटर वॉर' जारी, पीएम मोदी पर साधा निशानाNo sir, Krishna Menon was Defence Minister from April 1957 to October 1962. General Thimmayya was Army Chief from May 1957 to May 1961 Sir can't the PMO afford a fact-checker? It's so embarrassing! https://t.co/Kx8DmzID0I
— Yogendra Yadav (@_YogendraYadav) May 3, 2018
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Source: IOCL


















