Jamia Millia Islamia: कितनी पुरानी है जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जहां RSS ने किया अपना शताब्दी कार्यक्रम?
जामिया मिलिया इस्लामिया में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल पूरे होने पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. यह कार्यक्रम जामिया के इंजीनियरिंग फैकेल्टी में एक शैक्षणिक कार्यक्रम में किया गया.

Jamia Millia Islamia: जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी एक बार फिर इन दिनों चर्चा में है. दरअसल कैंपस में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल पूरे होने पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. यह कार्यक्रम जामिया के इंजीनियरिंग फैकेल्टी में एक शैक्षणिक कार्यक्रम में किया गया. इस कार्यक्रम के विरोध में करीब 60 छात्रों ने प्रदर्शन किया और इसे कैंपस के माहौल के खिलाफ बताया.
छात्र संगठनों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों से शैक्षणिक संस्थान के स्वरूप पर असर पड़ता है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे एक शैक्षणिक कार्यक्रम बताया. प्रशासन के अनुसार कार्यक्रम भारतीय ज्ञान, परंपरा, संस्कृति और युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर केंद्रित था, जो जरूरी अनुमति के बाद ही आयोजित किया गया. इस विरोध के बाद से ही जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी एक बार फिर चर्चा में आ गई है और इसे लेकर लोग कई सवाल पूछ रहे हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया कितनी पुरानी है, जहां आरएसएस ने शताब्दी कार्यक्रम किया?
1920 में हुई थी जामिया की स्थापना
जामिया मिल्लिया इस्लामिया की स्थापना 9 अक्टूबर 1920 को हुई थी. यह विश्वविद्यालय ब्रिटिश शासन के दौरान शुरू किए गए शिक्षा सिस्टम के विरोध के रूप में सामने आया था. इसकी शुरुआत अलीगढ़ में हुई थी, जब कुछ शिक्षकों और छात्रों ने औपनिवेशिक शिक्षा व्यवस्था का बहिष्कार करते हुए एक नए संस्थान की नींव रखी. इस संस्थान के पीछे कई प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान रहा, जिनमें मोहम्मद अली जौहर, हकीम अजमल खान, जाकिर हुसैन, मुख्तार अहमद अंसारी और अब्दुल मजीद ख्वाजा जैसे नाम शामिल है.
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गांधी जी के आंदोलन से भी जुड़ा है इतिहास
जामिया की स्थापना सीधे तौर पर असहयोग आंदोलन और खिलाफत आंदोलन से जुड़ी हुई है. महात्मा गांधी ने 1920 में ब्रिटिश संस्थाओं के बहिष्कार का आह्वान किया था. जिसके बाद इस विश्वविद्यालय की नींव रखी गई थी. वहीं स्थापना के कुछ साल बाद 1925 में जामिया को अलीगढ़ से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया. शुरुआती दौर में यह संस्थान आर्थिक संकट से भी जूझता रहा, लेकिन गांधी जी और दूसरे समर्थकों के सहयोग से इसे आगे बढ़ाया गया.
आज देश के टॉप संस्थानों में है शुमार
समय के साथ जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई. आज यह देश के प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालय में गिना जाता है और विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भी अपनी जगह बन चुका है. यहां 40 से ज्यादा डिपार्टमेंट है और कई कोर्स चलाए जाते हैं.
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Source: IOCL



























