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Chhattisgarh Election 2023: छत्तीसगढ़ चुनाव में इन 10 सीटों पर होगी कड़ी टक्कर, कई धुरंधरों का भविष्य दांव पर

Chhattisgarh Election 2023 News: छत्तीसगढ़ में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 68 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की थी और 15 साल से कुर्सी पर बैठे रमन सिंह को बाहर का रास्ता दिखाया था.

Chhattisgarh Election 2023 Date: छत्तीसगढ़ में 90 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए चुनाव 7 नवंबर से शुरू होंगे. पहले चरण में 20 सीटों के लिए 7 नवंबर को मतदान होगा. इसके बाद 17 नवंबर को 70 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे. अधिकतर ओपिनियल पोल यहां कांग्रेस के सत्ता में वापस आने का दावा कर रहे हैं, लेकिन बीजेपी अपनी जीत का दावा कर रही है.

दावों में अटकलों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और है. यहां कुछ सीटें ऐसी हैं जहां मुकाबला इतना आसान नहीं होने वाला. इन सीटों पर बेहद करीबी टक्कर होगी और जीत-हार का फैसला बहुत कम अंतर से होगा. यहां हम आपको बता रहे हैं छत्तीसगढ़ कि ऐसी 10 महत्वपूर्ण और बड़ी विधानसभा सीटों के बारे में जहां के नतीजे बहुत कुछ तय करेंगे.

1. पाटन सीट

अभी इस सीट से मौजूदा सीएम भूपेश बघेल विधायक हैं. भूपेश बघेल इस सीट पर 1993 से पांच बार जीत दर्ज कर चुके हैं. उनके खिलाफ बीजेपी ने विजय बघेल को टिकट दिया है, जो वर्तमान में दुर्ग से लोकसभा सांसद हैं और रिश्ते में भूपेश बघेल के भतीजे हैं. दोनों इससे पहले भी दो बार एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं और इसमें एक बार भूपेश बघेल तो एक बार विजय बघेल जीते थे. इस बार भी दोनों के बीच कड़ी टक्कर होगी.

2. राजनंदगांव

राजनांदगांव जिले का यह शहरी निर्वाचन क्षेत्र पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का गढ़ माना जाता है. वह यहां से छह बार विधायक रहे हैं. इन्होंने 2008 से तीन बार जीत हासिल की है. कांग्रेस ने यहां से राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीस देवांगन को टिकट दिया है. इस बार भी इस सीट पर रोचक मुकाबला होने के आसार हैं.

3. अंबिकापुर

उत्तरी छत्तीसगढ़ का यह आदिवासी बहुल निर्वाचन क्षेत्र वर्तमान में उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंह देव के पास है. शाही परिवार के वंशज और तीन बार के विधायक सिंह देव 2008 से इस सीट पर जीत रहे हैं. बीजेपी ने इस हाई-प्रोफाइल सीट पर राजेश अग्रवाल को अपना उम्मीदवार बनाया है.

4. रायपुर शहर दक्षिण

इस शहरी सीट पर प्रमुख भाजपा नेता और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल का दबदबा रहा है, जो 1990 से लगातार सात बार यहां से विधायक रहे हैं. पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस के कन्हैया अग्रवाल से कड़ी चुनौती मिली थी, जिन्होंने अच्छी खासी संख्या में वोट हासिल किए थे, लेकिन जीत नहीं पाए थे. इस बार छत्तीसगढ़ के दूधाधारी मंदिर के महंत रामसुंदर दास कांग्रेस के उम्मीदवार हैं.

5. सक्ती

छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष चरणदास महंत चार बास से इस सीट पर जीत दर्ज कर रहे हैं.  वह कांग्रेस के एक प्रमुख ओबीसी नेता हैं. वह तीन बार लोकसभा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में भी काम कर चुके हैं. इनके खिलाफ बीजेपी ने खिलावन साहू को टिकट दिया है. साहू 2013 के छत्तीसगढ़ चुनाव में इस सीट से जीते थे.

6. कोंटा (ST)

नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में स्थित, यह एसटी-आरक्षित सीट वर्तमान में उद्योग और उत्पाद शुल्क मंत्री कवासी लखमा के पास है, जो राज्य के एक महत्वपूर्ण आदिवासी नेता हैं। लखमा 1998 से लगातार पांच बार कोंटा में विजयी रहे हैं. भाजपा ने उनके खिलाफ सोयम मुका को उतारा है, जबकि सीपीआई-एम ने अपने पूर्व विधायक मनीष कुंजाम को उम्मीदवार बनाया है. यहां त्रिकोणी मुकाबला होने के आसार हैं.

7. कोंडागांव

दक्षिण छत्तीसगढ़ की यह सीट कोंडागांव जिले में आती है. छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम कोंडागांव से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। मरकाम, जिन्हें राज्य कांग्रेस प्रमुख के पद से हटा दिया गया और मंत्री नियुक्त किया गया, का सामना भाजपा मंत्री लता उसेंडी से है, जिन्हें हाल ही में भाजपा के उपाध्यक्ष के रूप में पदोन्नत किया गया था. इससे पहले मरकाम ने 2013 और 2018 दोनों चुनावों में इस सीट से प्रमुख आदिवासी महिला नेता उसेंडी को हराया था.

8. खरसिया

रायगढ़ जिले में स्थित इस निर्वाचन क्षेत्र में ओबीसी समुदाय अघरिया का वर्चस्व है. इस सीट का प्रतिनिधित्व वर्तमान में छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल कर रहे हैं, जो पांच बार जीत चुके हैं. अपने पिता और कांग्रेस नेता नंदकुमार पटेल की मृत्यु के बाद राजनीति में प्रवेश करने वाले पटेल के सामने भाजपा के महेश साहू होंगे.

9. लोरमी

इस सीट पर बीजेपी ने संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवार अरुण साव को मैदान में उतारा है. वह बिलासपुर से लोकसभा सांसद हैं और उन्हें चुनाव से पहले राज्य भाजपा अध्यक्ष बनाया गया था. उनका मुकाबला छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष कांग्रेस के थानेश्वर साहू से है. 2018 में, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (JCC-J) ने इस निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल की.

10. भरतपुर-सोनहत

सरगुजा क्षेत्र की इस सीट पर केंद्रीय जनजातीय मामलों की राज्य मंत्री रेणुका सिंह चुनाव लड़ रही हैं. 2018 में कांग्रेस ने यहां जीत हासिल की. उनका मुकाबला मौजूदा कांग्रेस विधायक गुलाब कमरो से होगा.

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