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IAS Success Story: इंजीनियर से UPSC टॉपर बनने में लग गए चार साल पर आशिमा ने कभी नहीं मानी हार

आशिमा महाजन को यूपीएससी सीएसई परीक्षा में चौथे अटेम्प्ट में सफलता मिली. इसके पहले वे तीन बार प्री परीक्षा में असफल हुईं. जानते हैं उनसे न्यूज पेपर रीडिंग के खास टिप्स.

Success Story Of IAS Topper Ashima Mahajan: आशिमा महाजन ने यूपीएससी परीक्षा पास करने का सपना देखा ग्रेजुएशन के दिनों में और इसे पाने में उन्हें चार साल से ज्यादा लग गए. हालांकि आशिमा ने किसी भी स्थिति में हार नहीं मानी और बार-बार असफल होने के बावजूद प्रयास करती रहीं. अंततः उनकी मेहनत रंग लाई और साल 2016 में अपने चौथे प्रयास में आशिमा ने सफलता हासिल की. इस प्रकार इंजीनियर आशिमा का यूपीएससी टॉपर बनने का सफर पूरा होने में करीब चार से पांच साल का वक्त लग गया. दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिए इंटरव्यू में आशिमा ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए न्यूज पेपर कैसे पढ़ें विषय पर विस्तार से बात की.

आशिमा का बैकग्राउंड –

यूपीएससी परीक्षा पास करना आशिमा का बचपन का सपना नहीं था. वे तो इंजीनियरिंग करके इसी क्षेत्र में कैरियर बनाने की सोच रही थी. कुछ कारणों से ग्रेजुएशन के दिनों में उनका झुकाव इस तरफ हुआ और ग्रेजुएशन पूरा होते ही उन्होंने उसी साल पहला अटेम्प्ट दिया. इस साल उनकी तैयारी भली प्रकार नहीं हुई थी नतीजतन वे फेल हो गईं. हालांकि इस अटेम्प्ट ने उनके इस विचार को और मजबूत कर दिया कि उन्हें अंततः यह परीक्षा ही पास करनी है.

इसी बीच आशिमा का प्लेसमेंट हुआ और उनकी एक अच्छी कंपनी में जॉब लग गई. आशिमा ने वहां करीब डेढ़ साल काम किया और उन्हें अहसास हुआ कि न तो यहां ग्रोथ है और न ही इस काम से उन्हें संतुष्टि मिल रही है. इस विचार के साथ आशिमा ने नौकरी छोड़ी और तैयारी में जुट गईं.

दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिए इंटरव्यू में आशिमा महाजन ने विस्तार से बात की –

शुरुआत ही हुई खराब –

यूपीएससी की तैयारी के लिए आशिमा ने कोचिंग ज्वॉइन कर ली और करीब डेढ़ साल कोचिंग के सहयोग से तैयारी की और इस साल भी उनका चयन नहीं हुआ. काफी समय बीतने के बाद उन्हें अहसास हुआ कि कोचिंग से केवल उनका समय नष्ट हो रहा है दरअसल इस परीक्षा को बिना सेल्फ स्टडी के पास नहीं किया जा सकता. अपने निर्णय को लेकर साफ आशिमा ने कोचिंग छोड़ी और घर पर रहकर तैयारी शुरू की. सेल्फ स्टडी का फायदा उन्हें मिला और अपने चौथे प्रयास में आशिमा ने न केवल प्री परीक्षा पास की बल्कि तीनों चरण क्लियर करके फाइनली सेलेक्ट हुईं.

जिस पेपर को लेकर हों सहेज उसी का करें चुनाव –

आशिमा अपने अनुभव से कहती हैं कि पेपर के चुनाव को लेकर कभी किसी की कही सुनी बातों में न आएं और जिस पेपर को पढ़ने में आप सहज हों उसी का चुनाव करें. कई बार कैंडिडेट्स कुछ पेपर चुन तो लेते हैं लेकिन उन्हें पढ़ने में बहुत कोशिश के बाद भी सफल नहीं हो पाते. यह तरीका सही नहीं है. अगर पेपर पढ़ने के दौरान बार-बार डिक्शनरी देखनी पड़ रही है तो यह तरीका बहुत दिन नहीं चलेगा. इससे आपको फ्लो ब्रेक होता है. इसलिए सभी पेपर ट्राय कर लें लेकिन अपने लिए वही चुनें जिसमें आप कंफर्टेबल हों.

नोट्स बनाते चलें –

आशिमा सही पेपर के चुनाव के बाद दूसरी अहम बात कहती हैं कि पेपर पढ़ने के पहले समय बचाने और केवल जरूरी हिस्सों पर फोकस करने के लिए सबसे पहले सिलेबस देखें. जो हिस्से आपके काम के हों, पेपर में से केवल उन्हें ही पढ़ें. सब कुछ पढ़ेंगे तो बहुत समय बर्बाद होगा. आशिमा कहती हैं कि वे ऐसे कैंडिडेट्स को भी जानती हैं जो दिन के 6 घंटे केवल पेपर पढ़ने में निकाल देते थे. ऐसा करेंगे तो बाकी चीजों के लिए समय नहीं बचेगा.

अगली जरूरी बात है न्यूज पेपर से नोट्स बनाना. वे कहती हैं कि इससे रिवीजन करना आसान हो जाता है. आशिमा कहती हैं यह जितना कठिन लगता है उतना होता नहीं है. उदाहरण के लिए उन्होंने एक रजिस्टर में पॉलिटी, साइंस, एनवायरमेंट करके कॉलम बना लिए थे और एक दिन में मुश्किल से दो प्वॉइंट एक कॉलम के लिए पेपर से निकलते थे, जिन्हें वे वहां लिख लेती थी. इससे आखिर में वे आसानी से रिवाइज कर पाती थी. यह इतना भी कठिन नहीं है.

इस प्रकार अगर आप प्लान करके ठीक से और लगातार न्यूज पेपर पढ़ते रहेंगे तो आपको मुख्य परीक्षा के समय करेंट अफेयर्स की तैयारी में परेशानी नहीं होगी.

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